कविता और कहानी
अधूरी शादी (मंजुलता)
नंदिनी आज लाल सुर्ख जोड़े में बहुत ही सुंदर लग रही थी । बड़ी बड़ी आँखे,घनी भौंहे, दूध जैसा सफेद रंग , पतले पतले होंठ, कमर तक काले घने बाल स्वर्ग की अप्सरा से कम नही ,इतनी सुंदर थी नंदिनी। जो भी देखता बस देखता ही रह जाता था। कॉलेज में तो युवा दिलों की…
बुजुर्ग दम्पत्ति से किसी ने पूछा
बुजुर्ग दम्पत्ति से किसी ने पूछा, बच्चों से अलग कैसे रह जाते हैं? प्रवासी बच्चे दूर हैं आपलोगों से, ‘कोरोना-काल’ कैसे गुजारते हैं? ठहाका लगाते हुये बुजुर्ग ने कहा, कैसे समझ रहे हैं बच्चे अलग हैं? प्रतिपल पास में पाता हूँ सबों को, उनकी छवि ही हमारा संबल है। क्या भगवानअपने सब संतान से, खुद…
चले जा रहे हैं
फिर वही दहशत है, फिर वही आलम, प्रवासी मजदूरों का घर को पलायन बड़ी बेबसी दिख रही हर तरफ है न दिन-रात की उनको चिन्ता सताती चले जा रहे … … वे चले जा रहे हैं। किधर तुम, कहाँ जा रहे मेरे भाई रुको तुम वहीं, अपनी हिम्मत न हारो कुछ धीरज धरो,घर में हो…
मेरे आदर्श
“सर आप जो पढ़ाते हो वो समझ तो आता है पर घर जाकर भूल जाता हूं।” इस वाक्य को सुनते ही मुझे रोष उत्पन्न हो जाता है। स्वभाव के मामले में सबसे संतुलित शिक्षक माना जाता हूं, विद्यालय में। लेकिन इस वर्ष आए एक नए विद्यार्थी के कारण मेरी प्रतिष्ठा धूमिल होती नज़र आ रही…
“मन के हारे हार है”
मन को कर तू शक्तिमय,ले हर मुश्किल जीत। काँटों पर गाना सदा,तू फूलों के गीत।” मनुष्य का जीवन चक्र अनेक प्रकार की विविधताओं से भरा होता है जिसमें सुख- दु:ख,आशा-निराशा तथा जय-पराजय के अनेक रंग समाहित होते हैं । वास्तविक रूप में मनुष्य की हार और जीत उसके मन की मज़बूती पर आधारित होती…
भारत को कोरोना से मुक्त रखना है
संकट से पुरुषार्थी घबड़ाता नहीं है, उससे ही संकट डरने लग जाता है। विपत्ति को सामने देखकर धैर्यवान, उससे निपटने की तैयारी करता है। आजकल ‘कोरोना’ कड़ी चुनौती है, प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष सबको डरा रहा है। घर में बंद पर अलग-अलग रह कर, कैदी साआदमी जीवन बिता रहा है। हरेक इंसान सिर्फ संयम से काम ले, कैसा…
शब्द आज मौन है
हाहाकार करती धरा, चीत्कार करने लगा है गगन कैसे करूँ नमन उनको, जो कर गए न्योछवर तन अद्भुद सा संयोग है, क्या विचित्र सा योग है खुद को पीड़ित कहते है, पर औरो को पीड़ा देते है पीड़ित हो शोषित हो तो मेहनत को हथियार बना लो किसने तुमको रोका है, अपना जीवन आप बना…
माँ के शुभ नौ रूप
नव संवत्सर आ गया, लेकर नवउत्कर्ष ।मंगलमय हो शुभ सदा, भारतीय नववर्ष ।। फसलें सुख समृद्धि का, गातीं मधुरिम गान ।भरे अन्न भण्डार अब, प्रमुदित हुये किसान ।। ऋतु पावन मंगलमयी, सुखद चैत्र शुभ मास ।कोयल गाती गीत मधु, जन-जन में उल्लास ।। नव दुर्गा नव रात्र शुभ, माँ के शुभ नौरूप ।करते जग कल्याण…
हृदय की बीमारी पर तत्काल चिकित्सा एवं परामर्श जरूरी , इसे हल्के में न लें
हृदय का मामला काफी संवेदनशील होता है हृदय में किसी प्रकार के ब्लाकेज आने के पहले हृदय की धड़कन संकेत भी देती है। इन संकेतों को अनदेखा करना कभी-कभी काफी घातक सिद्ध हो जाता है कभी ऐसे पल भी आ जाते हैं जब हार्टअटैक आते ही व्यक्ति कुछ ही मिनट में दुनिया से कूच कर…
