नांच नचाते नेता

पहले  सेवक  बनते नेता ।

शुद्ध भाव के दिखते नेता । 1

आया देखो मौसम ऐसा ।

घर – घर जा  रहें हैं नेता । 2

उत्सव का  माहौल बना है ।

गली – गली में दिखते नेता । 3

पिछली बार थे निर्धन दिखते ।

बन  गए  करोड़पति  ये  नेता । 4

हाथ जोड़  पहचानें सबको ।

अच्छा अभिनय करते नेता । 5

बिन बोले सबसे ये बोलें ।

जीत  मिले  न  बोलें नेता । 6

मतदाता कठपुतली भइया ।

हमको   नांच   नचाते  नेता । 7

* स्वरचित –

रवीन्द्र जुगरान , दिल्ली

Author: admin

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