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पिता (कविता-10)

इस संसार में आकर ,हमनें पिता को शीश नवाया हैं। हमारे रूप को देखकर ,पिता ने अपने रूप को हममें देखा हैं।। जब हम हँसते मुस्कराते हैं ,पिता ने हममें अपनी मुस्कान को पाया हैं। जब हम व्याकुल दुखी होते हैं, पिता ने भी हमारे सभी दुखो को समेटा हैं।। माता ने पिता को पाकर…

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रँग भेद (एक कथालेख)

गाँ।व की पगडंडी-उस पर चलती हुई मैं।दूर एक पतली सी नदी बहती है जो पथरीली जमीन से होती हुई एक मैदान में पहुँचती है ।जलधारा कभी बहुत पतली हो जाती है और वर्षा का सहारा ले कभी कुछ चौड़ी और छोटी छोटी तरंगों से युक्त भी।अचानक ही इच्छा हुई उस नदी को देखने की।बच्चों को…

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कोरोना पीड़ितों की मदद हेतु , श्रीचौरासिया ब्राह्मण समाज ने बढ़ाया हाथ

जी हां साथियों यह कोरोना रूपी विपदा जिससे पूरा विश्व परेशान है, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे महामारी घोषित कर दिया है , आज हम देख रहे हैं की १० लाख से अधिक व्यक्ति इस बीमारी से पीड़ित हैं हालाँकि भारत में शुरू  से ही सजगता बरती गयी पहले एक दिन का जनता कर्फ्यू रखा…

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भव्य कल्चरल सोसायटी द्वारा आयोजित तीसरे भव्य रंग महोत्सव का सफल आयोजन

10  अप्रैल 2022 को धर्मा स्टूडियो,ईस्ट ऑफ कैलाश नई दिल्ली में किया गया। इस रंग महोत्सव में पांच विशेष अतिथि थे श्री प्रेम भारती जी(प्रसिद्ध गीतकार और लेखक),मनमोहन शर्मा “शरण” जी(लेखक,कवि और संपादक उत्कर्ष मेल पत्रिका), सुरेन्द्र सागर जी(प्रसिद्ध कलाकार और निदेशक),दिनेश कपूर जी(लेखक और इतिहासकार )और रवि कपूर जी(सामाजिक कार्यकर्ता) इस रंग महोत्सव में…

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हिंदी दिवस के उपलक्ष्य पर महर्षि यूनिवर्सिटी में विशेष व्याख्यान और पुरस्कार वितरण

महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी, नोएडा के मीडिया विभाग में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में 16 सितम्बर को *“डिजिटल मीडिया में हिंदी की ताकत और संभावनाएँ”* विषय पर विशेष व्याख्यान और पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार, संपादक एवं प्रकाशक श्री मनमोहन शर्मा (शरण) रहे। उन्होंने अपने अनुभव साझा…

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पथ के हो राही

पथ के हो राही तुम हो पथिक थक के न हारो  थोड़ा  भी तनिक थोड़ा धीरज धर   बढ़ते जाना एक दूजे का   मनोबल बढ़ाना, आएंगी  बाधाएं हजार साहस को तुम   बनाना आधार, टेड़ी मेड़ी    होगी डगर चलते जाना    तुम हो निडर, आएगी जो भी     है रुकावट वो तो होगी   बस क्षणिक… पथ के हो राही…

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खुद से खुद के सँवाद की लिपि को गढ़ा जाए

नववर्ष की ढेरों शुभकामनाओं के साथ एक नया प्रण लिखें समूची मानवता के उत्थान हेतु बिताया हर एक क्षण लिखें —- समय का महाकुँभ अपनी गति से निर्बाध चलता रहता है और हर साल अपने साथ अनेक खट्टी मीठी सँवेदनाएँ और  जीवन रूपी महासागर में आए मानसिक प्रदूषण की लहरों का कुछ कचरा भी अपने…

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 हिंदुस्तान हमारा ऑनलाइन  साहित्यिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन

अखिल भारतीय स्वयंसेवी संस्था सोशल ऐंड मोटिवेशनल ट्रस्ट के द्वारा दिनांक 23/1/2023 क़ो सरस्वती पूजा और गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर हिंदुस्तान हमारा ऑनलाइन  साहित्यिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।जिसमें कई राज्यों से साहित्यकार जुड़े और सोशल एंड मोटिवेशनल  ट्रस्ट, मंच देशभक्ति से ओत प्रोत हो गया. कार्यक्रम की शुरुआत मां शारदे के…

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इतना तो असर हो मेरी दुआओं में घुले प्रेम का रँग सारी फ़िज़ाओं में

कितना अद्भुत सँगम है माँ शारदे की स्तुति के साथ हर रूह की चूनर प्रेम रँग से रँगते बसँत की दस्तक का !! कितना खूबसूरत नज़ारा है !! हर तरफ ज्ञान की देवी माँ सरस्वती की पूजा के पँडाल वीणावादिनी की कर्णप्रिय स्तुति से गुँजित हैं !! बसँत की ख़ुमारी से रँगी ये सारी क़ायनात…

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एप्सटिन फ़ाइल्स : शर्म, सन्नाटा और हमारी सामूहिक विफलता

सत्ता-संरक्षित अपराधों के सामने समाज, मीडिया और न्याय की सामूहिक परीक्षा)  — डॉ. सत्यवान सौरभ इतिहास के कुछ क्षण ऐसे होते हैं जब सभ्यता अपने ही आईने में झाँकने से डरने लगती है। आज हम ठीक उसी मोड़ पर खड़े हैं। जिन कांडों का खुलासा हो रहा है—जिनके वीडियो, दस्तावेज़ और गवाह सार्वजनिक हो चुके…

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