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एक्यू प्रेशर और सुजोक एक्यू प्रेशर चिकित्सा

एक्यूप्रेशर व सुजोक चिकित्सा एक्यू अर्थ है सुई और प्रेशर का अर्थ है दबाव इसमें शरीर के विशेष बिंदुओं पर दबाव डालकर उपचार treatment किया जाता है यह एक चीनी पद्धति के नाम से जाना जाता है परंतु पुराने समय के इतिहास को जाने तो यह भारतीय पद्धति है इस थेरेपी का इस्तेमाल हमारे बड़े…

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मजदूरों के हितों की रक्षा जरुरी है – लाल बिहारी लाल

मजदूर दिवस पर विशेष (1 मई)जब इस धरती का निर्माण हुआ तो इसमें पहले मजदूर के रुप में त्रिदेवों –ब्रम्हा, विष्णु एवं महेश ने काम किया। फिर अलग अलग रुप से काम को श्रेणियों में बांट दिया गया। निर्माण का काम ब्रम्हा जी,कार्यपालिका का काम विष्णु जी और फिर न्यायपालिका का काम भगवान महादेव को…

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बीबा द्वारा पटना में विशेष महिला मिलन समारोह का आयोजन

नारी वंदन की भावना के साथ ग्रीष्मकालीन शैली और उत्सव परिधानों का उत्सव स्थान: पटनादिनांक: 18 अप्रैल 2026 भारत के अग्रणी जातीय परिधान ब्रांडों में से एक, बीबा ने क्षेत्रीय बाजारों में अपनी मजबूत उपस्थिति को और सुदृढ़ करते हुए बिहार को एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित किया है, जिसमें पटना इस विस्तार…

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विशेष संसद सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023-

विशेष संसद सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023- प्रॉक्सी पॉलिटिक्स,राजनीतिक ढाल, आपराधिक नेटवर्क द्वारा जानबूझकर इस्तेमाल रोकने कठोर सजा का प्रावधान ज़रूरी ताकि वास्तविक सशक्तिकरण हों -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भारत ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के माध्यम से लोकतांत्रिक इतिहास में एक निर्णायक कदम उठाया है,…

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रोटी से बड़ी हो गई गैस – शहर छोड़ते मजदूरों की मजबूरी

– महेन्द्र तिवारी भारत में प्रवासी मजदूरों का संकट एक बार फिर सामने खड़ा है, और इस बार इसकी जड़ में केवल आर्थिक मंदी या रोजगार की कमी नहीं, बल्कि एक गहरा ऊर्जा संकट है, जिसने शहरों की चमक के पीछे छिपी कमजोरियों को उजागर कर दिया है। हाल के दिनों में देश के कई…

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युद्ध और चुनाव के बीच कयासों का दौर

राजनीतिक सफरनामा : कुशलेन्द्र श्रीवास्तवयुद्ध और चुनाव, भारत की जनता इस समय इन दोनों के मध्य झूल रही है । चुनाव तो युद्ध जैसे हालत ले ही लेते हैं पर युद्ध चुनाव जेसे हालात नहीं ले पाता । कहने को तो अमेरिका और ईरान के बीच ‘सीजफायर’ जैसा कुछ हो गया है पर रिपोर्ट बता…

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भीड़ में अकेले: आधुनिक मित्रता के बारे में सच्चाई 

डॉ विजय गर्ग  आज की अति-कनेक्टेड दुनिया में, दोस्ती ने एक नया रूप ले लिया है जो स्क्रीन, सूचनाओं और डिजिटल बातचीत से आकार लेता है। हम पहले से कहीं अधिक जुड़े हुए हैं, सैकड़ों या हजारों ऑनलाइन संपर्क सिर्फ एक क्लिक की दूरी पर हैं। फिर भी, विरोधाभासी बात यह है कि कई लोग…

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ई-चालान, ई-स्मार्ट मीटर और महंगे एजुकेशन सिस्टम से परेशान जनता

पंकज सीबी मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी टेक्नोलॉजी का उपयोग और दुरूपयोग अपनी जगह है पर सरकारी तंत्र में टेक्नोलॉजी ने हड़कंप मचा दिया है। इस ट्रिपल ई ने आम जनता के नाक में दम करके रख दिया है। जहां एक तरफ भागती दौड़ती जिंदगी में लोगों को सुकून नहीं वहीं दूसरी तरफ…

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“इंडिया इन कोरिया: कोरिया में बौद्ध धर्म का प्रभाव” का भव्य विमोचन

नई दिल्ली/सोल, 27 मार्च 2026. दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल स्थित क्वांगवून यूनिवर्सिटी के सभागार में डॉ. अजय कुमार ओझा की पुस्तक “इंडिया इन कोरिया: कोरिया में बौद्ध धर्म का प्रभाव” का भव्य विमोचन अंतरराष्ट्रीय विद्वानों और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। अनुराधा प्रकाशन, नई दिल्ली से प्रकाशित इस पुस्तक में भारत और…

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साहित्यिक आयोजनों में जुगलबंदी का जाल

(अकादमियों और संस्थानों की बंद दुनिया में अपनों का उत्सव) – डॉ. प्रियंका सौरभ भारतीय साहित्यिक परिदृश्य सदैव से विविधता, विचारशीलता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रतीक रहा है। यह वह क्षेत्र है जहाँ शब्द केवल रचना नहीं होते, बल्कि समाज के अनुभव, संघर्ष, संवेदनाएँ और परिवर्तन की आकांक्षाएँ भी अभिव्यक्त करते हैं। परंतु वर्तमान…

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