कविता और कहानी
सिद्ध बहुत तन की गुफा (दोहे)
साधे तो सधता सभी, योग बड़ा विज्ञान | मन की इच्छा पूर्ण हो, आ जाये संज्ञान || मन की आंखें खोल तो, देख जगह संसार | वरना सब कुछ सो रहा, जो तेरा अधिकार || सांसों में है भेद सब, सब सांसों का सार | भार समर्पित भाव यह, जीवन का आधार || योग चेतन…
आओ मिलकर करेंगे योग
आओ मिलकर करेंगे योग, मिट जाएंगे सारे रोग । सारी दुनिया जिसे करेगी , आया ऐसा शुभ संयोग ।। आओ मिलकर करेंगे योग … चुस्ती फुर्ती मुस्कान रहेगी योग करोगे जीवन में , नहीं बुढ़ापा कभी आएगा काया होगी यौवन में । निडर निर्भीक बनेगा यारों कभी न होगा वह डरपोक । आओ मिलकर करेंगे……।।…
‘योग और अध्यात्म”‘
‘योग और अध्यात्म”‘ ________ क्या देता संसार है हमको लोभ बताता है कीमत स्वयं की क्या है हमको योग बताता। सांसारिक दुखों से ना अस्तित्व बिगड़ता है बेशकीमती कितने तुम अध्यात्म बताता है। क्यों शालीनता है शब्दों में योग बताता है क्यों सभ्य भिखारी जितना राजा योग बताता है। क्यों शिष्टाचार है उत्तर में अध्यात्म…
आपकी हो कृपा तो तृप्ति मिले
आपकी हो कृपा तो तृप्ति मिले शरण में आया है ये प्यासा मन चिर प्रतीक्षा पूर्ण नहीं हो रही मन चाहता नहीं दूसरा कोई धन अनवरत साधना का पथ यूँ दिखे जैसे मृग ढूँढें कस्तूरी को वन वन आपकी वो कृपा आज मुझको मिले जिसको खोजे दुनिया का हर जन सार हीन जीवन ये भी…
योग पर दोहे
योग जगत का सार है,सदगुण लिए हजार। इसकी महिमा से सदा,सुख पावत संसार।। योग सनातन है महा ,दूर करे सब रोग। जिससे पाते सुख सदा,जीवनमें सब लोग।। योग अंग जागृत करी , लाता रंग भरपूर। चमके तेज ललाट पर,मिले खुशी का नूर।। जीवन की हर जीत में ,योग निराला जान। स्वस्थ निरोग जीवन में ,है…
चिंता का सबब बनता गिरता हुआ रुपया
-सत्यवान ‘सौरभ’ रुपये के मूल्यह्रास का मतलब है कि डॉलर के मुकाबले रुपया कम मूल्यवान हो गया है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 77.44 के सर्वकालिक निचले स्तर पर आ गया। सख्त वैश्विक मौद्रिक नीति, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और जोखिम से बचने, और उच्च चालू खाता घाटे से भारतीय रुपये के लिए गिरावट…
तितली
बस पीछे पीछे दौड़ा जाता पंखों को पकड़ने रंग विरंगे; कटिले वृंत-कुंजों में जाता कोशिश के पाँव रहते नंगे। पीली पंखों वाली तितली हाथों में पीले रंग भुरकती; पंख फड़फड़ा सूंड हिला उड़ भागने खूब मचलती। नीली,बैगनी,गुलाब रंग की जैसे परीलोक से थी आई; लाख कोशिश कर हारा मैं सदा रही वह भागती-पराई। कितनी भूखी…
संस्मरण : यादगार बोहाग बिहू
बैशाख का महीना असम के लिए खास होता है। बैशाख जिसे असमिया में बोहाग कहते है, इस महीने में बोहाग बिहू मनाया जाता है। यह रोंगाली बिहू और भोगाली बिहू के नाम से भी जाना जाता है। गांवों में घर धन-धान्य से भरे होते है। भोग करने के साधन होते हैं और फल-फूल से भरे…
