चाहा था जिसे मैंने दिल से दिलरूबा तू नहीं

चाहा था जिसे मैंने दिल से दिलरूबा तू नहीं।
चाहा था जिसे मैंने दिल से दिलरूबा तू नहीं।
पाया था बड़ी मुश्किल से दिलरूबा तू नहीं।
चाहा था जिसे मैंने

वो थी ताजा एक ग़ज़ल, चेहरा उसका था कमल।
गेसू बिखरे बिखरे, करती दिल मैं हलचल।
वो थी ताजा एक ग़ज़ल, चेहरा उसका था कमल।
गेसू बिखरे बिखरे, करती दिल में हलचल।
चाहा था जिसे मैंने दिल से दिलरूबा तू नहीं।
पाया था बड़ी मुश्किल से दिलरूबा तू नहीं।
चाहा था जिसे मैंने

महका महका था बदन, उलझे उलझे थे नयन।
हुस्न था जादू भरा, मैं हुआ कैसा मगन।
महका महका था बदन, उलझे उलझे थे नयन।
हुस्न था जादू भरा, मैं हुआ कैसा मगन।
चाहा था जिसे मैंने दिल से दिलरूबा तू नहीं।
पाया था बड़ी मुश्किल से दिलरूबा तू नहीं।
चाहा था जिसे मैंने

वो अगर पास नहीं, उसकी यादें हैं अभी।
तुझको समझाऊँ मैं क्या, तू समझती है नहीं।
वो अगर पास नहीं, उसकी यादें हैं अभी।
तुझको समझाऊँ मैं क्या, तू समझती है नहीं।
चाहा था जिसे मैंने दिल से दिलरूबा तू नहीं।
पाया था बड़ी मुश्किल से दिलरूबा तू नहीं।
चाहा था जिसे मैंने

कैलाश चन्द्र यादव
गीतकार फिल्म इण्डिया

Author: admin

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