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संपत्ति की भूख और बिखरते रिश्ते

– डॉ. प्रियंका सौरभ हरियाणा की धरती को लंबे समय तक पारिवारिक प्रेम, भाईचारे और संयुक्त परिवारों की संस्कृति के लिए जाना जाता रहा है। गांवों की चौपालों में रिश्तों की गर्माहट दिखाई देती थी। परिवार केवल खून का रिश्ता नहीं था, बल्कि जीवन की सबसे बड़ी सुरक्षा और सम्मान का आधार माना जाता था।…

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प्रेम, वियोग और तड़प के कवि (विनम्र श्रद्धांजलि)

आधुनिक उर्दू साहित्य की सबसे प्रिय आवाजों में से एक, डॉ. बशीर बद्र के निधन से उर्दू कविता की दुनिया थोड़ी उदास-सी लग रही है। वे न केवल लाखों लोगों को छूने वाली रचनाओं का भंडार छोड़ गए हैं, बल्कि जीवन को हृदय के सरल लेकिन गहन नजरिए से देखने का एक अनूठा तरीका भी…

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कॉकरोच से क्रांति तक

डिजिटल युग में लोकतांत्रिक असहमति का नया स्वर – डॉ. प्रियंका सौरभ भारतीय लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करने के तरीके समय के साथ बदलते रहे हैं। कभी स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान सत्याग्रह और धरने राजनीतिक प्रतिरोध के प्रमुख माध्यम थे, तो कभी साहित्य, रंगमंच और पत्रकारिता ने सत्ता से सवाल पूछने का कार्य किया। इक्कीसवीं…

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बीजेपी की ‘वोटचोरी’ के खिलाफ क्यों कोई ‘जेपी-अन्ना’ सामने नहीं आता

संजय सक्सेना,लखनऊ,वरिष्ठ पत्रकारमो-9454105568, 8299050585 भारत की पवित्र भूमि सदैव संतों, साधुओं और महानायकों की धरोहर रही है। हर कोने में ऐसे पराक्रमी पुरुष और नारियां जन्म लेती रही हैं जिन्होंने देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराया। अंग्रेजी राज के विरुद्ध महात्मा गांधी, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद जैसे वीरों ने प्राणों की बाजी लगा…

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नीट-यूजी परीक्षा 2026 रद्द-3 मई 2026 को आयोजित पेपर लीक, परीक्षा माफिया और एनटीए की विश्वसनीयता पर सबसे बड़ा संकट -व्यापक समग्र विश्लेषण

क़्या पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट 2024 जिसे एंटी पेपर लीक कानून कहा जाने लगा निष्प्रभावी साबित हुआ? नीट-यूजी 2026 सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा पेपर लीक के कारण रद्द- छात्र और अभिभावक सदमे में कि आखिर वास्तविक मास्टरमाइंड कानून से कैसे बार-बार खिलवाड़ करते हैं और बच जाते हैं ? -एडवोकेट किशन…

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देशभक्ति बन रही भयंकर बीमारी, महंगाई के आगे नेतागिरी भारी …!

पंकज सीबी मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी  हमारे ऊपर जो विदेशी कर्ज बढ़ रहा है उसके लिए हमें विदेशी मुद्राओं को एक वर्ष तक संयमित खर्च करने की आवश्यकता है, इसके लिए अब जागने के बाद जब सोना ना खरीदने और पेट्रोल डीजल बचाकर अर्थात  ज्यादा उपयोग ना करने का आह्वान हमारे देश…

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आकांक्षाओं और अविश्वास के बीच युवा

रोजगार, प्रतिनिधित्व और व्यवस्था के प्रति बढ़ता अविश्वास युवाओं के भीतर ऐसी बेचैनी को जन्म दे रहा है, जो केवल आर्थिक संकट नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक विमर्श के बदलते स्वरूप का संकेत भी है। भारत इस समय विश्व की सबसे युवा आबादी वाले देशों में गिना जाता है। संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न जनसंख्या अध्ययनों के अनुसार…

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नेताओं को वेतन और भत्तों में कटौती करनी चाहिए

संकट की घड़ी में जनप्रतिनिधियों का त्याग ही सच्ची राष्ट्रसेवा और लोकतांत्रिक नैतिकता की पहचान है। – डॉ. प्रियंका सौरभ संकट की इस घड़ी में जनप्रतिनिधियों का त्याग ही सच्ची राष्ट्रसेवा देश जब किसी बड़े संकट से गुजरता है, तब केवल सरकारों की नीतियाँ ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग का आचरण भी कसौटी…

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डॉ अरुणा पाठक आभा की पुस्तक ‘रसमंजरी रामचरितमानस में रस निरुपण’ पुस्तक का हुआ विमोचन..

रसमंजरी साहित्य सृजन की संस्थापिका डॉ अरुणा पाठक आभा की पुस्तक रसमंजरी रामचरितमानस में रस निरुपण पुस्तक अनुराधा प्रकाशन नई दिल्लीद्वारा प्रकाशित, मंजुला श्रीवास्तव द्वारा संपादित श्री सूर्य नारायण गौतम वेदाचार्य जी द्वारा इसकी भूमिका लिखी गई। प्रद्युम्न  नामदेव के संयोजन में        मानस भवन रीवा के ऐतिहासिक सभागार में पुस्तक का विमोचन किया गया…

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