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वर्द्धमान प्ले स्कूल ने मनाया स्थापना दिवस

नई दिल्ली। वर्द्धमान प्ले स्कूल, सीताराम बाजार, चावड़ी बाजार दिल्ली ने सांस्कृतिक कार्यक्रम करके स्थापना दिवस मनाया। श्रीमती सीमा शर्मा गैर राजनीतिक संस्था लक्ष्मीबाई ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की प्रमुख मुख्य अतिथि रही वही भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन संस्थापक नितेश भार्गव और प्रिंसिपल मीनाक्षी भार्गव ने किया।

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प्लास्टिक छोड़े जीवन से नाता जोड़े-  लाल  बिहारी लाल

++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++दुनिया में 128 देश पहले ही प्लास्टिक थैलियों पर प्रतिवंध लगा  चुके है। भारत भी इस कड़ी में सुमार हो गया है। जहां 2 अक्टूबर 2019  से सिंगल यूज प्लास्टिक बैन हो गया है।  इसकी घोषणा लाल किले से प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त 2019 को की थी हालाकि पिछले दो दशक से इस पर बातचीत चल रही थी  लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर एक्शन…

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HAPPY MOTHER’S Day

KINDERJOY Playway School, Children’s celebrated MOTHER’s DAY. School situated at Janakpuri D-1, New Delhi-110058 Right from the start, you were the one who nurtured me, prayed over me, worried about me, guided me and supported me in every pursuit. Thank you for being there every day with just the love I needed. Kinderjoy wishes all…

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महात्मा गांधी आजादी के 75 साल बाद भी  प्रासंगिक है

लाल बिहारी लाल मुगल साम्राज्य से जब सत्ता अंग्रैजो के हाथ में गई तो पहले अंग्रैजों का व्यापारिक उदेश्य था पर धीरे-धीरे उनका राजनैतिक रुप भी सामने नजर आने लगा। और वे अपने इस कुटिल चाल में कामयाब भी हो गये । धीरे–धीरे उनके क्रिया-कलापों के प्रति जनमानस में असंतोष की भावना पनपने लगी इसी…

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मानसिक स्वास्थ्य के प्रति रहें सचेत

तनाव, चिंता और दुःख जैसी अनेक भावनाओं का हम सभी अनुभव करते हैं, और अधिकांश समय ये भावनाएं जल्दी से समाप्त भी हो जाती हैं लेकिन कुछ लोगों के लिए यह भावनाएँ अधिक जटिल बनी रहती हैं और जीवन की गुणवत्ता को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती हैं। तब इसका निदान करना जरूरी हो जाता…

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सादा जीवन

त्याग दे हाय !हाय !को  और की लालसा तेरी  दुखी करेगी जीवन तेरा  जितना है सब्र कर उसमें  और की चाहत का फेर  जो है जाएगा उससे भी  रहना अगर सुखी है सदा जीवन अपना ले  जितना सादा जीवन  उतने रहोगे खुश  धन के चक्कर में  शरीर से हाथ धो लोगे  होगा सादा जीवन तो…

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जीवन की गतिशीलता के आनंद का उत्सव :मकर संक्रांति

संक्रान्ति का अर्थ है, ‘सूर्य का एक राशि से अगली राशि में संक्रमण (जाना)’। एक संक्रांति से दूसरी संक्रांति के बीच का समय ही सौर मास है।इस दिन, सूर्य मकर रेखा (दक्षिणायन) से कर्क रेखा (उत्तरायण) की ओर बढ़ता है।पूरे वर्ष में कुल 12 संक्रान्तियां होती हैं। लेकिन इनमें से चार संक्रांति मेष, कर्क, तुला…

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“कलबूत” – वंदना गर्ग

अरे वाह! आ गई आपवेलकम! वेलकम!कुशन की टेक लगाकर आराम से बैठीऐ (मनोवैज्ञानिक ने मुस्कुराते हुए आदर भाव से कहा)मैं चाय वाय का इंतजाम करती हूं, मौसम भी अच्छा हुआ है,सच्च पूछो तो मॉनसून की बात ही अलग होती है, है ना!क्या कहती हैं आप?हां बिलकुल , ठीक कहा!हर मौसम का लुत्फ ही अलग होता…

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बंकिमचंद्र के जन्मदिन पर अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन

भारतीय स्वतंत्रता काल में क्रांतिकारियों का प्रेरणास्रोत -‘वंदे मातरम्’- जो 1937 में भारत का राष्ट्रगीत बन गया, जिसके रचयिता बंग्ला भाषा के प्रख्यात उपन्यासकार एवं कवि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के जन्मदिन पर “अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” (साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था) के तत्वावधान में संस्था के अध्यक्ष श्री देवेंद्र नाथ शुक्ल एवं महासचिव डॉ. मुन्ना लाल प्रसाद के संचालन…

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तलाक है या है ये बिदाई

हरफ – हरफ हिसाब लगाकर सब ले गई थी तुम अपना| ये मेरा हुआ, ये तुम्हारा बनता है इतना। फिर भी छोड़ गई देखो सामान कितना| इतना कि हर पल, हर कदम अपने ही घर में ठोकर खाकर गिरता हूँ में| यूंकि तुम याद न आओ इसलिए आँखें मूँदें फिरता हूँ मैं। सिंगार के निशां…

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