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बिना बुलाए क्रोध नहीं आता है

बिना बुलाए क्रोध नहीं आता है,निमंत्रण देने पर ही वहआता है.स्वागत की पूरी तैयारी देखकर,मन केआँगन में प्रवेश करता है.अंदर घुसते ही तांडव-नृत्य कर, अपनी हाजिरी दर्ज करवाता है.शिव-तांडव  का सबको पता है,विध्वंस  करने  ही वह आता है.क्रोध कभी तांडव  करे ही नहीं,इस हेतु संयम से काम लीजिए.क्रोध के उठते तीव्र  उफान को,प्रेम के फुहारा से…

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“जन्मे कृष्ण कन्हाई “

जन्मे कृष्ण कन्हाई आज मैया मन ही मन हर्षाय रहीं । बगियन में फूले कुसुम विविध, कोयलिया भी है गाय रही । वसुदेव देवकी व्याकुल है, भय कंस का उन्हे डराय रही। लै छाज में कान्हा को चले , गोकुल को राह है जाय रही। सुर नर मुनि मन में पुलकित, प्रभुदर्शन की बेला आय…

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ठंडा प्रतिशोध (कहानी)

–डॉ. मनोज मोक्षेंद्र मुसहर टोला में अपना बसेरा बनाने से पहले धनीराम मिसिर को हालात ने गिरगिट की तरह रंग बदलना सिखा दिया था। बम्हरौली गांव के काइएं ब्राह्मणों को चकमा देकर वे सपरिवार जान बचाकर भाग तो निकले थे; पर, पूरी तरह ठन-ठन गोपाल थे। कुर्ते की ज़ेब में और बटुए में एक दमड़ी…

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दो पल

         मिले दो पल जीवन की आपाधापी में से…और दो मैंने चुरा लिए।        सघन गर्मी में तपते हुए प्यासे को जैसे मेघों की हल्की सी रिमझिम फ़ुहारों ने भिगो कर मन को हर्ष और संतोष प्रदान कर दिया हो…कुछ ऐसा रहा आज का प्यारा सा, दुलारा सा, मनमोहक संगीत सुनाता सा अलबेला दिन।        …

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धोबीघाट

एक अँधेरी गुफामें खिंची जा रही है वह—घिरनी की तरह घूमती हुई।घोर अँधेरा—आँखें फाड़ फाड़कर देखने की कोशिश कर रही है वह-,पर कुछ दीखता नहीं –काला –गहरा अँधेरा बस।घूमता हुआ शरीर जैसे तिनके तिनके हो बिखर जाएगा—कितना लम्बा अँधेरा है—एक किरण ही रोशनी की दिख जाए गर! और –और  –अचानक जैसे रोशनी का विस्फोट है…

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नेता बने अभिनेता

संगीता अग्रवाल (आगरा, उत्तर प्रदेश) नेता बने अभिनेता वोटों के दिन जब हैं आए नेता भी अभिनेता बन जाए झूठे-झूठे सपने दिखाए टूटी हुई सड़कें बनबाएं बिजली पानी वो दिलबाएं झूठे सबको भाषण सुनवाएं बच्चों के स्कूल खुलबाएं सबको लैपटॉप फ्री बँटबाएं अस्पतालों को खुलवाएं बिन पैसे उपचार करवाएं सबको नए रोजगार दिलाएं जनता पर…

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तिरंगा

        रवि और उसका बेटा गुड्डू आज 15 अगस्त की छुट्टी के दिन अपनी कार में बैठकर एंजॉय करते  हुए बाहर घूम रहे थे और गुड्डू जगह जगह रुककर पूरे शहर का मजा ले रहा था।         एक चौराहे पर अचानक एक छोटा सा बच्चा हमारा तिरंगा झंडा बेचता हुआ दिखाई दिया।भारत के तिरंगे को…

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राखी के दोहे

धागा यद्यपि सूत का,पर दृढ़ औ’ मजबूत । बहिन-सहोदर नेह का,बन जाता जो दूत ।। पर्वों का यह पर्व है,जिसमें रक्षा,नेह । अंतर्मन उल्लास में,होती पुलकित देह ।। धागा बस इक माध्यम,पलता है विश्वास । जिसमें रहती निष्कपट,मीठी-सी इक आस ।। बचपन की यादें लिये,बिखरे मंगल गान । सम्बंधों में है सजा,संस्कार का मान ।।…

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उ.प्र. के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने डाक निदेशक एवं साहित्यकार केके यादव को किया सम्मानित

लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ एवं चर्चित  ब्लॉगर व साहित्यकार श्री कृष्ण कुमार यादव को प्रशासनिक एवं सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिये उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने विधायी एवं न्याय मन्त्री श्री बृजेश पाठक की अध्यक्षता में आयोजित एक कार्यक्रम में “भोजपुरी गौरव” सम्मान से विभूषित किया।…

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आज का दिन है ऐतिहासिक

हीरेंदर चौधरी ‘जापानी’ आज का दिन है ऐतिहासिक आज का दिन है बहुत महान आज के दिन पूर्ण हुए हैं 72साल से लटके काम। नमन है मोदीजी को है शाहजी को प्रणाम। लौह पुरुष हैं दोनों ही तुरंत करें सभी ही काम। है विश्वास झलकता इनमें नामुमकिन को मुमकिन कर दें दुनिया जो सोच ना…

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