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न्यूज़ पेपर और वेब पोर्टल में छपना हुआ बेहद आसान

न्यूज़ पेपर और वेब  पोर्टल में छपना हुआ बेहद आसान   जी हाँ दोस्तों, अनुराधा प्रकाशन पिछले १० वर्षों से ‘उत्कर्ष मेल’ राष्ट्रीय पाक्षिक समाचार पत्र प्रकाशित करता आ रहा है जिसका मूल केंद्र बिंदु “आपसी संवाद का सशक्त माध्यम है”   राष्ट्र भाषा के प्रचार प्रसार एवं नवोदित साहित्यकारों को मंच प्रधान करने के उद्देश्य से…

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किसी महासमर से ‘कॉरोना’ है कम नहीं

Doctor Sudhir Singh किसी महासमर से’कोरोना’ है कम नहीं,संपूर्ण  मानव-जाति को उससे लड़ना है.पुरुषार्थी योद्धा को  संयम और युक्ति से,महायुद्ध कोअब जीतकर ही दम लेना है.दुनिया का प्रत्येक इंसान महान योद्घा है,युद्ध के कौशल से कोई नहीं अनजान है.कंधा से कंधा मिलाकर कर  लड़ लेने से,‘कोरोना’ को हराना बिल्कुल  आसान है.जाति-धर्म-सरहद का भेद-भाव भूल कर,आइए!महामारी…

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प्रेमगीत: कोरोना

संकटकाल निकल जाए तो। तुमको जीभर प्यार करूँगा।। अभी तो छूने में भी डर है, मन में कोरोना का घर है। बीतेगा तो पुनः मिलेंगे, बुरा समय तो ये पलभर है।। बाहों का आलिंगन होगा। तुमसे आँखे चार करूँगा।। संकटकाल निकल जाए तो। तुमको जीभर प्यार करूँगा।। कितने ख़्वाब अधूरे-पूरे, जिनको तुमने रोज़ सजाया। एक-एक…

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उम्मीद के दीप

माना रात घनी है,घोर तमस से भरी है। उजियारी भौंर के सामने कई चुनौतियाँ धरी हैं। तुम सूरज पर एतबार बनाए रखना। उम्मीदों के दीपक जलाए रखना। मंजिल बहुत दूर हो,दर्द बेहिसाब हो। सबसे मेरा रश़्क हो,उजड़े हुए मेहताब हो। जुगनुओं से इल्तिफात तुम बनाए रखना। उम्मीदों के दीपक जलाए रखना। मंज़र-ए-नदीश में कष्ट इफरात…

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लॉक है पर डाउन नहीं

कोरोना महामारी विश्व पीड़ित हाहाकार चहुँ और एक से अनेक , कब कब हज़ार से लाख हुए पता ही नहीं चला किसकी चाल , फिर देखेंगे पहले कोरोना से दो चार कर लें भारत भी अछूता नहीं अब सभी भयभीत इससे २१ दिन का लॉक डाउन पूर्ण होने को है अनेकता में एकता पहचान हमारी…

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श्री हनुमान जयंती की हार्दिक बधाई

‘उत्कर्ष मेल ‘ अनुराधा प्रकाशन परिवार के सभी सदस्यों , रचनाकारों, संरक्षण सदस्यों , सम्मानित सदस्यों एवं सभी पाठकों को बधाई एवं प्रभु कृपा बानी रहे , यही प्रार्थना है जय जय जय हनुमान गोसाईं, कृपा करहु गुरुदेव की नाई। मनमोहन शर्मा ‘शरण ‘ (प्रधान संपादक एवं संस्थापक)

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रिश्ते

कविता    रिश्ते रिश्तों का रंग आज बदला है, जीने का ढंग आज बदला है। पहचान में कोई नहीं आता। अपनों को समझ नहीं पाता। सारा चाल-चलन बदला है। रिश्ते हाथ से फिसलते है, साथ चलते औ बिछड़ते हैं। आज जीने का ढंग बदला है। पैसों का भी खेल है सारा । आज उससे है…

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पृथ्वी का मौन

आज बैठी हूँ मैं उदास लिखने जा रही हूँ कुछ खास इस महामारी के चलते लोग नहीं हैं आसपास किसी ने नहीं सोचा था कि कोर्इ समय ऐसा आयेगा, इन्सान इन्सान से मिलने के बाद पछितायेगा। कैसे हैं आज के समय के फसाने, लोग ही लोगों को लगे हैं डराने। क्या यह हमारी गलती है…

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हिंदुस्तान में पुन: सुख-समृद्धि लाना है.

चुनौतियां आती हैं और  चली जाती हैं,किंतु गहरी छाप छोड़ कर ही जाती हैं.वैसी ही चुनौती ‘कोरोना का वायरस’है,जिसनेआदमी की परेशानियां बढ़ाई है.हरेक चुनौती का एक ही लक्ष्य होता है,इंसान के धीरज की अग्नि-परीक्षा लेना.‘लॉकडाउन’ की सफलता को देख कर,कोरोना ने शुरू किया संक्रमण समेटना.इंसान के  संयम व सत्प्रयास के सामने,किसी शत्रु का  बिल्कुल  नहीं…

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कोरोना पीड़ितों की मदद हेतु , श्रीचौरासिया ब्राह्मण समाज ने बढ़ाया हाथ

जी हां साथियों यह कोरोना रूपी विपदा जिससे पूरा विश्व परेशान है, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे महामारी घोषित कर दिया है , आज हम देख रहे हैं की १० लाख से अधिक व्यक्ति इस बीमारी से पीड़ित हैं हालाँकि भारत में शुरू  से ही सजगता बरती गयी पहले एक दिन का जनता कर्फ्यू रखा…

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