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वरदान जो मिलते मिलते रह गया

मैं शायद आप से ज्यादा बहादुर हूं, जो अपनी व्यथा कहने की हिम्मत जुटा रहा हूं, व्यथा तो आप की भी यही है, पर आप में, मेरी तरह हिम्मत कहाँ। कुछ हिम्मत जुटाओ तो आओ मेरे साथ,आप भी बता ही दो अपनी व्यथा।पहले तो किसी कारण से डांट पड़ती थी अब लॉक डाउन में तो…

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आशीर्वादों की बरसात है मां (कविता-3)

ओम के उपरांत सबसे पूजनीय शब्द है मां आशीर्वादों की बरसात है मां इस दिल की धड़कन है मां श्वांसो का आवागमन है मां प्रथ्वी पर चट्टान है मां देवी का स्वरूप है मां प्यार का दरिया है मां रिश्तों को जोड़े वो कड़ी है मां कर्तव्य का प्रायवाची है मां एक अलग ही राशि…

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वरिष्ठ नागरिक को नि:शुल्क सहायता

माया केयर फाउंडेशन पिछले 13 सालों से सभी जरूरतमंद बुजुर्गों को उनकी भावनात्मक और बौद्धिक जरूरतों को पूरा करने के लिए मुफ्त में सेवाएं प्रदान कर रही है। ताकि वे एक सुखी और आत्मनिर्भर जीवन जी सकें।इनमें वरिष्ठों को अस्पताल ले जाना, बैंक के काम में सहायता करना, सरकारी काम में सहायता करना, दुकान से…

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ऐसे सुधरेगा वहशी समाज

सुबह जैसे ही टी वी खोलते ही लोगों ने हैदराबाद के चारों बलात्कारियों के एन्काउन्टर में मारे जाने का समाचार सुना,तो पूरे देश में खुशी व उल्लास का वातावरण छा गया। ऐसे वीभत्स कांड के इतनी जल्दी पटाक्षेप ने जन मानस में आशा का संचार कर दिया। 16 दिसम्बर को निर्भया कांड को सात साल…

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हमारा राष्ट्र निशान (कविता)

हमारा प्यारा राष्ट्र निशानलाल किले पर फहर रहा है वो भारत की शानहमारा प्यारा राष्ट्र निशानइसकेे नीचे आजादी की हमनें लड़ी लड़ाईजिसके कारण अंग्रेजों को लैनी पड़ी विदाईये भारत की आन बान है ये भारत की शान हमारा प्यारा राष्ट्र निशानभारत के उन्नत मस्तक का यह है प्रथम प्रतीकरहे एकता पूर्ण देश में यह देता…

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पत्रकारिता : चुनौती एवं भविष्य : विजय गर्ग

हिंदी पत्रकारिता दिवस के मौके पर यदि सामाजिक सरोकार रखने वाली निष्पक्ष पत्रकारिता तथा पीत पत्रकारिता के बारे में बात न हो,तो हिंदी पत्रकारिता दिवस की महत्वत्ता का आंकलन नही किया जा सकता। वर्तमान परिदृश्य में पीत पत्रकारिता की प्रबलता और स्वार्थसाधनी राजनीति निजी महत्वकांक्षा के चलते पत्रकारिता मिशन न रहकर व्यवसाय बन चुका है।…

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नॉर्मल’ क्या है, ये सवाल खुद से पूछों, दूसरों से नहीं

हर एक मिनट का हिसाब रखती, भागदौड़ भरी वर्तमान जीवनशैली में सबसे बड़ी और लगातार उभरती हुई समस्या है हमारा स्वास्थ्य। प्रतिदिन के तनाव से उपजती और मौत के मुंह में ले जाती गंभीर बीमारियों को देखते हुए “शरीरमाद्यं खलु धर्म साधनम्” यह संस्कृत सूक्ति बिल्कुल सही साबित होती है। जिन्हें हमारे समाज में अक्सर…

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आज़ादी का अमृत महोत्सव : डॉ नीरू मोहन ’वागीश्वरी’

याद इन्हें भी कर लो ज़रा जिनकी कुर्बानियों ने देश को आज़ादी दिलवाने का मील का पत्थर रचा… रानी गाइदिन्ल्यू भारत की नागा आध्यात्मिक एवं राजनीतिक नेत्री थीं जिन्होने भारत में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध विद्रोह का नेतृत्व किया। भारत की स्वतंत्रता के लिए रानी गाइदिनल्यू ने नागालैण्ड में क्रांतिकारी आन्दोलन चलाया था। झाँसी की…

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नशे की जद में भामाशाह की नगरी

” लगेगी आग तो आएंगे घर कई जद में, यहां पे सिर्फ हमारा मकान थोड़ी है “ आज में जिस विषय पर लिख रहा हूँ उस विषय पर बशीर बद्र साहब की यह पंक्तियां एकदम सटीक बैठती नजर आती हैं माफ करना आज में जो लिख रहा हूँ वो शायद आपको बुरा लग सकता है?…

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आंधे की माक्खी राम उड़ावै

हमारी बोलचाल, प्यार, उलाहनों और कहावतों में रचे बसे है श्रीराम    — डॉo सत्यवान सौरभ,   राम-राम जी। हरियाणा में किसी राह चलते अनजान को भी ये ‘देसी नमस्ते’ करने का चलन है। यह दिखाता है कि गीता और महाभारत की धरती माने जाने वाले हरियाणा के जनमानस में श्रीकृष्ण से ज्यादा श्रीराम रचे-बसे हैं।…

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