सिक्के

डॉक्टर सरोजिनी प्रीतम

अध्यापिका ने छात्रों को

सोलह आने सच का मुहावरा

जब बार बार समझाया

’आने‘ के पुराने सिक्के के बारे में बतलाया

तोे ’आने के सिक्के-जाने के सिक्के‘

कह-कह कर छात्र हंसे

सिर पीटकर अध्यापिका बोली

’छोडो यह मुहावरा

वे सोलहों आने तो खर्च हो चुके।‘

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