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कभी उड़ाते थे औरों का मजाक, आज देश उनका मजाक बना रहा है : राहुल

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पी एम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनको लगर है कि ‘केवल एक ही व्यक्ति देश चला सकता है’ जबकि वास्तिवकता यह है कि लोग इस देश को चलाते हैं। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि मोदी, कभी पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह…

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‘अनफिट’ प्रधानमंत्री को जनता उखाड़ फेंकेगी : मायावती

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने संवाददाताओं से कहा कि जनता ने मोदी को सत्ता से उखाड़ फेंकने का संकल्प कर लिया है। उन्होंने कहा कि मोदी संविधान, कानून और राजधर्म को निभाने में अनफिट मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री रहे हैं। यह सभी ने माना है कि नोटबंदी बड़ा घोटाला…

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पश्चिम बंगाल में हिंसा में BJP का हाथ नहीं : अमित शाह

वेस्ट बंगाल में चुनावी सभा के बीच हुई हिंसा के लिये भाजपा अध्यक्ष ने तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि जबकि भाजपा देश में सभी राज्यों में चुनाव लड़ रही है लेकिन और कहीं तो हिंसा नहीं हुई  जबकि बंगाल में चुनाव के हर चरण में हिंसा का…

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मज़दूर दिवस की समूचे विश्व को बधाई क़लम से गुँजित करें हर दिल में शहनाई

कविता मल्होत्रा मजदूर वर्ग समाज का अभिन्न और महत्वपूर्ण अंग होता है उन्हे यथोचित सम्मान देना प्रत्येक ज़िम्मेदार नागरिक का फर्ज़ है। मजदूर दिवस उस श्रमिक वर्ग को समर्पित है जो अपना खून-पसीना बहा कर अथक परिश्रम कर के देश की प्रगति में अपना अमूल्य योगदान देते हैं। विश्व भर…

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जो भी होगा, अच्छा ही होगा

संपादक : मनमोहन शर्मा ‘शरण’ लोकतन्त्र् का महापर्व देश में लोकसभा चुनाव चल रहे हैं । अंतिम चरण चल रहा है । इस बार नेताओं ने अपने–अपने भाषणों में कितनी बदजुबानी की, अनेक बार चुनाव आयोग को भी नोटिस भेज–भेज कर हस्तक्षेप करना पड़ा । एक दूसरे पर व्यक्तिगत आरोप…

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राष्ट्रकविः रामधारी सिंह दिनकर

पुण्यतिथि 24 अप्रैल  पर विशेष (जन्मः 23 सितम्बर 1908        देहान्तः 24 अप्रैल 1974) *लाल बिहारी लाल आधुनिक हिंदी काव्य में राष्ट्रीय सांस्कृतिक चेतना का शंखनाद करने वाले तथा युग चारण नाम से विख्यात । दिनकर जी का जन्म 23 सितम्बर 1908 ई0 को बिहार के तत्कालीन मुंगेर(अब बेगुसराय) जिला के सेमरिया घाट…

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शेर शाकाहारी हुआ

हीरैंद्र चौधरी ” जापानी “ जंगल में एक अचंभा भारी हुआ जंगल का राजा शाकाहारी हुआ। ना जाने कैसे उसका ईमान बदला मासाहरी से शुद्ध शाकाहारी हुआ। नया नया फरमान फिर जारी हुआ कोई नहीं खाएगा मांस जंगल में जानवरों के दिल का बोझ हल्का हुआ। एक खुशी सी छा…

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जागृति पर्व– डा. भीमराव अम्बेडकर जयन्ति (14 अप्रैल)

‘शिक्षित बनो! संगठित रहो! संघर्ष करो!‘ यह महामंत्र् जिस महान व्यक्तित्व ने भारतीयों को दिया–वेे डा–ॅ भीमराव अम्बेडकर थे, जिनकी जयन्ति भारत के कोने कोने में बडी धूमधाम से मनाई जाती है । बाबा साहब का जन्म बैसाख प्रतिप्रदा संंवत् 1946 तदानुसार यानी 14 अप्रैल, 1891 को मऊ, मध्य प्रदेश…

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हमारी भी सुनो भाई…………. मायापुरी के बेहाल /परेशान व्यापारियों की आवाज़

पूरे देश में लोकसभा चुनाव को लेकर चुनावी माहौल है । पार्टियों की जगह–जगह रैलियां होना स्वाभाविक है ।  सभी पार्टियाँ अपने को कमतर कतई नहीं मानती । दूसरे को कमतर बताना और अपने को श्रेष्ठ साबित करने के लिए स्वप्न जाल बुनकर जनता की भलाई के दृष्टिकोण से उसे…

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भारत के कण कण में बसा रामनवमी त्योहार

पौराणिक कथानुसार अयोध्या के प्रतापी राजा दशरथ की कोई संतान नहीं थी,इसलिए उन्होंने ऋषि वशिष्ठ से संतान प्राप्ति का मार्ग  पुछा।ऋषि वशिष्ठ ने उन्हें संतान प्राप्ति के लिए पुत्र कामेष्टि यज्ञ करवाने को कहा।अतः राजा दशरथ ने महर्षि ऋष्यस्रिंग को यज्ञ करने के लिए आमंत्रित किया। यज्ञ पूरा होने के…

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प्रचार प्रसार का सशक्त माध्यम

राष्ट्रीय पाक्षिक समाचार पत्र ‘उत्कर्ष मेल’ तथा न्यूज़ पोर्टल ‘उत्कर्ष मेल’ में सदस्यता, विज्ञापन, प्रचार प्रसार के लिए संपर्क करें सोशल मीडियल, प्रिंट मीडिया, इ पेपर , के माध्यम से छोटे से सहयोग से बहुत ही विशाल नेटवर्क में आपकी उपस्तिथि हो जाएगी / जाती है . संपर्क करें editor.utkarshmail@gmail.com…

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रिजल्ट का डर और बोझ कब तक संभालें बच्चे

सुशील शर्मा एक बच्ची जो बहुत गरीब परिवार से थी सरकारी स्कूल में पढ़ती थी बहुत ज्यादा होशियार नहीं थी ,घर का वातावरण भी ऐसा नहीं था की कोई उसे उत्साहित करे ,घर के सारे काम भी उसे ही करने पड़ते थे आखिर कैसे भी करके उसने 10 बोर्ड की…

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सफर झूठ से हकीकत का

लोग हासिल कुछ इस तरह से भी मुकाम करते हैं अपनों को डुबा कर के, दरिया पार करते हैं। जीत पर ही नहीं हम हार पर भी नाज करते हैं हम कायर नहीं जो पीठ पीछे वार करते हैं। छुपाते चाहते नफरत तो सरे आम करते हैं फर्ज इन्सानियत का…

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अन्धकार को मत धिक्कारें , अच्छा हो एक दीप जलाएं

लोकसभा के चुनाव चल रहे हैं, जो सात चरणों में होने निश्चित हुए थे.  6 चरणों के चुनाव हो चुके हैं, हजारों उमीदवार की किस्मत ईवीएम में बंद हो गयी है, जिसका खुलासा 23 मई को हो जायेगा .  जब तक ईवीम बंद है सभी अपने अपने पक्ष में निर्णय…

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नांच नचाते नेता

पहले  सेवक  बनते नेता । शुद्ध भाव के दिखते नेता । 1 आया देखो मौसम ऐसा । घर – घर जा  रहें हैं नेता । 2 उत्सव का  माहौल बना है । गली – गली में दिखते नेता । 3 पिछली बार थे निर्धन दिखते । बन  गए  करोड़पति  ये …

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ग़ज़ल

दिल से गर आह  निकलती  है निकल  जाने दे। कैसे  भी  गम  की  ये  चट्टान  पिघल  जाने  दे। ज़िंदगी से हटा  ले गम को  कुछेक पल के लिए, मेरे  इस  दिल  को  जरा  सा  तो  बहल जाने दे। मैंने    माँगी   हैं   अपनी    मुस्कुराहटें   जिससे, वो  कह  रहा  है   जरा  वक़्त  …

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‘जीने की जिजीविषा’

दिखाई पड़ती है झलक कुछ हल्की सी उम्मीदों से भरी टोकरी की वही झलक हौले से हवा दे जाती है जज़्बातों की रोशनी को जैसे किसी खिड़की की हल्की सी झीरी से झांकती है रोशनी खिड़की पूरी खुल जाती है हौसलों की हवा से मंज़िल पाने की चाहत में हौसलों…

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मुहब्बत करने वालों में गदर देख लेना

मुहब्बत करने वालों में गदर देख लेना । आँधी औ तूफाँ का कहर देख लेना ।। जिंदगी की कशमकश में मुकद्दर आजमाने वालों । तुम अपनों के मुँह में ज़हर देख लेना ।। अगर हौसला टूट जाये मुहब्बत करने वालों । तुम समन्दर में उठती लहर देख लेना  ।। जब…

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पुष्प

खिलते हुए पुष्प माध्यम हैं प्रसन्नता का। धरती की सुंदरता का, मन की शांति का। ये मुरझाये तो वीरान हो जाएंगे, मंदिर, मन, सेज, धरती, हम और आप। इनको चढ़ना है सदैव ईश्वर के चरणों में, शहीदों के शव पर। तिरंगे की शोभा बढ़ाकर। मांगलिक कार्य की शुरुआत करके। इससे…

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अध्याय जीवन का,

*जीवन  के  इस  अध्याय  में,* अल्पविराम सी  बाधाएँ कई, मत  सपनो  को  तू विराम दे, कैसे भी उनको पूरा करना है, करता चल नित प्रयत्न यूँ ही। *जीवन  के  इस  अध्याय  मे,* प्रताड़ित  करते  शब्दो   की आएंगी नित पीड़ाएँ दर्द भरी, मत  घबरा  तू  पीड़ाओं  से, करता चल नित प्रयत्न…

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“मुक्तक “

नैन कटीले कजरा तोरे या तेरा श्रृंगार लिखूँ लिखूँ चाँद सा चेहरा या गले का तेरे हार लिखूँ रूप कुमुद्नी के जैसा चाल हिरन सी मतवाली लिखूँ मैं जीवन या फिर तुझको मैं अपना संसार लिखूँ ।                            “2” सौगन्ध राम की कब तक खाओगे बताओ तो नेताजी मुददों से…

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