Latest Updates

साबरमती के संत

अब तो रह-रह के राजघाट कसमसाने लगा,               मुझको साबरमती के संत तू याद आने लगा। गूंथ कर हार भ्रष्टाचार के गुलाबों का, तेरी तस्वीरों पै बेखौफ डाला जाने लगा। तेरे चित्रों से छपे कागजों के टुकड़ों पर, बड़े बड़ों का भी ईमान बेचा जाने लगा। पहले कातिल बने फिर…

Read More

टनल में फंसे मजदूरों को जातिवाद का फायदा क्यों नहीं मिला  …!

उत्तरकाशी  टनल में फंसे मजदूरों के जगह अगर यहीं 41 वीआईपी लोग एलीट क्लास  अथवा पिछड़े और दलित नेता टाईप के होते और वे ऐसे ही कहीं फंस जाते तो सदन के दलित नेता और मीडिया क्या करता ? पूरा देश सर पर उठा लेता।  बोलने का मतलब है सरकार से सवाल करना  मीडिया ने…

Read More

बिहार चुनाव : कब मिलेगी बिहार को अराजकता से आजादी…

पंकज सीबी मिश्रा / राजनीतिक विश्लेषण एवं पत्रकार जौनपुर यूपी बिहार को अराजकता से आज़ादी कब ! यह प्रश्न हर उस व्यक्ति के जहन में है जो लालूराज का बिहार देखा है। आज यह आजादी जैसा महत्वपूर्ण स्लोगन किस बुनियाद पर बना है और कहां, जो आज लगभग बहुत से जगह पर इस्तेमाल होता है।…

Read More

बजट

बजट के माध्यम से बढेगी गरीबों,मजदूरों, किसानो और महिलाओ की शक्ति सभी क्षेत्रों में योजनाओं से होगी वृद्धि राष्ट्र की बढेगी आर्थिक समृद्धि । अमीरो की हाय-हाय गरीबों का सौभाग्य अतिरिक्त टैक्स चार प्रतिशत गरीबों के लिए लाएगा अनेक वित्तीय उपहार। टेक्स स्लैब में बदलाव नहीं पाँच लाख आमदनी वालो को टैक्स देने का अधिकार…

Read More

यादगार होली

मंजू लता (राजस्थान) किशोर को होली के पर्व से बहुत डर लगता है। होली के रंग-गुलाल से घृणा का जो सबक बचपन में दिया गया था, शायद उसी कारण उसे होली से नफ़रत है। टीवी, अखबार और पूरे वातावरण में फागुनाहट की मस्ती तारी है। लोग होली की तैयारियों में मशगूल हैं। इस दिन तमाम…

Read More

जय भोले शंकर

भोले शंकर अबके सावन में अपने पास बुलाना। दिल में जगह न दो तो अपने पैरो में जगह बनाना।। शीश तुम्हारे चरणो में रख मेरा जीवन कट जाए। सर पर हाथ रहे तुम्हारा तो हर संकट कट जाए।। जब जब शंकर नाम तुम्हारा मेरे मुख पर आए। मन से लेकर अंतर्मन तक सब पवित्र हो…

Read More

भीमराव आंबेडकर

भीमराव महान, बने संविधान निर्माता। जनक संविधान के, देश भाग्यविधाता। दिया गणराज्य हमें, नया भारतबनाया। बने सर्वेसर्वा हम, नया कानून बनाया।। स्त्री पुरुष में भेद नहीं, सम अधिकार दिलाया । दी समानता की शिक्षा, ज्ञान प्रकाश फैलाया। दलित, शोषित,पिछड़ों खातिर जी जान लगाई। एकता का पाठ पढ़ाया ,नई पहचान कराई।। “शिक्षा” शेरनी का दूध, जो…

Read More

तेरी रचना का ही अंत हो न

(कविता मल्होत्रा) कैसी विडँबना है, हर कोई अपनी-अपनी स्वार्थ सिद्धि की चाहत लिए अपना स्वतंत्र आकाश चाहता था और आज अधिकांश लोगों को दो गज ज़मीन भी नसीब नहीं हो रही। अभिव्यक्ति की आज़ादी वाले देश में तमाम सीमाएँ लाँघने वाली समूची अवाम का अपनी भाषा पर ही अधिकार नहीं रहा, जो निशब्द होकर कोष्ठकों…

Read More

रीवा की बेटी डॉ अरुणा पाठक आभा को मिला “अटल रत्न सम्मान”

लखनऊ पत्रकारों के राष्ट्रीय संगठन प्रिंट मीडिया वर्किंग जर्नलिस्ट एसोसिएशन के तत्वाधान में आजादी के 75 वी वर्षगांठ हुआ, अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में, प्रधानमंत्री राष्ट्र धर्म के पूर्व संपादक भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेई जी के 98 जन्म दिवस के शुभ अवसर पर, दीनदयाल उपाध्याय नगर हजरतगंज लखनऊ में आयोजित, सम्मान समारोह में…

Read More

गांठे अंतर्मन की

जब से रेनू के देवर का रिश्ता तय हुआ था, रेनू के व्यवहार में एकदम परिवर्तन आ गया। देवरानी के लिए हो रही तैयारियों को देखकर उसके मन में जलन उत्पन्न होती। हर वक्त अपने समय की तुलना करती। घर में कलेश तक काटने लगती। उसका पति शाम को थका हारा घर आता। रेनू उसे…

Read More