शेर शाकाहारी हुआ

हीरैंद्र चौधरी ” जापानी “

जंगल में एक अचंभा भारी हुआ
जंगल का राजा शाकाहारी हुआ।
ना जाने कैसे उसका ईमान बदला
मासाहरी से शुद्ध शाकाहारी हुआ।
नया नया फरमान फिर जारी हुआ
कोई नहीं खाएगा मांस जंगल में
जानवरों के दिल का बोझ हल्का हुआ।
एक खुशी सी छा गई जंगल में
हर जानवर कूद रहा फुदकता हुआ।
जंगल में एक अचंभा भारी हुआ।
अब डर ना सताएगा किसी को
अब कोई ना खाएगा किसी को
मंगल ही मंगल होगा जंगल में
ना द्वेष ना ईर्ष्या होगी किसी दिल में।
परिवर्तन राजा की प्रजा में भारी हुआ
जंगल का राजा शाकाहारी हुआ।
एक घाट पर पानी पिएंगे सब
डर अब किसी को ना सताएगा
हर जानवर आराम से अब
अपनी प्यास भुझा के जाएगा।
चैन की नींद सो सकेगा अब वो
भय ,चिंता मुक्त हो जाएगा।
मदद करेंगे सब एक दूसरे की
प्यार नफ़रत से भारी हो गया
जंगल का राजा शाकाहारी हो गया।
जंगल में अचंभा भारी हो गया।
हीरैंद्र चौधरी ” जापानी “

Author: admin

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