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बुद्ध का सदियों का सफर

जैसे-जैसे बौद्ध दर्शन समय के साथ-साथ बदलता गया, वैसे-वैसे बौद्ध कला भी बदलती गई। परंपरा के शुरुआती दौर में, बुद्ध को कभी भी मानव रूप में नहीं दिखाया गया। बल्कि, उनकी उपस्थिति को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया गया। पैरों के निशान, एक बोधि वृक्ष या यहाँ तक कि एक साधारण पगड़ी – ये उनकी छवि…

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बच्चों, किशोरों में बढ़ती स्क्रीन टाइम की समस्या से पूरा विश्व परेशान है।

विजय गर्ग स्वीडन ने स्कूलों में स्क्रीन को बैन कर दिया। अब वहां किताबों की वापसी हो रही है। बच्चे सिर्फ किताबों से ही पढ़ेंगे। स्वीडन ने सुधारा, बाकी देश कब सुधारेंगे, वक्त बताएगा। अपने देश में तो अधिकांश दल अपने-अपने घोषणा पत्रों में बच्चों को लैपटाप और मोबाइल देने की बातें करते हैं। नौ…

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व्यंग्य : शठम् शाठयं समाचरेत्….

पंकज सीबी मिश्रा /राजनीतिक विश्लषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी जी हां  ! प्रस्तुत व्यंग्य शुद्ध मवेशी संस्कृति को इंगित करता एक आंखे खोलने वाला आलेख है जिसे पढ़कर कुछ ठौर और धिंढोर के आंखो में सूजन आ सकती है ।  कल किसी दिशा से आवाज़ आई- ‘ वोट चोर, गद्दी छोड़। वोट चोर ने इस…

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युवाओं के आक्रोश में झुलसा नेपाल

                                                                                                                 कुशलेन्द्र श्रीवास्तव एक और पड़ोसी देश युवाओं के आक्रोश का केन्द्र बिन्दु बन गया । श्रीलंका के बाद बंगलादेश और अब नेपाल में युवाओं ने हिसंक आन्दोलन कर सत्ताधीशों को कुर्सी से उतार दिया । नेपाल में लोकतंत्र ज्यादा पुराना नहीं है, इसके पूर्व राजशाही थी और नेपाल का एक बड़ा वर्ग मानता रहा…

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वेदों में आधुनिक भौतिकी के समाधान

सहस्त्रशीर्षा पुरुषःसहस्त्राक्ष सहस्त्रपात। स भूमि सर्वतःस्पृत्वाsत्व तिष्ठद्यशांगुलम।.पुरुषसूक्त 1 जो सह स्त्र सिर वाले, सहस्त्रों  नेत्र वाले और सहस्त्र चरण वाले विराट पुरुष है, वह सारे ब्रह्माण्ड को आवृत करक भी दस अंगुल शेष रहते हैं ।।1 सूक्त2— पुरुष एवेदं सर्वं यदभूतमयच्चभाव्यम। उतामृत्वस्येशानो यदन्नेनाति रोहति।। जो सृष्टि बन चुकी, जो बनने वाली है, यह सब विराट…

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क्या आरक्षण 50 प्रतिशत की सीमा से अधिक होना चाहिए?

संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 क्या गारंटी देते हैं? औपचारिक और वास्तविक समानता में क्या अंतर है? क्या आरक्षण अवसर की समानता या निरंतरता के विचार में एक अतिरिक्त प्रावधान है? क्या आरक्षण के लाभ केवल ओबीसी, एससी और एसटी तक ही सीमित हैं? समतलीकरण के लिए आरक्षण ही क्यों जरूरी है? अनुच्छेद 15…

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ट्रंप का आर्थिक हथियार “50 पर्सेंट टैरिफ” बनाम मोदी का “प्लान 40”

केंद्र सरकार ने प्रभावित सेक्टरों की पहचान की है व उनके लिए क्रेडिट सपोर्ट, टैक्स रिबेट और एक्सपोर्ट सब्सिडी जैसी राहत योजनाएँ तैयार की जा रही हैं। अमेरिका नें भारत के लिए एक दरवाजा बंद किया है तो भारत नें 40 और दरवाजे खोलकर अपने लिए नए रास्ते बनानें क़ी तुरंत रणनीति बनानी शुरू कर…

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राष्ट्र, समाज और संघ: शताब्दी की नयी दृष्टि

संघ की शताब्दी यात्रा का उद्देश्य केवल संगठन विस्तार नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों में संतुलन, संस्कार और एकता लाना है। डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि भारत अखंड है और हिन्दू राष्ट्र की भावना जीवन और संस्कृति में निहित है। संघ का कार्य निःस्वार्थ सेवा, शिक्षा में संस्कार और सामाजिक उत्थान पर केंद्रित…

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अस्पताल से जिन्दा कैसे लौटे

“बीमारी से बड़ी बन चुकी है इलाज की लूट” आज अस्पताल जीवनदान से ज़्यादा भय और लूट का केंद्र बन गए हैं। नॉर्मल केस को वेंटिलेटर तक पहुँचाना, अनावश्यक टेस्ट कराना और दवा कंपनियों से कमीशन लेना आम हो गया है। मरीज और परिजन मानसिक, आर्थिक और शारीरिक कष्ट झेलते हैं। डॉक्टरों की छवि भगवान…

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जवान बच्चों की शादी में अभिभावकों की सहमति : परंपरा, अधिकार और सामाजिक संतुलन

दादा गौतम उर्फ़ हरियाणा के विधायक रामकुमार गौतम द्वारा विधानसभा में उठाया गया मुद्दा केवल विवाह की सहमति भर का नहीं, बल्कि समाज की दिशा और संस्कृति के संरक्षण का संकेत है। अभिभावकों की सहमति से विवाह संस्था मजबूत रहती है, जबकि युवाओं की स्वतंत्रता से समाज प्रगतिशील बनता है। चुनौती यह है कि दोनों…

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