महकता गुलाब
तुम्हारे कांटे भी तुमको बचा न पाएंगे, इतना मत महको लोग तोड़ के ले जाएंगे। प्यारी सूरत पै तुम्हारी न रहम खाएंगे, तुम्हारे अश्क किसी को नजर न आएंगे, तुम्हारा सीना छेद गूंथ लेंगे माला में, तुम्हारे घाव जरा भी नहीं सहलाएंगे। तुम्हारे दर्दे दिल को देव पर चढ़ायेंगे। इतना मत महको लोग तोड़ के…
