नफरतों की क्यों खड़ी दीवार
नफरतों की क्यों खड़ी दीवार तेरे शहर में। ढूँढता मैं फिर रहा हूँ प्यार तेरे शहर में। गाँव जैसी बात होती ही नहीं है आपसी हो गया हूँ मैं तो बस लाचार तेरे शहर में। देखता हूँ मांगते हैं सब दुआ ही या दवा हैं सभी ही लग रहा बीमार तेरे शहर में। चीज़ हर…
