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कॉकरोच से क्रांति तक

डिजिटल युग में लोकतांत्रिक असहमति का नया स्वर – डॉ. प्रियंका सौरभ भारतीय लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करने के तरीके समय के साथ बदलते रहे हैं। कभी स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान सत्याग्रह और धरने राजनीतिक प्रतिरोध के प्रमुख माध्यम थे, तो कभी साहित्य, रंगमंच और पत्रकारिता ने सत्ता से सवाल पूछने का कार्य किया। इक्कीसवीं…

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दर्द ए आरक्षण (सुनील शर्मा)

लोकतंत्र में राजतंत्र का ही पलड़ा भारी है!कोई भी हो सत्ताधारी वोटों का व्यापारी है!!रोजगार के चक्कर में सड़कों पर युवा भटकते हैं!जब भी हक की बात करो आंखों के बीच खटकते हैं!!पढ़ लिख कर जो ख्वाब थे देखें सारे चकनाचूर हुए!कुछ आरक्षण की चक्की में पीसने को मजबूर हुए!!राजतंत्र के आगे देखो लोकतंत्र ही…

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भारतीय राजनीति में आज भी प्रासांगिक एव अद्वीतीय है महात्मा गांधी (पुण्य तिथि-30 जनवरी पर विशेष)

लाल बिहारी लाल भारत में सत्ता दिल्ली सलतनत से मुगल साम्राज्य फिर मुगल से जब सत्ता अंग्रैजो के हाथ में गई तो पहले अंग्रैजों का व्यापारिक उदेश्य था पर धीरे-धीरे उनका राजनैतिक रुप भी समने नजर आने लगा। और वे अपने इस कुटिल चाल में कामयाब भी हो गये । धीरे –धीरे उनके क्रिया-कलापों के…

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आर्य समाज मधुबनी बिहार का शताब्दी समारोह

साधना पथ , (प्रथम भाग) पुस्तक का विमोचन         निर्णय ग्रंथों के प्रणेता, मिथिला विभूति, आर्य समाज के प्रकांड विद्वान् पण्डित शिव शंकर शर्मा काव्य तीर्थ जी से  प्रभावित होकर दरभंगा जिले के कमतौल ग्राम में आर्य समाज की स्थापना हुई थी। आर्य समाज कमतौल के प्रधान जी मधुबनी जिले के श्री त्रिवेणी लाल जी के…

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अलविदा “अंग्रेज़ों के ज़माने के जेलर” — असरानी को भावभीनी श्रद्धांजलि

गोवर्धन असरानी, जिन्हें हम सब प्यार से असरानी कहते थे, भारतीय सिनेमा के सबसे प्रिय हास्य अभिनेता थे। उनके अभिनय में विनम्रता, सादगी और अद्भुत हास्य का संगम था। शोले के “अंग्रेज़ों के ज़माने के जेलर” से लेकर गोलमाल, बावर्ची और चुपके चुपके तक, उन्होंने हर किरदार में जीवन की सच्चाई दिखायी। युवा हों या…

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हरियाणा सरकार के बाबा बंदा सिंह बहादुर की स्मृति में स्मारक निर्माण की दिशा में बढ़ते कदम

मृत्यु एक अटल सत्य है, लेकिन ऐसे कम ही होते हैं जो शोषितों के अधिकारों और न्याय के लिए संघर्षपूर्ण जीवन जीते हुए किसी भी बलिदान के लिए तैयार हो जाते हैं। ऐसे ही एक योद्धा लक्ष्मण दास/माधोदास (बाबा बंदा सिंह बहादुर) का जन्म 27 अक्टूबर 1670 को राजौरी (जम्मू-कश्मीर) में राम देव के घर…

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आतंकवाद के जड़मूल नाश से पूर्व यह’ ऑपरेशन सिन्दूर’ रुकेगा नहीं : मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (संपादक)

22 अप्रैल को हुआ पहलगाम (जम्मू कश्मीर में) हमला जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। उन परिवारों को या कहें पूरे देशवासियों को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया जो जीवन भर दर्द का अहसास कराता रहेगा किन्तु उन परिवारों के साथ पूरे देश की जनता की आवाज एक सुर में उठने…

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पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों पर भारत ने की एयर स्ट्राइक (ऑपरेशन सिन्दूर)

भारत ने पहलगाम में पाकिस्तान के आतंकी हमले का बदला लेते हुए पाकिस्तान में ऑपरेशन शुरू कर दिया है। इस ऑपरेशन में भारत ने पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किये गये हैं। पहलगाम हमले का बदला भारत ने पाकिस्तान और पीओके में एयर स्ट्राइक से लिया है। भारतीय सेना ने भी नौ…

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श्री चौरासिया ब्राह्मण समाज समन्वय समिति के व्दारा‌ ‘राष्ट्रीय प्रबुद्ध ब्राह्मण‌ महासम्मेलन‌’ का सफल आयोजन

नयी दिल्ली; श्री चौरासिया ब्राह्मण समाज समन्वय समिति द्वारा आयोजित “राष्ट्रीय प्रबुद्ध ब्राह्मण सम्मेलन” कल यानि 23 मार्च 2025 को एनडीएमसी सभागार, 15 संसद मार्ग, नई दिल्ली में परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनंत श्री विभूषित स्वामी देवादित्यानंद जी महाराज की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। सर्वाधिक प्रतिष्ठित व्यक्तियों में, द्वापरयुग में श्री द्रोणाचार्य जी व्दारा…

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धरती पर लौटीं सुनीता विलियम्स: एक ऐतिहासिक वापसी

(सुनीता विलियम्स की उपलब्धियाँ न केवल भारतीय वैज्ञानिकों बल्कि देश के युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं।) सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की धरती पर सुरक्षित वापसी एक बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि मानी जा रही है। वे जून 2024 में बोइंग के “स्टारलाइनर” मिशन के तहत अंतरिक्ष गए थे, लेकिन तकनीकी खामियों के चलते…

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अनुराधा प्रकाशन, नई दिल्ली द्वारा ‘पुस्तक लोकार्पण, काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह’ का भव्य आयोजन

7 दिसम्बर 2024, गांधी शान्ति प्रतिष्ठान, दीन दयाल उपाध्याय मार्ग, नई दिल्ली में अनुराधा प्रकाशन, नई दिल्ली द्वारा ‘पुस्तक लोकार्पण, काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया। आयोजन के मुख्य अतिथि महर्षि यूनिवर्सिटी के महानिदेशक, अनुराधा प्रकाशन के मुख्य संरक्षक प्रोफेसर (ग्रुप कैप्टेन) ओ पी शर्मा जी, अति विशिष्ट अतिथि अन्तर्राष्ट्रीय गीतकार,…

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कितना बदल गया इंसान’ (सम्पादकीय)

संपादक मनमोहन शर्मा ‘शरण’ अक्टूबर माह का प्रारंभ भारत की दो महान विभूतियों की जयंती से हो रहा है। 2 अक्टूबर एक और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती दूसरी ओर सादा जीवन उच्च विचार की सर्वोत्तम मिसाल भूतपूर्व प्रधानमंत्री लालबहादूर शास्त्री जी की भी। तिथि दो महानविभूतियाँ भी दो, जिन्होंने ना सिर्फ भारत अपितु…

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अबकी बार हुए न पार

जी हाँ, अबकी बार 400 पार का नारा इतनी पहले से और आखिरी वोटिंग तक दिया जाता रहा मेन मीडिया जिसको कुछ लोगों द्वारा गोदी मीडिया भी कहा जाने लगा है, ने भी बढ़ चढ़कर समर्थन किया और नारे की आवाज को बुलन्द करने में अपनी भूमिका निभाई। समाचार चैनलों की वार्ता में, ज्योतिषीय विश्लेषण…

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दिल्ली की फ़िरदौस ख़ान को मिला बेस्ट वालंटियर अवॉर्ड–लाल बिहारी लाल

नई दिल्ली। जल संरक्षण के लिए समर्पित मुम्बई की विश्व विख्यात संस्था ‘ड्रॉप डेड फ़ाउंडेशन’ ने फ़िरदौस ख़ान को उनके पानी बचाने के लिए किये जा रहे उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया है। संस्था ने उन्हें साल 2023-2024 के बेस्ट वालंटियर अवॉर्ड से नवाज़ा है।ग़ौरतलब है कि सुप्रसिद्ध साहित्यकार, चित्रकार, कार्टूनिस्ट और पर्यावरणविद आबिद…

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समाज सेवा मे तत्पर दानवीर परिवार

‘मानवता की मिसाल , बन्दा बेमिसाल’ हर समय समाज मे निस्वार्थ भाव से सामाजिक सेवा मे तत्पर रहे समाज के सम्मानित स्वर्गीय पण्डित बदलुराम सिलोखरा परिवार समय-समय पर सामाजिक कार्यो मे सदैव अग्रणी रह अपने बुज़ुर्गो के बताए गए मार्ग दर्शन पर आज भी तत्पर दिखाई दे अपनी अमिट छाप बनाए हुए है।आज इसी परिवार…

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“अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस “ की बहुत बहुत बधाई

हम महिलाओं को अपने वजूद का एहसास स्वयं ही करवाना होगा सभी महिलाओं को “अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस “ की बहुत बहुत बधाई महिलाओं को समर्पित कुछ पंक्तियाँज़िम्मेदारी संग नारी भर रही है उड़ान ,ना कोई शिरकत ना कोई थकानमहिलाओं को दे इतना सम्मान ,जिससे बढ़े हमारे देश की शान ।महिलायें दो परिवारों की शान बान…

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भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर

#karpuri thakur #bharatratna विधा:-दोहे भारत के राज्य बिहार, था पितौंझिया ग्राम।  जिला रहा समस्तीपुर, राजनीति सरनाम॥  जन्म स्थली प्रसिद्ध हुई, अब कर्पूरी ग्राम।  त्याग गवाही दे रहा, कर्पूरी का नाम॥  कर्पूरी ठाकुर जन्म, लेते हिन्दू धर्म।  पिता गोकुल घर पेशा, नाईगीरी कर्म॥  माँ रामदुलारि देवी, सन उनीस चौबीस।  जननायक अवतार लें, माह जनवरी बीस॥  बडा़…

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राम नाम लो प्रेम से – मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (सम्पादकीय )

#rammandir #26 january #gantantradiwas 22 जनवरी अयोध्या में श्रीराममंदिर में श्रीरामजी की भव्य मूर्ति पूरी दिव्यता–वैभवता के साथ प्राण प्रतिष्ठा के साथ विराजित होगी । यह सभी राम भक्तों के लिए गौरव के पल हैं । सौभाग्यशाली पल इसलिए भी कि जो सर्वशक्तिमान हैं, अन्तरयामी हैं उनको ही अपने स्थल पर विराजित होने में इतने…

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विश्व पुस्तक मेले (10-18 फरवरी) में अनुराधा प्रकाशन के स्टाल पर अपनी पुस्तक को प्रदर्शित/विमोचन हेतु संपर्क करें

.फरवरी 2024  में होने वाले विश्व पुस्तक मेले’ का आयोजन प्रगति मैदान ,नई दिल्ली में, 10 फरवरी से 18 फरवरी 2024 तक होने जा रहा है , जिसमे अनुराधा प्रकाशन , नयी दिल्ली की भी भागीदारी निश्चित हुई है : सम्मानित लेखक जो अपनी पुस्तक को स्टाल पर डिस्पले (प्रदर्शित) करना चाहते हैं अथवा विमोचन…

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२१वीं सदी में विश्व में हिंदी भाषा की स्वीकृति

#hindi #hindibhasha 21वीं सदी में हिंदी भाषा का महत्व और स्वीकृति विश्वभर में बढ़ रहा है। यह भाषा न केवल भारतीय उपमहाद्वीप में, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रही है। इस लेख में, हम जानेंगे कि कैसे 21वीं सदी में हिंदी भाषा को विश्वस्तरीय स्तर पर स्वीकृति मिल रही है। हिंदी भाषा…

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मत बहाओ खून

मत  बहाओ  खून  मनुता का,    अये सभ्य  मानवो! रो- रोकर  है  पूछती  तुमसे   मनुजता      आज  है। तुम  थे  बहुविकसित, बुद्धि – विवेकयुक्त भलेमानस कहां  पायी  ऐसी  पशुता,    कैसा   यह  समाज   है? धांय-धांय, सांय-सांय  करते  गिर  रहे  बारूद- गोले टूट- टूटकर  के  ढह  रही  हैं    बहुमंजिली   इमारतें बन गए  वीरान   शहर  जो   कलतक   थे   आबाद नहीं…

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सम्पादकीय : इंडिया / भारत , जी-20 में ‘भार-त’ का चमका सितारा

अभी हाल ही में जी–20 शिखर सम्मेलन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ, जिसकी न सिर्फ मेजबानी अपितु अध्यक्षता भी अपने देश भारत ने की । यह गौरवशाली पल रहे सभी भारतवासियों के लिए । विशेष तौर से इसलिए भी कि भार – त विदेशी मीडिया में और कुछ गिने–चुने देशों ने इसे भारत के लिए बहुत बड़ा…

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नोसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने किया अनुराधा प्रकाशन की पुस्तकों एवं ‘उत्कर्ष मेल’ का लोकार्पण

नयी दिल्ली ; 19 जून (सोमवार) का दिन अनुराधा प्रकाशन परिवार के लिए प्रभु कृपा बनकर आया .अनुराधा प्रकाशन के संस्थापक एवं संपादक मनमोहन शर्मा ‘शरण’ तथा कमांडर मनोज चौधरी जी का नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार जी के कार्यालय जाना हुआ, इस अवसर पर नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार जी द्वारा कमांडर…

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डॉक्टर सरोजिनी प्रीतम कहिन

आदर्श छात्र ने कहा-आचार्य महासमर के लिए आदर्श स्थिति कहो वे हंसकर बोले’- आखों पर पटटी-/                   बुद्धि पर पर्दा और सेनापति – धृतराष्ट्र हो ठाठ धोबी के कुत्‍तों के न तो – घर –घाट फिर भी – अलग ही ठाठ  नमक आमलेट खाने लगे … स्‍वाद बिगड़ गया पत्‍नी पर चिल्लाये … घर में नमक…

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डॉ. अम्बेडकर भारत के भव्यभाल पर एक सुरम्य तिलकहैं

संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर महान समाज सुधारक और विद्वान थे।उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन जातिवाद को खत्म करने और गरीब, दलितों, पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए अर्पित किया।श्रमिकों, किसानों और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन भी किया था। वे स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि एवं न्याय मन्त्री, भारतीय संविधान के जनक एवं भारत गणराज्य…

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श्री हनुमानजी का जन्म महोत्सव का भव्य आयोजन

श्री सनातन धर्म मंदिर सभा डी ब्लॉक जनकपुरी नई दिल्ली 58 श्री हनुमानजी का जन्म महोत्सव गुरुवार ,दिनांक 6 अप्रैल 2023 अत्यंत हर्ष के साथ आप सभी को सूचित किया जा रहा है कि अपने मंदिर डी-ब्लॉक में गुरुवार ,6 अप्रैल को श्री राम भक्त हनुमान जी का प्राकट्य उत्सव गणपति पूजन, धर्म ध्वजारोहण ,…

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व्यंग्य : दलाल नहीं, ब्रांड-एम्बेसडर हूँ 

–राजेन्द्र परदेसी देश हो या आम आदमी, उसकी प्रगति का आँकलन उसकी विकास-यात्रा की गति से ही किया जाता है। तभी तो लोगों को अक्सर यह कहते सुना है — “फलाँ तो बहुत जल्दी इतना बड़ा आदमी बन गया।” आम तौर पर ‘बड़ा आदमी’ का अर्थ हमारे समाज में धन या किसी बड़ी कुर्सी पर…

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बंजर आत्मा (लघुकथा)

वह भीतर से चुप था — इतना चुप, कि अब उसकी आत्मा भी किसी आहट से नहीं कांपती थी। सावन की फुहारें बरसतीं तो थीं, पर अब उसकी आँखों में नमी नहीं बची थी। रिश्तों की मिट्टी को सींचते-सींचते वह स्वयं दरक चुका था। भीतर की धरती अब केवल दरारों से भरी थी — वहाँ…

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न्यायालय की गरिमा और लोकतंत्र की परीक्षा

लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में न्यायपालिका केवल एक संवैधानिक संस्था नहीं, बल्कि नागरिकों के अधिकारों, विधि के शासन और राज्य की जवाबदेही का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है। जब कोई नागरिक न्यायालय की चौखट पर पहुंचता है, तो वह केवल अपने विवाद का समाधान नहीं चाहता, बल्कि उसे इस बात का भरोसा भी होता है कि उसकी…

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न्याय के मंदिर की गरिमा और नागरिक मर्यादा

– डॉ. सत्यवान सौरभ भारतीय लोकतंत्र की संपूर्ण संरचना चार प्रमुख स्तंभों—विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और स्वतंत्र मीडिया—पर आधारित है। इनमें न्यायपालिका वह संस्था है, जिसके समक्ष प्रत्येक नागरिक अंतिम उम्मीद लेकर पहुँचता है। जब प्रशासनिक तंत्र विफल हो जाता है, जब शासन से निराशा हाथ लगती है और जब अधिकारों का हनन होता है, तब…

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कहानी : युक्ति -राजेन्द्र परदेसी

विभागाध्यक्ष के सम्मुख अजीब समस्या थी। दो खाली पदों के लिए पहले से ही ऊपर से दो नाम चयन हेतु उनके पास आ चुके थे। उधर वही ऊपर वाले आये दिन सार्वजनिक रूप से यही घोषणा करते कि किसी भी स्तर पर भाई-भतीजाबाद और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। हर कार्य में पारदर्शिता बरती…

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जहां सुमति तह सम्पत्ति नाना – जहां कुमति तह विपती निधाना : राम मन्दिर चढ़ावा चोरी जघन्य पाप

पंकज सीबी मिश्रा , राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी  अयोध्या रामचरित मानस का मुख्य केंद्र रहा है । यहां से भगवान राम की जीवन यात्रा प्रारम्भ हुई जो मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम बनने तक कई घटनाओं से होकर गुजरी। पूज्य बाबा तुलसीदास जी लिखते भी है जहां सुमति तह सम्पति नाना जहां कुमति तह विपती…

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न्याय मंदिर से लेकर राम मंदिर तक

राजनीतिक सफरनामा : कुशलेन्द्र श्रीवास्तवदुनिया में न्याय के मंदिर के रूप् मेें स्थापित न्यायालय न केवल कानून की रक्षा करते हैं, उनके पालन की जिम्मेदारी तय करते हैं बल्कि वे आम आदमी के लिए आषा के केन्द्र बिन्दु भी होते हैं । आम आदमी जब सरकारी व्यवस्थाओं से हार जाता है तब वह न्यायलय की…

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ग़ज़ल -डा. अफ़रोज़ आलम- कुवैत

अत्तार के मस्कन में ये कैसी उदासी है सोने की मुक़ाबिल में हर सम्त ही मिट्टी है तू साहब-ए-क़ुदरत है तू अपना करम रखना सहरा की तरफ़ माइल हालात की कश्ती है रौशन है दरख़्शाँ है ये दौर ब-ज़ाहिर तो मज़दूर के बस में तो बस रीढ़ की हड्डी है लम्हों की तआ’क़ुब में सदियों…

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व्यंग्य:  ईर्ष्या की प्रासंगिकता — राजेन्द्र परदेसी

पता नहीं किस मूड में हमारे पूर्वजों ने यह युक्ति गढ़ दी कि “ईर्ष्या कबहूँ न कीजिए”।  मुझे तो ऐसा लगता है कि उन्हें शायद किसी की प्रगति देखी नहीं गई, तभी हताश होकर उन्होंने यह उक्ति बना दी।  वरना यह तो सर्वविदित है कि लोग उसी से ईर्ष्या करते हैं जो प्रगति-पथ पर बढ़ता…

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रिश्तों में दखल देता मौत क्यूंकि समाज में बढ़ रहें पति पत्नि और वो के मामले……! – पंकज सीबी मिश्रा

पंकज सीबी मिश्रा, सामाजिक चिंतक, उप संपादक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी  सिया – केतन मामले ने समाज में राजा रघुवंशी मर्डर केस की यादें ताजा कर दी है। ₹600 करोड़ की संपत्ति, ₹17 करोड़ शादी का बजट, बारात के लिए दो चार्टर्ड विमान की बुकिंग  , उदयपुर में पूरा एक शाही लक्जरी 5-स्टार  होटल ,…

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