मतदाता जागरूक है,सजग है,सचेत है

डॉक्टर सुधीर सिंह

अमर्यादित भाषा  जनप्रतिनिधि बोलते हैं,
वाणी व व्यवहार में कहीं कोई लगाम नहीं.
आम चुनाव में मौसम की उष्णता बढ़ गई,
आरोप-प्रत्यारोप  में कहीं  कोई कमी नहीं.

मतदाता जागरूक है,सजग और सचेत है;
जनता  को  बरगलाना  अब  आसान नहीं.
प्रत्येक उम्मीदवार पर  जनता की नजर है,
नेता के चरित्र से  कोई अब  अनजान नहीं.

राष्ट्रीय संपत्ति  का  सदा ही  सदुपयोग हो,
किसी की  तिजोरी  का  वह अंग बने नहीं.
भ्रष्टाचार और कालाधन का जो पोषक हो,
वैसे उम्मीदवार को जनप्रतिनिधि चुने नहीं.

इस महान देश में कोई बेरोजगार  रहे नहीं, 
आमआदमी चाहता है गरीबी का उन्मूलन.
संपूर्ण संसार का सशक्त भारत नेतृत्व  करे,
सुसंसदीय व्यवस्था का मतदाता करे चयन. 

Author: admin

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