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अंतरिक्ष यात्री का त्याग किसी भी उच्च से उच्च श्रेणी के तपस्वी से महान है

गृह और किसी अन्य ग्रह का दृश्य एक जैसा कैसे हो सकता है ?  ग्रह पर जोखिम बहुत है। अगर हमारी फ्लाइट या ट्रेन की समय-सारिणी बदल जाती है, तो हम एक प्रकार से एयरपोर्ट अथवा स्टेशन पर फंस जाते हैं और हम इन क्षणों में बेचैनी और हताश से भर जाते हैं। सोचिये क्या…

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ट्रॉली बैग…

‘सा’ब कुली?’ मैंने बिना उसकी ओर देखे ही ना कर दिया। ‘सा’ब, आपका सामान सीट तक पंहुचा दूंगा, बस पचास रुपए दे देना।’ मैंने मोबाइल से नजरें उठाई, बारह तेरह बरस का दुबला सा लड़का बड़ी आशान्वित नजरों से मुझे देख रहा था। मैंने कहा – ‘ज़रूरत नहीं है,’ और फिर मोबाइल पर नज़रें गड़ा…

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