कविता और कहानी
अक्षय तृतीया (आखा तीज)
मंजुलता वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को ‘अक्षय तृतीया’ या ‘आखातीज’ कहते हैं। ‘अक्षय’ का शाब्दिक अर्थ है- जिसका कभी नाश (क्षय) न हो अथवा जो स्थायी रहे। अक्षय तृतीया तिथि ईश्वर की तिथि है। इसी दिन नर-नारायण, परशुराम और हयग्रीव का अवतार हुआ था इसलिए इनकी जयंतियां भी अक्षय तृतीया को मनाई…
“राम तुम्हे आना होगा।”
राम यानि वो चरित्र जिसने जीवन जीने की कला सिखाई। अपना सम्पूर्ण जीवन इस तरह व्यतीत किया कि मिसाल बन गए। हर युग में, हर परिस्थिति में उनके द्वारा उठाए गए हर कदम का लोग गुणगान करते हैं। यूं ही नही उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है। उनके व्यक्तित्व का आकर्षण, कोमल वाणी का सम्मोहन…
अधूरी शादी (मंजुलता)
नंदिनी आज लाल सुर्ख जोड़े में बहुत ही सुंदर लग रही थी । बड़ी बड़ी आँखे,घनी भौंहे, दूध जैसा सफेद रंग , पतले पतले होंठ, कमर तक काले घने बाल स्वर्ग की अप्सरा से कम नही ,इतनी सुंदर थी नंदिनी। जो भी देखता बस देखता ही रह जाता था। कॉलेज में तो युवा दिलों की…
बुजुर्ग दम्पत्ति से किसी ने पूछा
बुजुर्ग दम्पत्ति से किसी ने पूछा, बच्चों से अलग कैसे रह जाते हैं? प्रवासी बच्चे दूर हैं आपलोगों से, ‘कोरोना-काल’ कैसे गुजारते हैं? ठहाका लगाते हुये बुजुर्ग ने कहा, कैसे समझ रहे हैं बच्चे अलग हैं? प्रतिपल पास में पाता हूँ सबों को, उनकी छवि ही हमारा संबल है। क्या भगवानअपने सब संतान से, खुद…
चले जा रहे हैं
फिर वही दहशत है, फिर वही आलम, प्रवासी मजदूरों का घर को पलायन बड़ी बेबसी दिख रही हर तरफ है न दिन-रात की उनको चिन्ता सताती चले जा रहे … … वे चले जा रहे हैं। किधर तुम, कहाँ जा रहे मेरे भाई रुको तुम वहीं, अपनी हिम्मत न हारो कुछ धीरज धरो,घर में हो…
मेरे आदर्श
“सर आप जो पढ़ाते हो वो समझ तो आता है पर घर जाकर भूल जाता हूं।” इस वाक्य को सुनते ही मुझे रोष उत्पन्न हो जाता है। स्वभाव के मामले में सबसे संतुलित शिक्षक माना जाता हूं, विद्यालय में। लेकिन इस वर्ष आए एक नए विद्यार्थी के कारण मेरी प्रतिष्ठा धूमिल होती नज़र आ रही…
“मन के हारे हार है”
मन को कर तू शक्तिमय,ले हर मुश्किल जीत। काँटों पर गाना सदा,तू फूलों के गीत।” मनुष्य का जीवन चक्र अनेक प्रकार की विविधताओं से भरा होता है जिसमें सुख- दु:ख,आशा-निराशा तथा जय-पराजय के अनेक रंग समाहित होते हैं । वास्तविक रूप में मनुष्य की हार और जीत उसके मन की मज़बूती पर आधारित होती…
