कविता और कहानी
रक्षाबंधन का त्योहार
रक्षाबंधन का त्योहार लाया खुशियां हजार बहना आए भैया द्वार इसको मनायें धूमधाम से रक्षाबंधन का त्योहार ।। प्यारी बहना राखी लाई भैया प्यारे की कलाई सजाई बहना करती है मनुहार खुशियां आएं भैया द्वार इसको मनाएं धूमधाम से भैया माथे तिलक सजाएं अक्षत भी माथे पर लगाएं घेवर फैनी की मिठास दिन होता प्यारा…
भांग धतूरा
असुरों ने सर्वदा की देवों से लड़ाई एकता समुद्र मंथन ने दोनों में कराई। देवी लक्ष्मी विलुप्त हुई क्षीर सागर में समुद्र मंथन किया गया था लक्ष्मी पाने। सागर मंथन से उत्पन्न हुआ जो विष दृष्टि बचाने को इसे पी गए थे शिव। महादेव का गला नीला हो गया शिव ने विष गले में ही…
शिव का सावन
शिव शंकर भोले भंडारी , तेरी महिमा ही बड़ी निराली, मस्तक पर है त्रिनेत्र, कहते इनको त्रिपुरारी । विषधर नीलकंठ में शोभा पाते, हिमकर जटा में सजाते, गले में मुण्ड माल है पहनते, कैलास में ये वास करते । सावन माह है अति पावन , शक्ति ने किया शिव वरण, शक्ति शंकर को है अति…
राखी का पर्व
राखी का त्योहार है प्यारा भाई बहन का रिश्ता न्यारा I राखी के धागे में बंधता भाई बहन का प्यार सारा। खुशी चहक चहक के कहती है बयार सुगंधित बहती है। मिष्ठान्न थाली में रख लाती भाई को प्रेम से खिलाती माथे ऊपर तिलक लगाती नारियल भी साथ में लाती। भाई देता है आशीष और…
खुलेआम जनमत की खिल्ली उड़ रही है
संसद के अंदर जब शोर-शराबा होता है, अनर्गल ही घात-प्रतिघात होने लगता है। मेहनती जनता की कमाई की बर्बादी पर, जनप्रतिनिधियों का ध्यान नहीं जाता है। संसद में एक मिनट के बहस में व्यय, सुनते हैं उनत्तीस हजार रुपये हो जाता है। सुविधाभोगी जननेता ईमानदारी से सोचें, खर्च होने वाला सब धन कहां से आता…
अँधेरे और उजाले
गंगा के किनारे, यूँ हीं नहीं लगी है भीड़ साहब। लोगों ने पाप किये होंगे शायद बेहिसाब।। और वो कहता है मुझको, आओ कभी मेरे भी द्वार। गर करते हो मुझे से प्यार, बिना किसी दरकार।। काश! वो तो, मेरी हैसियत ना पूछता। अच्छा होता, गर वो मेरी खैरियत को पूछता।। उनका पैग़ाम नफ़रत था,…
“धर्म ताकत या सियासत ?”
हमारे देश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य है कि चुनाव की सरगर्मी के साथ साथ धर्म के नाम पर सियासत तेज हो जाती है। सर्वधर्म समभाव का पालन करने वाले इस देश की आत्मा को हिंदू मुसलमान के नाम पर बांटने की कोशिशें रुकने का नाम नहीं लेती हैं। देश कोरोना से लड़ रहा है, कितने…
कोख का बंटवारा
रामनरायण के दो बेटों का नाम रमेश और सुरेश है। युवा अवस्था में रामनारायण के मृत्यु होने के बाद उनकी पत्नी रमादेवी ने रामनारायण के जमा पूंजी और पूर्वजों से मिली संपत्ति से दोनों बेटों का परिवरिश किया। रमादेवी का बड़ा बेटा रमेश पढ़ लिखकर शहर में सरकारी विभाग पर बड़े बाबू के पद पर…
