2022
गर्मी के दोहे
सूरज आतिश बन गया,तपे नगर,हर गाँव। जीव सभी अकुला उठे,ढूँढ रह सब छाँव ।। सूरज का आक्रोश है,बिलख रहे तालाब । कुंओं,नदी ने भी ‘शरद’,खो दी अपनी आब ।। कर्फू सड़कों पर लगा,आतंकित हर एक । सूरज के तो आजकल,नहीं इरादे नेक ।। कूलर,पंखे हँस रहे,ए.सी.का है मान । ठंडे ने इस पल “शरद’,पाई नूतन…
विरोध प्रदर्शन का बेहद घटिया तरीका !
पहले कानपुर फिर प्रयागराज और अब मुरादाबाद में पत्थर चले ,जबकि कानपुर में हुए पत्थरबाजी को लेकर उत्तर प्रदेश प्रशासन ने जिस प्रकार कार्रवाई की है एक उदाहरण हो सकता है कानून व्यवस्था में शांति स्थापना का। लेकिन इसके बावजूद भी उन्मादियों में कोई सबक नहीं है। तब जब पूरे देश में योगी जी के…
बुकर पुरस्कार हिंदी का वैश्विक सम्मान
सर्वप्रथम तो मैं गर्व के साथ लेखिका गीतांजलि श्री को बुकर पुरस्कार प्राप्त होने की बधाई देती हूं, नमन करती हूं। यह उपन्यास “रेत समाधि “2018 में हिंदी में प्रकाशित हुआ था तब इसकी अधिक चर्चा नहीं थी किंतु 375 पेज का उपन्यास अंग्रेजी में अमेरिका में रहने वाली लेखिका अनुवादक डेजी राकवेल…
मन बुद्धि और ध्यान को योग में लगाओ,
मन बुद्धि और ध्यान को योग में लगाओ, और प्यारे प्रभु की कृपा से आनंदमई जीवन बिताओ! सारे फिकर को सौंप दो और योग में सिर्फ घ्यान दो, सब सरल हो जाएगा जीवन कमल खिल जाएगा, सकारात्मक पे सोच लो,नकारात्मक को छोड़ दो, एक बार योग का दामन तुम थाम लो,सारे फिकर त्याग दो! स्वास्थ…
अपनों की ही नजरबंदी
राजनीतिक सफरनामा (कुशलेन्द्र श्रीवास्तव) विधायकों को मौज-मस्ती करा दी गई है पर नहीं उनकी घेराबंदी कराई गई । क्या समय आ गया राजनीतिक दलों को अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं रहा । चाहे जब उन्हें घेर कर बंद कर दिया जाता है । विधायकों का भी जमीर नहीं जागता कि वे कह सकें कि…
योग आत्मा के परमात्मा से जुड़ाव का संयोग
आत्मा का परमात्मा से जुड़ाव ज़िंदगी का सबसे ख़ूबसूरत पड़ाव पृथ्वी एक ऐसा ग्रह है जहाँ आजकल हर तरफ़ असहिष्णुता और हिंसा का शोरगुल है।जिसके परिणामस्वरूप हरि जनों की मानसिक स्थिति कंपित हो रही है। गोलियों से भूना किसी ने और किसी ने बोलियों से धुन डाला कैसे हज़म करेगी मानव जाति अतृप्त रूहों के…
दोहों के मनके
अपना अपना ज्ञान है,सब जग रहा बखान। माने खुद को ही बड़ा,दें न किसी को मान।। देखो सजा बजार है , दुनिया में सब ओर। अपना अपना ज्ञान वे , बेच रहे पुरजोर ।। ज्ञानी सब बनते फिरें , सच से होकर दूर। अपना अपना ज्ञान ले, फिरते मद में चूर ।। राम और रहमान…
योग और अध्यात्म
आओ, योग करें हम और करें आत्म- मन्थन, योग हमारे लिए आज है कितना उपयोगी? इसका है अभिप्राय पुरुष-प्रकृति की विवेचना और पुरुष- तत्व का आसन- रूप में विश्लेषण है। गीता में भी कहा कृष्ण ने पुरुष-प्रकृति विश्लेषण है, अन्य वक्ता भी इसको इसी अर्थ मैं हैं मानते। इसके होते पन्द्रह प्रकार जो अति महत्वपूर्ण …
सिद्ध बहुत तन की गुफा (दोहे)
साधे तो सधता सभी, योग बड़ा विज्ञान | मन की इच्छा पूर्ण हो, आ जाये संज्ञान || मन की आंखें खोल तो, देख जगह संसार | वरना सब कुछ सो रहा, जो तेरा अधिकार || सांसों में है भेद सब, सब सांसों का सार | भार समर्पित भाव यह, जीवन का आधार || योग चेतन…
