Latest Updates

बीजेपी की ‘वोटचोरी’ के खिलाफ क्यों कोई ‘जेपी-अन्ना’ सामने नहीं आता

संजय सक्सेना,लखनऊ,वरिष्ठ पत्रकारमो-9454105568, 8299050585 भारत की पवित्र भूमि सदैव संतों, साधुओं और महानायकों की धरोहर रही है। हर कोने में ऐसे पराक्रमी पुरुष और नारियां जन्म लेती रही हैं जिन्होंने देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराया। अंग्रेजी राज के विरुद्ध महात्मा गांधी, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद जैसे वीरों ने प्राणों की बाजी लगा…

Read More

नीट-यूजी परीक्षा 2026 रद्द-3 मई 2026 को आयोजित पेपर लीक, परीक्षा माफिया और एनटीए की विश्वसनीयता पर सबसे बड़ा संकट -व्यापक समग्र विश्लेषण

क़्या पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट 2024 जिसे एंटी पेपर लीक कानून कहा जाने लगा निष्प्रभावी साबित हुआ? नीट-यूजी 2026 सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा पेपर लीक के कारण रद्द- छात्र और अभिभावक सदमे में कि आखिर वास्तविक मास्टरमाइंड कानून से कैसे बार-बार खिलवाड़ करते हैं और बच जाते हैं ? -एडवोकेट किशन…

Read More

देशभक्ति बन रही भयंकर बीमारी, महंगाई के आगे नेतागिरी भारी …!

पंकज सीबी मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी  हमारे ऊपर जो विदेशी कर्ज बढ़ रहा है उसके लिए हमें विदेशी मुद्राओं को एक वर्ष तक संयमित खर्च करने की आवश्यकता है, इसके लिए अब जागने के बाद जब सोना ना खरीदने और पेट्रोल डीजल बचाकर अर्थात  ज्यादा उपयोग ना करने का आह्वान हमारे देश…

Read More

आकांक्षाओं और अविश्वास के बीच युवा

रोजगार, प्रतिनिधित्व और व्यवस्था के प्रति बढ़ता अविश्वास युवाओं के भीतर ऐसी बेचैनी को जन्म दे रहा है, जो केवल आर्थिक संकट नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक विमर्श के बदलते स्वरूप का संकेत भी है। भारत इस समय विश्व की सबसे युवा आबादी वाले देशों में गिना जाता है। संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न जनसंख्या अध्ययनों के अनुसार…

Read More

नेताओं को वेतन और भत्तों में कटौती करनी चाहिए

संकट की घड़ी में जनप्रतिनिधियों का त्याग ही सच्ची राष्ट्रसेवा और लोकतांत्रिक नैतिकता की पहचान है। – डॉ. प्रियंका सौरभ संकट की इस घड़ी में जनप्रतिनिधियों का त्याग ही सच्ची राष्ट्रसेवा देश जब किसी बड़े संकट से गुजरता है, तब केवल सरकारों की नीतियाँ ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग का आचरण भी कसौटी…

Read More

डॉ अरुणा पाठक आभा की पुस्तक ‘रसमंजरी रामचरितमानस में रस निरुपण’ पुस्तक का हुआ विमोचन..

रसमंजरी साहित्य सृजन की संस्थापिका डॉ अरुणा पाठक आभा की पुस्तक रसमंजरी रामचरितमानस में रस निरुपण पुस्तक अनुराधा प्रकाशन नई दिल्लीद्वारा प्रकाशित, मंजुला श्रीवास्तव द्वारा संपादित श्री सूर्य नारायण गौतम वेदाचार्य जी द्वारा इसकी भूमिका लिखी गई। प्रद्युम्न  नामदेव के संयोजन में        मानस भवन रीवा के ऐतिहासिक सभागार में पुस्तक का विमोचन किया गया…

Read More

उन्माद कि जिजीविषा पर आहत होती जातिगत भावनाएँ…..

पंकज सीबी मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी   आप याद कीजिए पिछले कुछ समय से हर नायक की जयंती, पुण्यतिथि पर कई बड़े सोशल मिडिया हैंडल और पेजो द्वारा लिखे गए अभद्र लेखों की भरमार होती है। देवी देवताओं के लिए लगातार अभद्र लिखा ही जा रहा है, कितना एक्शन ले पुलिस प्रसाशन…

Read More

आरक्षण की बहस—समान अवसर, सामाजिक न्याय और बदलते समय की चुनौती

 डॉ. सत्यवान सौरभ भारत में आरक्षण पर बहस कोई नई नहीं है, लेकिन समय-समय पर यह मुद्दा नई परिस्थितियों और घटनाओं के कारण फिर से केंद्र में आ जाता है। हाल के दिनों में उच्च शिक्षा और संस्थागत नीतियों को लेकर University Grants Commission (UGC) से जुड़े विवादों ने इस चर्चा को और तेज कर…

Read More

आज के दौर में भारत-दक्षिण कोरिया रिलेशन्स 

– डॉ. प्रियंका सौरभ भारत और दक्षिण कोरिया के संबंध आज के वैश्विक दौर में नई अहमियत प्राप्त कर रहे हैं। दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों, आर्थिक विकास, तकनीकी प्रगति और क्षेत्रीय शांति के समर्थक हैं। एशिया के बदलते शक्ति संतुलन, चीन की बढ़ती आक्रामकता, आपूर्ति श्रृंखला संकट, यूक्रेन युद्ध, मध्य पूर्व तनाव और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र…

Read More