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हृदय परिवर्तन : अजय कुमार पाण्डेय
सात साल पहले रामदीन के लड़के ने विजातीय लड़की से शादी क्या कर ली रमाकांत ने पूरा गाँव सिर पर उठा लिया था। भरी पंचायत में रामदीन के परिवार की इज्ज़त को तार तार कर के रख दिया था। रमाकांत गांव के रसूखदार व्यक्ति थे, समाज के साथ साथ सारा गांव उनकी इज्ज़त करता था…
आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ
इस जून में आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ है। भारत के इतिहास में यह एक काला धब्बा है। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने जब मीडिया को चुप कराने के लिए हथौड़े की रणनीति का इस्तेमाल किया था। आपातकाल की घोषणा पर हस्ताक्षर होने से पहले ही, दिल्ली के अखबारों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई…
बिल्ली को ही सौंपी गई है दूध की रखवाली की जिम्मेदारी
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने हाल ही में पाकिस्तान को आतंकवादी गतिविधियों की निगरानी करने वाली समिति का उपाध्यक्ष बनाया गया है। यह ठीक वैसे ही है जैसे- बिल्ली को ही दूध की रखवाली की जिम्मेदारी दे दी जाए। पिछले दिनों पहलगाम के आतंकी हमले में पाकिस्तान की भूमिका क्रिस्टल क्लियर थी। वे संदिग्ध…
02 जून का दिन वास्तव में गहन चिंतन का दिन है
आज के दिन यानी 02 जून, 1947 को भारत के शीर्ष नेताओं ने भारत के अंतिम वायसराय लॉर्ड लुईस माउंटबेटन के घर पर देश के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण बैठकों में से एक के लिए एकत्र हुए। और वह बैठक थी भारत-पाक विभाजन की योजना के संबंध में। माउंटबेटन, जो सिर्फ़ तीन महीने पहले ही…
हिसार की बेटी और भिवानी की बहू प्रियंका सौरभ को मिला ‘सामाजिक सरोकार पत्रकारिता नारद सम्मान 2025’
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने मानव रचना यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद में किया सम्मानित हिसार/ भिवानी/फरीदाबाद, हरियाणा | 25 मई 2025: देवर्षि नारद जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य स्तरीय पत्रकार सम्मान समारोह में हरियाणा की चर्चित लेखिका, कवयित्री एवं स्वतंत्र पत्रकार प्रियंका सौरभ को ‘सामाजिक सरोकार पत्रकारिता नारद सम्मान – 2025’ से सम्मानित किया गया। यह…
सामाजिक समस्याओं में उलझने की हमारी कोशिश जारी है……
पंकज सीबी मिश्रा / राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी मनुष्य कशेरुकी समूह का रीढ़युक्त प्राणी है। मानव व्यवहार को समझना स्वयं मानव के वश में नहीं। हमारे जीवन में जीवविज्ञान का कोई अस्तित्व नहीं केवल हम विभाजन में विश्ववास रखते है। हमें समाज में सामाजिक प्राणी कहा भर जाता है क्योंकि हमारे पास…
दरवाजे पर दस्तक देता कोरोना
राजनीतिक सफरनामा दरवाजे पर दस्तक देता कोरोना कुशलेन्द्र श्रीवास्तव कोरोना की फिर से वापिसी हो गई है । देश के कई राज्यों में कोरोना के मरीज मिलने शुरू हो गए हैं इनमें मध्यप्रदेश भी शामिल है । इदौर में कोरोना के मरीज मिले हें जिनमें एक मरीज तो अहमदाबाद से आया है ऐसा माना जा…
महाराणा प्रताप: स्वाभिमान का प्रतीक और स्वतंत्रता का अमर सेनानी
महाराणा प्रताप केवल एक योद्धा नहीं, बल्कि भारतीय आत्मगौरव के प्रतीक थे। जब सारे राजपूत मुग़ल दरबार में झुक गए, तब प्रताप ने जंगल में रहना स्वीकार किया लेकिन दासता को नहीं। हल्दीघाटी की मिट्टी आज भी उनके पराक्रम की गवाह है। उनका जीवन सिखाता है कि स्वतंत्रता सुविधाओं से नहीं, संकल्प और त्याग से…
बेलगाम आतंकवाद एक वैश्विक समस्या बन जाएगी
पाकिस्तान के घरेलू आतंकवाद के बारे में सबूतों की कोई कमी नहीं है। इसने IC-814 का अपहरण करने वालों का साथ दिया, 26/11 मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों को पनाह दी, दुनिया के सबसे वांछित आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को अपनी सैन्य अकादमी से एक मील से भी कम दूरी पर एक सुरक्षित पनाहगाह…
आज के दिन ही उगा था हिंदी मीडिया का सूरज
(हिंदी पत्रकारिता की दो शताब्दी का सफर) 19 वीं सदी के कलकत्ता की चहल-पहल भरी गलियों में, घोड़ों की गाड़ियों के शोर और ताज़ी चाय की खुशबू के बीच, एक शांत क्रांति आकार ले रही थी। 30 मई, 1826 को उदंत मार्तंड नामक एक मामूली साप्ताहिक का प्रकाशन शुरू हुआ था-जिसका अर्थ है “उगता हुआ…
