झूठ का पौधा उगाया जा रहा है….
झूठ का पौधा उगाया जा रहा है सत्य से उसको सजाया जा रहा है बह रही थी जो हवा उपवन डुलाती आंधियाँ उसको बताया जा रहा है झूठ का पौधा उगाया जा रहा है सत्य से उसको सजाया जा रहा है…. कह रहे वो हो रहा जो भोर वह है दिख रहा जो…
झूठ का पौधा उगाया जा रहा है सत्य से उसको सजाया जा रहा है बह रही थी जो हवा उपवन डुलाती आंधियाँ उसको बताया जा रहा है झूठ का पौधा उगाया जा रहा है सत्य से उसको सजाया जा रहा है…. कह रहे वो हो रहा जो भोर वह है दिख रहा जो…
आइए जलते हैं दीपक की तरह। आइए जलते हैं अगरबत्ती-धूप की तरह। आइए जलते हैं धूप में तपती धरती की तरह। आइए जलते हैं सूरज सरीखे तारों की तरह। आइए जलते हैं अपने ही अग्नाशय की तरह। आइए जलते हैं रोटियों की तरह और चूल्हे की तरह। आइए जलते हैं पक रहे धान की तरह।…
गिलगित बाल्तिस्तान हमारा है हमको लौटाओ। वरना जबरन ले लेंगे मत रोओ मत चिल्लाओ।। खून सने कातिल कुत्तों से जनता नहीं डरेगी। दे दो वरना तेरी छाती पर ये पाँव धरेगी।। तेरी मेरी जनता कहने की ना कर नादानी। याद करो आका जिन्ना की बातें पुन: पुरानी।। देश बाँटकर जाते जाते उसने यही कहा था-…
सच्चा है एक प्यार तुम्हारा। बाकी तो सब यहाँ झूठ हैं।। फैला हिय दीपक उजियारा। बाकी तो सब भृम रूप हैं।। इत उत ढूंढे कण कण में। पल्लवित तेरा ही स्वरूप है।। मूढ़ मन को समझ न आये। गूढ़ तेरा हर मन रूप हैं।। नैनो में दर्शन की चाह । तू नैनो में ही समाया…
राजनीति के द्वंद्व मे फँसी शिवसेना महाराष्ट्रा मे आजकल बिना पेंदी के लोटा हो गयी है । धृतराष्ट्र बने ऊधव ठाकरे , बेटे आदित्य को सी ऍम बनाने के लिए हर विचारधारा को मानने को तैयार बैठे है । यकीन नही होता की जिस बाला साहेब ठाकरे ने मातोश्री से राजनीति की शुरुआत की और…
देखिए जनाब दिल्ली की दौड़ का नायाब नमूना , पंजाब और हरियाणा की पराली का धूंआ भी दिल्ली की तरफ दौड़ रहा । पूरी दिल्ली और नोयडा एयर क्वालिटी इंडेक्स के गुस्से से थर थर कॉप रही । अभी कल ही अपने राजनीति के महान दिग्गज अभिनेता श्रीमान् केजरीवाल जी मिले मैंने पूछा सर दिल्ली…
करता है जिसकी खातिर दिन-रात पिता मेहनत। ढोता सिर पर बोझा, देता है मिटा सेहत। आदर्श ,संस्कार ,व्यवहार सिखाता। सच्चाई की हमेशा ही राह दिखाता। तुम समय के साथ बदल जाओगे कभी, लेकिन कभी पिता की बदलती नहीं फितरत,,,,,,, जन्म से ही पाल पोश, जवान कर दिया। शिक्षा हुनर देकर गुणवान कर दिया। पूछा नहीं…
इस संसार में आकर ,हमनें पिता को शीश नवाया हैं। हमारे रूप को देखकर ,पिता ने अपने रूप को हममें देखा हैं।। जब हम हँसते मुस्कराते हैं ,पिता ने हममें अपनी मुस्कान को पाया हैं। जब हम व्याकुल दुखी होते हैं, पिता ने भी हमारे सभी दुखो को समेटा हैं।। माता ने पिता को पाकर…
जीवन के अनुभवों की खान पिता धूप पिता , छांव पिता मां है धरती तो आसमां पिता सर उठा कर गर्व से चल पाऊ जिस से पाया है वो ज्ञान पिता कैसे धन्यवाद करू पिता का मेरे जीवन का अभिमान पिता शत शत नमन मंगला का कर लो स्वीकार पिता मन में भाव छुपाएं लाखों…
बाप के ही अंश होते राम,श्याम,कंस होते धर्म का ये भाव है की उन्हें न बिसारिए। दोनों हाथ जोड़कर गर्दनें को मोड़कर सामने से पैर छूके स्वयं को उबारिए। जहाँ कहीं आप फँसें देख चार लोग हँसे पुरखों की बात मान पिता को पुकारिए। नीति,रीति,ज्ञान लेके मान व सम्मान लेके लोकहितकारी बन पिताजी को तारिए।।…