Latest Updates

जन-गण-मन अधिनायक….. : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव

राजनीतिक सफरनामा आइये हम अपनी स्वतंत्रता की एक और वर्षगांठ गर्वोन्मुख मस्तक के साथ मनाएं । हमारा राष्ट, हमारा ध्वज और हमारा राष्टगान हमारी धरोहर है और हर भारतीय इस पर गर्व करता है । ‘‘जनगण मन अधिनायक’’ की मधुर स्वरलहरियां हमारे तन और मन में जोश भर रहीं हैं । हम नतमस्तक हैं अपने…

Read More

अखबार के रंग, चाय की चुस्कियों के संग

उर्दू भाषा का शब्द अखबार आज हर घर की जरूरत है। घर-घर में चाय की चुस्कियांँ लेकर अखबार पढ़ा जाता है। अखबार होता है, जादुई पिटारा। जो देता है हमें बारीक से बारीक खबर। समाचार, खेल, मनोरंजन, साहित्यिक, टेक्नोलॉजी सभी को समेटे होते हैं आज के अखबार। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने चाहे कितना भी कब्जा क्यों…

Read More

कुछ मोती ऐसे,कोहेनूर जैसे

कुछ शब्द या पंक्तियां ऐसी होती हैं जो  जिन्दगी में मन को छू जातीं हैं,अगर उनका मनन कर के व्यवहार में ले आएं तो जिन्दगी ही बदल देतीं हैं।शब्द भले ही निःशुल्क लेकिन यह चयन पर कीमत मिलेगी या चुकानी होगी।पिछले 45-50 वर्षों से मैं जब भी कोई अच्छा प्रेरक विचार पढ़ता हूं तो उसे…

Read More

नारी (कविता-2)

माना एक नारी की जिंदगी उसकी कब होती है पर उसे भी अधिकार है अपने मन से जिंदगी जीने का खिलखिलाने का गुनगुनाने का, पर ये अधिकार उसे स्वयं लेना होगा देना सीखा है लेना भी सीखना होगा कर्तव्य के साथ सचेत होकर आगे बढ़ कर अपना अधिकार लेना होगा, इससे नहीं बदलेगा उसका बेटी/…

Read More

हर गली में एक निर्भया है

कितना मुश्किल है इस दुनिया में औरत हो पाना कदम कदम पे परखे जाना जाना अपने आप को पवित्र दिखाना। यह परख, यह परीक्षा जो कभी खत्म नहीं होती।  क्यों एक बलात्कार में सिर्फ औरत ही है इज्जत खोती क्यों वजूद उसका इतना दबाया जाता है । लोग क्या कहेंगे कहकर चुप कराया जाता है…

Read More

वैंकूवर छठ पूजा 2024: संस्कृति और आस्था का प्रथम भव्य आयोजन

वैंकूवर, 7 नवंबर 2024: ब्रिटिश कोलंबिया में पहली बार छठ पूजा का भव्य आयोजन हुआ, जो बिहार और झारखंड के गहरे सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व से जुड़ा त्योहार है। बिहार झारखंड सांस्कृतिक संघ ब्रिटिश कोलंबिया (बाजा बीसी) द्वारा आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम ने वैंकूवर के भारतीय समुदाय को “घर से दूर घर” का अनुभव दिया।…

Read More

होइए वहीं जो राम रचि राखा !

” राम ही जाने ,राम की लीला ” यह महज एक सोच ,एक भाव नहीं अपितु पूर्ण सत्यता है । “जाकी रही भावना जैसी प्रभु मूरत देखी तिन्ह तैसी”  का परम भाव भी जागृत हुआ, लोगो ने 5 अगस्त को अयोध्या में जो हलचल ,जो त्योहार देखा उसमें निश्चित ही उन्हे रामराज्य नजर आया होगा…

Read More

करुणा मन में जो धरे होता वही महान

अंधकार मन का मिटे तम का न हो निशान उजियारा हो प्रेम का दूर हटे अज्ञान । मजबूत नींव कीजिये फिर कीजै संधान व्यर्थ किसी तूफ़ान में ढह न जाए मकान l पूर्ण जरूरत कीजिए रखिये इतना ध्यान ऐसी शिक्षा दीजिए बने नेक इंसान l घर के चिराग से कहीं जल न जाए मकान लाड़…

Read More

पिता को नमन और वन्दन करता हूँ (कविता 5)

जिनके मन की भाव तरंगें आसमान को छू आती थी जिनके अनुशासन की छाहै मेरी सत्य दिशा  दात्री  थी। जिसने मेरी अगुली पकडी और मुझे चलना सिखलाया जिसने धरती पर लिख लिख वर्णो  से  परिचय करवाया।। जिसने मुझको जीवन देकर  मानवता  का पाठ  पढ़ाया अन्तर्मन में ज्योति जलाकर अन्धकार से  बाहर  लाया ।। सत्य निष्ठ…

Read More

पशु चिकित्सा को चिकित्सा की जरूरत

 सूदूर ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं को पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाना बहुत जरूरी है। इसके साथ ही नये पशु अस्पतालों का निर्माण और उनमें आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति, आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता,हर पशु का बीमा, खण्ड स्तर पर पशु धन मेलों का आयोजन और पालकों को हरसंभव मदद मुहैया करवाकर उन्हें दूध का सही दाम…

Read More