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सोनम-राजा रघुवंशी की कथा ने हिला दिया समाज

राजनीतिक सफरनामा

कुशलेन्द्र श्रीवास्तव सोनम और राजा रघुवशी की कहानी ने आम लोगों को चिन्तित कर दिया है । लगातार घट रही ऐसी घटनाओं से समाज का चिन्तित होना जायज भी है । ऐसा भी अनुमान लगाया जा सकता है कि बहुत सारी ऐसी घटनायें भी होतीहोगीं जो समाज के सामने नहीं आ पा रहीं हैं । कतपय लोगों की मानसिकता ने हमारे पूरे समाजिक ढांचे को कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है । सात जन्मों तक संकल्प लेने और उसे किसी भी हालत में निभाने की परंपरा अब विगत की बात लगने लगी है । सोनम जैसी मानसिकता ने प्रश्नचिन्ह तो खड़े किए ही हैं साथ ही लुप्त होते संस्कारों को भी परिभाषित कर दिय है । पाश्चात्य संस्कृति का अंधानुकरण और परंपराओं को दकियानूसी मानने की हमारी ही मानसिकता हमें आज इस मुकाम पर लेकर आ गई है । भारत की श्रेष्ठ परंपरायें विदेशों में भी आकर्षण का केन्द्र रहीं हैं पर हमने उसे त्याग दिया है । शादी विवाह के बदलते स्वरूप् और धार्मिक रीतिरिवाज अब केवल ढकोसला के नाम से ही पहचाने जाने लगे हैं । विगत एक वर्ष में शादी-शुदा जोड़ों की घटनाओं ने भयाक्रांत कर रखा है । क्या इस पर विराम संभव है ? शायद नहीं….क्योंकि पंरपराओं को तोड़ने की जो होड़ हमने ही पाल रखी थी अब उसका विकृत रूप् हमारे सामने है ।  एके महिला भी इतनी क्रूर हो सकती है जो अकारण और अनावश्यक अपने ही पति का खून कर सकती है । राजा रघुवंशी की तो कोई गल्ती थी भी नहीं उसने तो सहमति से विवाह किया था फिर सोनम ने उसे क्यों मारा, यदि उसको विवाह नहीं करना था तो न करती कम से कम वह जीवित तो रहता । सोनम जिस उम्र की है उससे यह तो नहीं कह सकते कि वह वगैर सोचे विचारे भावुकता में आकर बहक सकती है । ऐसी ही औरतें हैं जो महिला स्वतंत्रता को कठघरे में खड़ा करती हैं । महिला स्वतंत्रता का मतलब ऐसा तो कभी नहीं सोचा जा सकता । यह घटना फिलहाल सुर्खियों में हैं पर एक दिन यह घटना भी अन्य घटनाओं की तरह गायब हो जायेगी । पर ऐसी घटनायें रूक जायेगीं इसकी उम्मीद बिल्कुल नहीं हैं, फिर कोई नई घटनायें सामने आयेगीं और हम फिर वहीं सब रोना रोयेगें । सामाजिक जागरूकता और संस्कृति और संस्कारों से फिर से समाज को जोड़ने का काम किया जाना आवश्यक है जो शायद हम नहीं कर पा रहे हैं । लवजिहाद की घटनायें भी ऐसी ही श्रेणी में रखी जा सकती हैं । लवजिहाद की घटनाओं में वृद्धि होती जा रही है वहीं महिला उत्पीड़न की घटनाएं भी सामने आ रहीं हैं । यह दुखद स्थिति है । हाल ही में खंडवा में एक अधेड़ महिला के साथ हुए दुष्कर्म की घटना ने बहु चर्चित निर्भयाकांड की याद दिला दी । जिस बेरहमी के साथ महिला के साथ दरदिंगी की गई वह रोंगटे खड़ी करने वाली है । इसके पूर्व इंदौर में लवजिहाद का प्रकरण सामने आया है । शूटिंग कोच चलाने वाला एक विशेष समुदाय का व्यक्ति कोचिंग के बहाने लड़कियों के साथ अश्लील हरकतें कर रहा था । इतना ही नहीं वह उनके वीडियो भी बना लेता था जिसके आधार पर वह उन्हें ब्लेक मेल करता रहता था । घटना के सामने आने के बाद की गई छानबीन में उसके पास सौ से अधिक ऐसे वीडियो मिलने की बात सामने आ रही है । जाहिर है कि घटना के सामने आने के बाद हिन्दुवादी संगठनों ने कड़ी कार्यवाही की मांग की है और पुलिस प्रशासन भी बारीकी से जांच पड़ताल कर रहा है । लम्बे समय से चल रहे इस गोरख धंधे में और कितने लोग शामिल हैं यह भी जांच का विषय है । पर इस घटना ने एक बार फिर अभिभावकों के माथेपर चिन्ता की लकीरें खींच ही दी हैं । लव जिहाद को एक सुनियोजित मजहबी साजिश के रूप् में देखा जाने लगा है । यह अलग रह का आतंकवाद है जिसमें हिन्दु युवतियों को प्यार के जाल में फंसाकर उनका शोषण किया जाता है । भोपाल के एक कसलेज की करीब 64 छात्राओं के साथ भी ऐसी ही घटना सामने आई थी जिसकी जांच अभी चल ही रही है । बताया जाता है कि यहां लवजिहाद को अंजाम देने वाले आरेपी की बहिन उसकी मदद करती थी और वह भी लड़कियों को ब्लेकमेल करती थी । हो सकता है कि यह आंकड़ा और भी बड़ा हो क्योंकि कई बारे हमारे सामाजिक ताना-बाना के चलते परिवार ऐसी घटनाओं को दबाने की ही कोशिश करते हैं । भोपाल के एक कालेज की छात्रा को प्रेम के जाल में फंसाया गया । उसे प्यार के बहाने उसके साथ अतरंग सबंध बनाण् गए और उसकी वीडियो रिकार्डिंंग की गई । इस वीडियो रिकार्डिंग का भय दिखाकर उसे ब्लेकमेल किया गया । उस छात्रा को दूसरी अन्या छात्राओं को फंसाया गया, फिर उसकी भी ऐसी ही वीडियो रिकार्डिंंग बनाई गई और उन्हें भी ब्लेकमेल किया गया । इस पूरे कांड में उस युवक का साथ उसके परिवार के लोगों ने भी दिया । उसकी बहिनों के अलावा परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल थे । इस कारण से ही इसे भी सोचा समझा षडयंत्र माना जा रहा है । मध्यप्रदेश में भोपाल के साथ ही साथ इंदौर में भी लव जिहाद की घटनाएं सामने आ रही हैं । हाल ही में सागर में भी शादी के एक दिन पहले ही एक युवति अपने प्रमी के साथ भाग गई थी जिसे ग्वालियर में पकड़ा गया था, यह घटना भी लवजिहाद से जोड़कर देखी गई है । यह सोचनीय स्थिति है क्योंकि ये तो महानगर हैं पर इसके अलावा प्रदेश््रा के कई जिलों में भी ऐसी घटनायें सामने आती रही हैं । कई घटनायें सामने आ नहीं पा रही हैं । निश्चित ही भोपाल और इंदौर की घटना के बाद प्रदेश की पुलिस को पूरे प्रदेश में एक मुहिम चलाकर ऐसी घटनाओं के विरूद्ध कड़े कदम उठाने आवश्यक है । माना जाता है कि यह एक गिरोह है जो योजना बनाकर काम करता है और हिन्दु युवतियों को प्रेमजाल में फंसाता है । इसके तार गहरे जुड़े होगें । पर इसकी विवेचना तो आवश्यक है ही । भोपाल, इंदौर जैसे महानगरों में उच्च शिक्षा के लिए प्रदेश के छोटे-छोटे शहरों से गा्रमीण क्षत्रों से युवक-युवतियां पढ़ने आती है जो स्वतंत्र रूप् से रहती भी हें इन्हें को अपने जाल में फंसाना ज्यादा सहज और सरल समझा जा सकता है । भोपाल और इंदौर कांड के सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका अब ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है । प्रदेश के हर जिले में मुंहिम चलाकर ऐसे प्रकरणों की विवेचना की जानी आवश्यक है । वैसे इसमें अभिभावकों की भूमिका भी अब जागृति, सजग और क्रियाशील वाली होनी चाहिए । उन्हें अपने बच्चों पर नजर रखनी चाहिए और जरा सा भी संदेह होने पर जांच करनी चाहिए । केवल पुलिस प्रशासन के भरोसे रहने की बजाए स्वय की जाग्रति महत्वपूर्ण हो सकती है

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