कमल में कीचड़
कमल कीचड़ में ही खिलता है, जब भाजपा अस्तित्व में आई, अपने चुनाव चिन्ह’कमल’को लेबढ़ चढ़ कर यही दावा करती रहीहम अब तक व्याप्त राजनीति के दलदल में,कीचड़ में,कमल की तरह ऊपर है, अलग है, पार्टी विदए डिफरेंस है बस कुछ समय तकऐसा आभास कराया, जब दो सेचौरासी ,फिर एक सौ बियासी, दो सौ बहत्तर…
