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उन्माद कि जिजीविषा पर आहत होती जातिगत भावनाएँ…..

पंकज सीबी मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी   आप याद कीजिए पिछले कुछ समय से हर नायक की जयंती, पुण्यतिथि पर कई बड़े सोशल मिडिया हैंडल और पेजो द्वारा लिखे गए अभद्र लेखों की भरमार होती है। देवी देवताओं के लिए लगातार अभद्र लिखा ही जा रहा है, कितना एक्शन ले पुलिस प्रसाशन…

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आरक्षण की बहस—समान अवसर, सामाजिक न्याय और बदलते समय की चुनौती

 डॉ. सत्यवान सौरभ भारत में आरक्षण पर बहस कोई नई नहीं है, लेकिन समय-समय पर यह मुद्दा नई परिस्थितियों और घटनाओं के कारण फिर से केंद्र में आ जाता है। हाल के दिनों में उच्च शिक्षा और संस्थागत नीतियों को लेकर University Grants Commission (UGC) से जुड़े विवादों ने इस चर्चा को और तेज कर…

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आज के दौर में भारत-दक्षिण कोरिया रिलेशन्स 

– डॉ. प्रियंका सौरभ भारत और दक्षिण कोरिया के संबंध आज के वैश्विक दौर में नई अहमियत प्राप्त कर रहे हैं। दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों, आर्थिक विकास, तकनीकी प्रगति और क्षेत्रीय शांति के समर्थक हैं। एशिया के बदलते शक्ति संतुलन, चीन की बढ़ती आक्रामकता, आपूर्ति श्रृंखला संकट, यूक्रेन युद्ध, मध्य पूर्व तनाव और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र…

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एक्यू प्रेशर और सुजोक एक्यू प्रेशर चिकित्सा

एक्यूप्रेशर व सुजोक चिकित्सा एक्यू अर्थ है सुई और प्रेशर का अर्थ है दबाव इसमें शरीर के विशेष बिंदुओं पर दबाव डालकर उपचार treatment किया जाता है यह एक चीनी पद्धति के नाम से जाना जाता है परंतु पुराने समय के इतिहास को जाने तो यह भारतीय पद्धति है इस थेरेपी का इस्तेमाल हमारे बड़े…

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मजदूरों के हितों की रक्षा जरुरी है – लाल बिहारी लाल

मजदूर दिवस पर विशेष (1 मई)जब इस धरती का निर्माण हुआ तो इसमें पहले मजदूर के रुप में त्रिदेवों –ब्रम्हा, विष्णु एवं महेश ने काम किया। फिर अलग अलग रुप से काम को श्रेणियों में बांट दिया गया। निर्माण का काम ब्रम्हा जी,कार्यपालिका का काम विष्णु जी और फिर न्यायपालिका का काम भगवान महादेव को…

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बीबा द्वारा पटना में विशेष महिला मिलन समारोह का आयोजन

नारी वंदन की भावना के साथ ग्रीष्मकालीन शैली और उत्सव परिधानों का उत्सव स्थान: पटनादिनांक: 18 अप्रैल 2026 भारत के अग्रणी जातीय परिधान ब्रांडों में से एक, बीबा ने क्षेत्रीय बाजारों में अपनी मजबूत उपस्थिति को और सुदृढ़ करते हुए बिहार को एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित किया है, जिसमें पटना इस विस्तार…

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हम पहुँच वाले लोग हैं, हमारा दुख भी वीआईपी है

हर भावना का प्रदर्शन, हर रिश्ते का प्रचार, और हर मौके का राजनीतिक/सामाजिक इस्तेमाल।) — डॉ. सत्यवान सौरभ मकान का मुहूर्त हो या दुकान का उद्घाटन, शादी-ब्याह की खुशियाँ हों या किसी अपने की मृत्यु का गम—हर जगह बड़े नेताओं और अफसरों की तस्वीरें चिपकाना अब “सम्मान” नहीं, बल्कि प्रभाव और पहुँच का प्रदर्शन बन…

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विशेष संसद सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023-

विशेष संसद सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023- प्रॉक्सी पॉलिटिक्स,राजनीतिक ढाल, आपराधिक नेटवर्क द्वारा जानबूझकर इस्तेमाल रोकने कठोर सजा का प्रावधान ज़रूरी ताकि वास्तविक सशक्तिकरण हों -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भारत ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के माध्यम से लोकतांत्रिक इतिहास में एक निर्णायक कदम उठाया है,…

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रोटी से बड़ी हो गई गैस – शहर छोड़ते मजदूरों की मजबूरी

– महेन्द्र तिवारी भारत में प्रवासी मजदूरों का संकट एक बार फिर सामने खड़ा है, और इस बार इसकी जड़ में केवल आर्थिक मंदी या रोजगार की कमी नहीं, बल्कि एक गहरा ऊर्जा संकट है, जिसने शहरों की चमक के पीछे छिपी कमजोरियों को उजागर कर दिया है। हाल के दिनों में देश के कई…

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युद्ध और चुनाव के बीच कयासों का दौर

राजनीतिक सफरनामा : कुशलेन्द्र श्रीवास्तवयुद्ध और चुनाव, भारत की जनता इस समय इन दोनों के मध्य झूल रही है । चुनाव तो युद्ध जैसे हालत ले ही लेते हैं पर युद्ध चुनाव जेसे हालात नहीं ले पाता । कहने को तो अमेरिका और ईरान के बीच ‘सीजफायर’ जैसा कुछ हो गया है पर रिपोर्ट बता…

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