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माँ (कविता-8)

माँ मेरी माँ है सबसे प्यारी इस जग में है सबसे न्यारी सुबह सवेरे जग जाती है सबको सुलाकर सो जाती है सबको यत्न से खूब संवारती स्वयं को सहज ही भूल जाती मेरी माँ… आज खुजतो हूँ तुम्हें तारों में, फूलों में, गलियारों में, एक बार सीने से लगा जाओ बाँहों में अपनी सुला…

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भ्रष्टाचार का बोलबाला फिर भी सच्चाई का मुंह काला !

कई राजनीतिक आत्माओं के साथ सोशल मीडिया पर हूं कुछ तो सलाह भी लेते है पर अवसर पर पहचानने तक से मुकर जाते है और कुछ लोगो के संपर्क में भी रहता हूं जिन्हे कलम के माध्यम से आप सबके बीच लाने की जिज्ञासा भी है । धन धर्म और सुकर्म से समाज सेवा करने…

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बाबू जी की स्मृति में.. (कविता-6)

बाबू जी की याद बहुत ही आती हैं            स्मृतियों की विपुल राशि संग लाती है… बचपन की धुंधली तश्वीरें जुड़ करके जीवन की आपा-धापी से मुड़ करके नयनों से चुपचाप उतर कर अन्तस् में लगता जैसे पास मुझे वह बुलाती है….          बाबू जी की याद बहुत ही आती है          स्मृतियों की विपुल…

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स्वच्छ भारत अभियान:

इस कैंपेन के तहत सरकार द्वारा विभिन्न प्रयास किये जा रहे हैं और प्रधानमंत्री मोदी ने देश के नागरिको को अपना पूरा योगदान देने को कहा है ताकि भारत जल्द से जल्द एक स्वच्छ देश बन सके। इस कैंपेन के शुरुआत में खुद प्रधानमंत्री ने रोड साफ़ कर इस अभियान का आगाज़ किया था। स्वच्छ…

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साँस हर दिल की थमी-थमी है सहमा-सहमा सा हर आदमी है

कविता मल्होत्रा (स्थायी स्तंभकार-उत्कर्ष मेल, कवियित्री एवं समाजसेवी) आज से तीन महीने पहले कब किसी ने सोचा था कि सरपट भागती जीवन की रफ़्तार अचानक यूँ थम जाएगी कि अगले पल साँस लेने से पहले भी सोचना पड़ेगा और साँस छोड़ने की दशा भी अकल्पनीय हो जाएगी। सच है! परिवर्तन ही संसार का शाश्वत नियम…

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मातृभाषा सीखने से भविष्य की पीढ़ियों को अपने सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने के साथ संबंध बनाने में मदद मिलेगी : सत्यवान सौरभ

(मातृभाषा में पढाई  वैचारिक समझ के आधार पर एक घरेलू  प्रणाली के साथ सीखने और परीक्षा-आधारित शिक्षा की रट विधि को बदलने में मदद करेगा।  जिसका उद्देश्य छात्र के अपनी भाषा में ज्ञानात्मक कौशल को सुधारना है, ताकि वह अन्य भाषाओँ के बोझ तले न दब सके और चाव से अपनी प्राथमिक शिक्षा को पूर्ण…

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बिपिन चन्द्र पाल

(Bipin Chandra Pal) (07 नवंबर, 1858 से 20 मई, 1932) प्रारंभिक जीवन :- बिपिन चन्द्र पाल का जन्म 07 नवंबर, 1858 को अविभाजित भारत के हबीबगंज जिले में (अब बांग्लादेश में) पोइल नामक गाँव में एक संपन्न घर में हुआ था। उनके पिता रामचंद्र पाल एक पारसी विद्वान और छोटे ज़मींदार थे। उन्होंने ‘चर्च मिशन…

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Assembly Election 2022: उप्र में 62 व उत्तराखंड में 65 प्रतिशत से अधिक मतदान, गोवा में जमकर बरसे वोट

विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के नौ जिलों की 55 सीटों पर सोमवार को 62.62 प्रतिशत मत पड़े जबकि पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में यह आंकड़ा 65.10 प्रतिशत रहा। वहीं, गोवा 78.94 प्रतिशत के साथ तीनों राज्यों में अव्वल रहा। उप्र में दूसरे चरण के मतदान में कुल 586 प्रत्याशी मैदान में थे जबकि उत्तराखंड में…

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ग्लानि

सानिया अपनी बेटी की पढ़ाई को लेकर बहुत ही सजग रहती। छोटी सी जान उसके पीछे पड़ी ही रहती सानिया। 12 वर्षीय अनिका सारे दिन किताबों में घिरी रहती। ट्यूशन में अगर टीचर छुट्टी कर लेती तो बबाल मचा देती सानिया। काम वाली बाई का भी एक-एक दिन का हिसाब गिन कर रखती क्योंकि सुघण…

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सुशांत ने अनेक यादगार किरदारों को जीवंत किया : उपराष्ट्रपति

नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने रविवार को बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के निधन पर शोक व्यक्त किया और  अपने एक ट्वीट में कहा, “युवा और प्रतिभाशाली अभिनेता, सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ। उन्होंने सिल्वर स्क्रीन पर कई यादगार किरदारों को जीवंत किया।” उन्होंने कहा, “सुशांत…

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