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सदियों तक पीड़ा सहकर …..

सदियों तक पीड़ा सहकर हमने ये दौलत पाई है घना उजाला दिखता बाहर , भीतर तो तन्हाई है । अंतस् में कई प्रश्न गूंजते , क्या ये पीर पराई है रूखे- सूखे रिश्ते ढोना,ये भी तो इक सच्चाई है सदियों तक पीड़ा सहकर हमने ये दौलत पाई है । तन पूरा ,मन रहा अधूरा, कितनी…

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देवेन्द्र पाठक ‘महरूम’ की ग़ज़लें

 एक धुँआते ही न रहो सुलगके जलो दहको जलाके ख़ाक करो हर सियासती छल को  घुन गये बांस- बत्ते, धसक रहीं दीवारें वक़्त रहते बचा लो टूटते- ढहते घर को  जो आहे- दीनो- बेकुसूर कहर बरपा दे  बचा न पाओगे अपने ग़ुरूर के घर को लहू भाई का सगे भाई के लहू से ज़ुदा दे…

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महकता गुलाब

तुम्हारे कांटे भी तुमको बचा न पाएंगे, इतना मत महको लोग तोड़ के ले जाएंगे। प्यारी सूरत पै तुम्हारी न रहम खाएंगे, तुम्हारे अश्क किसी को नजर न आएंगे, तुम्हारा सीना छेद गूंथ लेंगे माला में, तुम्हारे घाव जरा भी नहीं सहलाएंगे। तुम्हारे दर्दे दिल को देव पर चढ़ायेंगे। इतना मत महको लोग तोड़ के…

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आज़ादी हमारी

हिम्मत,ताक़त,शौर्य विहंसते,तीन रंग हर्षाये हैं ! सम्प्रभु हम,है राज हमारा,अंतर्मन मुस्काये हैं !! क़ुर्बानी ने नग़मे गाये, आज़ादी का वंदन है ज़ज़्बातों की बगिया महकी, राष्ट्रधर्म -अभिनंदन है सत्य,प्रेम और सद्भावों के,बादल तो नित छाये हैं ! सम्प्रभु हम,है राज हमारा,अंतर्मन मुस्काये हैं !! ज्ञान और विज्ञान की गाथा, हमने अंतरिक्ष जीता सप्त दशक का…

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अश्लील और कानफोड़ू गानों से करें परहेज

शादी एक पवित्र और भावनात्मक अवसर होती है, जिसमें दो परिवारों का मिलन होता है। इस अवसर पर संगीत का चयन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह हमारे मूल्यों, रिश्तों और भावनाओं का भी सम्मान करना चाहिए। शादी में बजने वाले गाने रिश्तों की गरिमा, परिवार की भावनाओं और संस्कृति को भी…

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वोटर अधिकार यात्रा से गरमाई बिहार की राजनीति

राजनीतिक सफरनामा : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव बिहार के चुनाव भले ही अभी घोषित नहीं किए गए हें पर बिहार में माहौल चुनावी रंग में ढल चुका है । चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट संशोधन से जागी राजनीतिक पार्टियां अब इसके सहारे ही वैतरणी पार करने की मानसिकता बना चुकी हैं । वैसे तो चुनाव आयोग के…

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Mauni Amavasya 2022: प्रयागराज संगम में ठंड पर आस्‍था भारी, कोविड गाइडलाइन का हो रहा पालन

मौनी अमावस्‍या 2022 पर मंगलवार को प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्‍य सरस्‍वती के पावन संगम में पुण्‍य की डुबकी लगाने को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। मौनी अमावस्‍या माघ मेला का प्रमुख व सबसे पुण्यदायी स्नान पर्व माना जाता है। बांध के नीचे लाखों श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा है। हर डगर, हर…

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राष्ट्र, समाज और संघ: शताब्दी की नयी दृष्टि

संघ की शताब्दी यात्रा का उद्देश्य केवल संगठन विस्तार नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों में संतुलन, संस्कार और एकता लाना है। डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि भारत अखंड है और हिन्दू राष्ट्र की भावना जीवन और संस्कृति में निहित है। संघ का कार्य निःस्वार्थ सेवा, शिक्षा में संस्कार और सामाजिक उत्थान पर केंद्रित…

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द्रौपदी

चीर हरण के समय न पुकारना ईश्वर को क्योंकि तुम नहीं हो मात्र तन मत होना लज्जित वस्त्रों में छुपी अपनी यथार्थता के लिए तुमने पुरुष से आरम्भ कर पुरुष को जन्मा अवश्य है परन्तु तुम हो अधिकारिणी उन्हें दंडित करने के लिए भी अपने प्रश्नों को लेकर मत जाना कुरु जनों के पास उनके…

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चूनर

धानी सी चूनर पहन धरा इतराये सुंदरता पर अपने। चहुँदिशि ही शोभा है बढ़ी पूरित हों  ज्यों सारे सपने। लहराती सी हैं नदियाँ डोलें मन चंचल है खिला-खिला। जंगल वन सब मुदित लगें जीवन का मानों मंत्र मिला। चहुँदिशि ही शोभा है बढ़ी पूरित हों  ज्यों सारे सपने। नद नदियाँ सब सूख रहे थे जीव…

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