मुझे भी पढ़ लो

सोनाली सिंघल

मैं एक किताब हूँ
हर किसी के सवालों का जवाब हूँ
बोलों क्या जानना चाहते हो तुम
तुम्हारे हर सवाल का जवाब है मेरे पास
हिम्मत हो तो सुनकर देखो
छुपे हैं मुझमें ऐसे गहरे राज़
ज्ञान का भंडार हूँ मैं
जीवन का शृंगार हूँ मैं
गौर कीजिए ज्ञान देने वाला और मन से उसे लेने वाले
दोनों ही समान होते हैं
पर जीवन में इस ज्ञान को जो उतार कर चले
वास्तव में वे ही महान होते हैं
इसलिए मुझमें अपनी रुची बढ़ाओ
इस ज्ञान के अनुभव से इस सृष्टि को रचाओ
अच्छा क्या होता है बुरा किसे कहते हैं सब समझ जाओगे तुम
और मुश्किलों का सामना कैसे करना चाहिए सब सीख जाओगे तुम
ज्ञान से बड़कर नहीं है कोई परिधन
कितना भी सजा लो इस माटी के पुतले को
सब समझ आ जाएगा त्यागो गे जब प्राण।

Author: admin

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