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श्री गुरु नानकदेव जी के 550वें शताब्दी वर्ष में तीसरा ऑनलाईन कवि दरबार संपन्न – स.हरभजन सिंह दिओल
नई दिल्ली, भारत सरकार द्वारा श्री गुरु नानकदेव जी के 550वें शताब्दी वर्षके सिलसिले में कोरोना महामारी की वजह से बंद हुए कवि दरबारों को ऑनलाईनके माध्यम से शुरु किया गया है । इस कड़ी में भारतीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा तीसराऑनलाइन कवि दरबार आयोजित किया गया । जिसमें विभिन्न कवियों द्वारा श्री गुरुनानकदेव जी की…
चीन का राक्षस कोविद -19
मार्टिन उमेद , देहरादून (उत्तराखंड) चीन का राक्षस कोविद -19 कोरोना वायरस संक्रमण अब आज के हालत बढ़ते जा रहे है ! जिस कारण समस्त जगत व स्वयं भारत भी परेशान है ! जैसे की आप सभी को ज्ञात होगा की कोरोना वायरस की अभी तक देश विदेश में कहीं भी कोई दवाई या इंजेक्शन…
बातों से कब बात बनी है….(सम्पादकीय) मनमोहन शर्मा ‘शरण’
अगस्त माह में अनेक त्यौहार–पर्व हैं जिनके द्वारा सांस्कृतिक, संस्कारिक, आ/यात्मिक एवं राष्ट्रीय मूल्यों को समझने का अवसर मिलता है ।रक्षा–बंधन, जहां भाई–बहन के प्यार–विश्वास और संकल्प की खुश्बू आती है तो वहीं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आ/यात्मिक चिंतन का महापर्व आएगा जिसमें जीवन जीने की कला हम जानते हैं । 15 अगस्त राष्ट्रीय चिंतन एवं देशभक्ति…
भारत को आत्मनिर्भर बनाने में एंटरप्रेन्योरशिप की भूमिका
इस कोरोना महामारी ने हमे बहुत कुछ सिखाया है और लोगो को अपनी अच्छाई और खामी दोनों को ही समझने में काफी मदद की है। इस बात से किसी को भी संदेह नही होना चाहिए कि इस महामारी ने देश को भी बहुत कुछ सिखाया है तथा कई खामियों को भी उजागर किया है। ऐसे…
“मूल्यों का अपहरण”
हमारे देश में भ्रष्टाचार का ही चलन है। जो भ्रष्ट नहीं है वो पिछड़ा हुआ है। परिवार, समाज और प्रांत सभी इसकी गिरफ्त में हैं। केवल नेता या अफसर ही नहीं, सामान्य नागरिक भी भ्रष्ट आचरण को अपना चुका है। मर्यादित आचरण से सभी अनभिज्ञ हैं। दुख की बात है कि परिचित होना भी नहीं…
जो लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे, उन्हें समझाना होगा : मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (30 जून) को देश के नाम संबोधन में अनलॉक-1 के बाद से देश में लापरवाही पर चिंता जताई है। जबकि अभी हमें अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है. विशेषकर कन्टेनमेंट जोन पर हमें बहुत ध्यान देना होगा। जो भी लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे, हमें उन्हें टोककर, रोककर…
सँभल जाए अगर माली, महके हर रूह की डाली : कविता मल्होत्रा
एक प्राकृतिक आपदा की तरह कोरोना वायरस समूचे विश्व पर मँडराया और वैश्विक बँधुत्व की सीख देकर आगे निकल गया।लेकिन अब भी सीमा पार से परस्पर वैमनस्य के कारण शहादत की खबरें आती हैं तो एैसा लगता है कि अभी मानव को बहुत कुछ सीखना है। कई लोगों को बेरोज़गारी का रोना रोते देखा और…
“जीवन का समीकरण”
“ये ज़िन्दगी भी तो एक रक्कशा है साहेब अगर आप सफल हो, सारे खूबसूरत जलवे दिखाती है। पर अगर आप गोते लगाते हो, असफलता के गर्त में, तो फिर ये आपसे नजरें चुराती है।” सपने देखना अच्छी बात है। उन्हें पूरे करने के लिए कोशिश करना और भी अच्छी बात है। परन्तु सारी कोशिशों के…
क्या होगा चीन का अगला कदम?
पिछले कुछ दिनो से चीन और भारत के बीच जिस तरह की स्थिति बनी हुई है उसे देख कर ऐसा लगता है कि मामला काफी संवेदनशील है और कभी भी कुछ भी हो सकता है। जिस तरीके से चीन अपनी आक्रमक्ता भारत को दिखा रहा है और दुनिया को ये दिखाने की कोशिश कर रहा…
