चित्रगुप्त पूजा—सिर्फ़ कायस्थ क्यों करें?
“जो कलम से सृष्टि के कर्मों का लेखा लिखते हैं, क्या वे केवल एक जाति के आराध्य हो सकते हैं?” भारतीय संस्कृति में पूजा, केवल देवी-देवताओं की आराधना नहीं, बल्कि अपने कर्म, साधन और दायित्व के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का माध्यम भी है। यहाँ हल पूज्य है, शस्त्र पूज्य है, पुस्तक पूज्य है और…
