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डॉ.राहुल को साहित्य शिरोमणि सम्मान

हिन्दी के सुप्रसिद्ध आलोचक-कवि डॉ.राहुल का भाषा, साहित्य,संस्कृतिएवं राष्ट्र के भावात्मक औरसृजनात्मकअतुलनीय योगदान एवं आलोचन- कार्य में उनकी विशिष्ट साहित्यिक उपलब्धि के लिए आर जे इंस्टीट्यूटआफ हायर एजेकेशन,जिला बुलन्दशहर (उत्तर प्रदेश) संस्था के तत्वावधान में साहित्य अकादमी, दिल्ली मेंआयोजित समारोह में दिनांक 16 नवम्बर 2024 को “साहित्य शिरोमणि राष्ट्रीय सम्मान”प्रदान किया गया।यह सम्मान वरिष्ठ साहित्यकार…

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‘यश त्रिपाठी’ को जन्मदिवस की शुभकामनाये एवं आशीर्वाद

करली बहुत शैतानी, अब तो स्कूल जाना हैकरके खूब पढ़ाई, दुनियाँ में नाम कमाना है। आज जन्म की तीसरी वर्षगाँठ है। पिता का नाम-       रोहित त्रिपाठीदादा का नाम-       एनजी त्रिपाठी,कवि,लेखक व                          व्यंगकारजन्म           –       देवशयनी एकादशीनिवास         –       नई दिल्ली अनुराधा प्रकाशन , उत्कर्ष मेल परिवार की और से ‘यश’ को आशीर्वाद यश त्रिपाठी परिवार की कीर्ति…

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हाउसिंग फॉर ऑल 2022 का लक्ष्य पूरा करने को बने अलग से मंत्रालय : केके खंडेलवाल

-चैलेंजिस फॉर हाउसिंग फॉर ऑल 2022 में बोले हरेरा चेयरमैन-रियल एस्टेट को जनता के हितों का ध्यान रखने की सलाह-अग्रवाल वैश्य समाज की ओर से आयोजित किया गया वेबीनारगुरूग्राम, 12 जुलाई। हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेरिटी अथॉरिटी (हरेरा) के चेयरमैन डा. केके खंडेलवाल ने कहा कि हाउसिंग फॉर ऑल 2022 का लक्ष्य पूरा करने के लिए…

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पथ के हो राही

पथ के हो राही तुम हो पथिक थक के न हारो  थोड़ा  भी तनिक थोड़ा धीरज धर   बढ़ते जाना एक दूजे का   मनोबल बढ़ाना, आएंगी  बाधाएं हजार साहस को तुम   बनाना आधार, टेड़ी मेड़ी    होगी डगर चलते जाना    तुम हो निडर, आएगी जो भी     है रुकावट वो तो होगी   बस क्षणिक… पथ के हो राही…

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मानव उत्थान के संकल्प से बेहतर कोई विकल्प नहीं

कविता मल्होत्रा किसी भी देश की संस्कृति मन्नतों के धागों की आस्था पर नहीं बल्कि मानवीय उत्थान के संकल्पों पर चल कर ही दिव्यता की ओर अग्रसर होती है। ✍️ बांधे इस बार आशीष का धागा रहे न कोई भी मानव मन अभागा ✍️ लगभग दो वर्ष से समूचा विश्व महामारी के विध्वंसक परिणामों की…

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अयं निजः परोवेति गणना लघुचेतसाम्..!

पंकज सीबी मिश्रा , राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी, सम्पर्क सूत्र  8808113709 महोपनिषद् 4.71 वो में एक सूक्ति है :- अयं निजः परोवेति गणना लघुचेतसाम् ! उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्॥ जिसका आशय है कि संकीर्ण सोच वाले ही “अपना–पराया” करते हैं; उदारजन पूरी पृथ्वी को परिवार मानते हैं। आज जो लोग सांप्रदायिक राजनीति, जातिवाद…

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मध्यमवर्गीय

जब जब भी तुम्हें ये लगने लगे मैं तुम्हारे करीब हूँ बात बतला दूँ, इश़्क तो धनवान है मैं बहुत गरीब हूँ । दुनिया घुमाने की ख़्वाहिश पूरी नहीं कर सकता हूँ अटूट वादा कर पूरी ज़िन्दगी बाहों में भर सकता हूँ । तुम्हारे हर छोटे बड़े फैसले में जरूर अपनी राय दूँगा सुबह अलसा…

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समाज के सर्वांगीण निर्माण में हिंदी भाषा एक महत्वपूर्ण टूल

हम सभी बखूबी जानते हैं कि, भारत एक बहु सांस्कृतिक और बहुभाषी देश है, लेकिन एक स्तर ऐसा भी है, जहाँ हम एकता के सूत्र में बंधे हुए है और वह है, भावनात्मक एकता का सूत्र। भारत जैसे बहु सांस्कृतिक और बहुभाषी देश को इस एकता के सूत्र में पिरोने के लिए और सुदृढ़ बनाने…

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समर्थन

विधवा शब्द कहना कठिन  उससे भी कठिन अँधेरी रात में श्रृंगार का त्याग  श्रृंगारित रूप का विधवा में विलीन होना जीवन की गाड़ी के पहिये में  एक का न होना चेहरे पर कोरी झूठी  मुस्कान होना  घर आँगन में पेड़ झड़ता सूखे पत्ते  ये भी साथ छोड़ते  जीवन चक्र की भाति  सुना था पहाड़ भी…

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प्रदूषण भी दौड़ा दिल्ली की ओर !

देखिए जनाब दिल्ली की दौड़ का नायाब नमूना , पंजाब और हरियाणा की पराली का धूंआ भी दिल्ली की तरफ दौड़ रहा । पूरी दिल्ली और नोयडा एयर क्वालिटी इंडेक्स के गुस्से से थर थर कॉप रही । अभी कल ही अपने राजनीति के महान दिग्गज अभिनेता श्रीमान् केजरीवाल जी मिले मैंने पूछा सर दिल्ली…

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