Special Article
हिन्दी दिवस पर अंग्रेजी में शुभकामनाऐं
कुशलेन्द्र श्रीवास्तव (वरिष्ठ साहित्यकार, पत्रकार, स्थायी स्तंभकार) हिन्दी दिवस मनाना तो हमारी आदत में आ चुका है, अब हिन्दी दिवस चुपचाप नहीं निकलता, भले ही हममें से बहुत सारे लोग हिन्दी को लेकर प्रहसन करते हों पर हिन्दी दिवस तो मना ही लिया जाता है । ‘‘आइए हम हिन्दी को अपनायें’’ कहने वाले लोग इसे…
मरणासन्न स्थिति में पड़े जीवितों को निकाला जाए
कविता मल्होत्रा (संरक्षक – स्थायी स्तंभकार) मरणासन्न स्थिति में पड़े जीवितों को निकाला जाए अब के बरस श्राद्ध कर्म में श्रद्धा का भाव डाला जाए ✍️ ये तो सच है कि माता-पिता के प्रति अपने संपूर्ण दायित्व निभाने वाली संतान को तीर्थ यात्रा पर जाने की ज़रूरत नहीं होती।अपने विस्तृत परिवार के साथ-साथ समाज के…
व्यंग्य- भारतीय तालिबानी
अफगानिस्तान में एक ओर नई सरकार बनी तो यहाँ दूसरी तरफ पुरानी सरकार को गिराने की तैयारी है। ये भारतीय तालिबानियों की बात ही निराली है। इन्हें सबसे ज्यादा खतरा भारत में ही नजर आता है और तंज कसना इन्हें बखूबी भाता है। थोक के भाव में जैसे कम गुणवत्ता के फल मिल जाते हैं…
वराह गिरि वेंकट गिरि
डॉक्टर मनोज कुमार (10 अगस्त 1894 से 23 जून 1980) प्रारंभिक जीवन :- वराह गिरि वेंकट गिरि (वी. वी. गिरि) का जन्म 10 अगस्त, 1894 को ओडिशा के बेहरामपुर में एक तेलुगू भाषी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। वी. वी. गिरि का विवाह अल्पायु में ही सरस्वती बाई से करा दिया गया था। उनके पिता…
श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में हिंदी दिवस 2021 का आयोजन
श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स अर्थशास्त्र और वाणिज्य में अध्ययन करने के लिए एशिया के सर्वश्रेष्ठ कॉलेजों में से एक है। इस महाविद्यालय से निकली अनेक विभूतियों ने देश का नाम रोशन किया है। कॉलेज की सबसे पुरानी सभाओं में से एक हिंदी साहित्य सभा एक पंजीकृत एवम् प्रतिष्ठित सभा है, जो कि 1928 से…
मुंबई का ठाकरे और हिंदुत्व का शूटआउट !
मुंबई में शूटआउट शब्द बड़ा प्रसिद्ध है । ये शूटआउट शब्द निश्चित रूप से आपने बॉलीवुड फिल्मों में सुना होगा किन्तु जब बाला साहब ठाकरे नाम का दिग्गज मुंबई में राज करता था तब हिंदुत्व का ध्वज महाराष्ट्र के आसमान पर सबसे ऊंचाई पर लहराता था और शूटआउट शब्द केवल माहौल बिगाड़ने वाले के लिए…
बातों से बात नहीं बनती साहेब : सम्पादकीय
मनमोहन शर्मा ‘शरण’ श्रीकृष्ण जगत के मीत हैं, ज्ञान भक्ति देते सदा, भक्त गा रहे गीत हैं जी हाँ मित्रे, 30 अगस्त को पूरे भारत में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया है । आज पूरे विश्व में जो चुनौति भरा माहौल निर्मित हुआ है उसमें अपने कर्म को ज्ञानमय चिंतन–भक्तिमय भाव और कर्ममय व्यवहार की…
अफ़गानिस्तान-तालिबान :
लेखक: कुमार शैल। साया बनकर साथ चलेंगे,इसके भरोसे मत रहना। अपने हमेशा अपने रहेंगेइसके भरोसे मत रहना।। आज पूरी दुनियां अपनी नजरें अफगानिस्तान पर टिकाए हुए है, कोई कहता है कि ये अमेरिका की हार है तो कोई कहता है कि ‘जो वाइडेन’ की हार है, एक प्रश्न उठता है कि आखिर अमेरिकी सैनिक वापस…
मानव उत्थान के संकल्प से बेहतर कोई विकल्प नहीं
कविता मल्होत्रा किसी भी देश की संस्कृति मन्नतों के धागों की आस्था पर नहीं बल्कि मानवीय उत्थान के संकल्पों पर चल कर ही दिव्यता की ओर अग्रसर होती है। ✍️ बांधे इस बार आशीष का धागा रहे न कोई भी मानव मन अभागा ✍️ लगभग दो वर्ष से समूचा विश्व महामारी के विध्वंसक परिणामों की…
सम्पादकीय : मनमोहन शर्मा ‘शरण’
आप सभी को भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई एवं अनन्त शुभकामनाएं । राष्ट्रीय स्तर पर लालकिले पर हर वर्ष की भांति बहुत भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ । प्रधानमंत्री जी ने बहुत बड़ा भाषण भी दिया । राज्य स्तर पर भी सभी सरकारें मनाती हैं तथा विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाएं भी देशभक्ति से ओतप्रोत…
