दिल ये लाचार पड़ा है दवा नहीं करते

दिल ये लाचार पड़ा है दवा नहीं करते
ठीक हो जायेगा जल्दी ,दुआ नहीं करते

देते हो रोज़ परिंदों को तो पानी भी मगर
क्यों भला कैद से इनको,रिहा नहीं करते

पता तो था ही नहीं मर्म इस खामोशी का
प्यार करते हैं जो दिल से ,कहा नहीं करते

बस इसी बात को सबसे सदा में कहता हूं
दिलों को जोड़ने वाले ,दगा नहीं करते

आज रोने दे इस “आदर्श”को भी जी भरकर
सूख जाएं न ये आंसू ,बहा नहीं करते

आदर्श दुबे “सागर”

Author: admin

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