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(21 फरवरी) अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मातृभाषा संवर्धन का दिन

लाल बिहारी लाल +++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++यूनेस्को ने नवंबर 1999 में सभी लोगों, समुदायों, क्षेत्र व देशों की मातृभाषा को संरक्षण प्रदान करने के लिए 21 फरवरी का दिन अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा के लिए समर्पित किया।++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++सामाजिक और वौधिक विकास में भाषा का अहम योगदान होता है। किसी भी राष्ट्र के निर्माण में मातृभाषा को नकारा नहीं जा सकता है।…

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लघुकथा: “चार बजे की माँ”

(लेखिका: डॉ. प्रियंका सौरभ) सुबह के चार बजे थे। बाहर अभी भी अंधेरा पसरा था, मगर प्रियंका की नींद खुल चुकी थी। अलार्म बजने से पहले ही उसकी आँखें खुल गई थीं — जैसे उसकी जिम्मेदारियाँ अलार्म से भी पहले जाग जाती हों। बिस्तर छोड़ते ही ठंडी ज़मीन पर पैर रखते हुए एक ही ख्याल…

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दुनिया में सबसे ज्यादा कोरोना टेस्ट दिल्ली में : केजरीवाल

नई दिल्ली:  सोमवार 14 सितम्बर को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा के एक दिवसीय मानसून सत्र में यह जानकारी दी कि दिल्ली में प्रतिदिन प्रति 10 लाख आबादी पर 3057 टेस्ट हो रहे हैं जो दुनिया में सबसे अधिक है.  उन्होंने यह भी बताया की ब्रिटेन में प्रति 10 लाख आबादी पर…

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लाल बहादुर शास्त्री

(जन्म 02 अक्टूबर, 1904 एवं निधन 10 जनवरी, 1966) प्रारंभिक जीवन :- लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 02 अक्टूबर, 1904 को उत्तर प्रदेश के मुग़लसराय में हुआ था। उनके पिता शारदा प्रसाद और माँ रामदुलारी देवी थीं। लाल बहादुर का उपनाम श्रीवास्तव था पर उन्होंने इसे बदल दिया क्योंकि वह अपनी जाति को अंकित करना…

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राष्ट्रभाषा के बिना राष्ट्र गूंगा है : महात्मा गांधी

महात्मा गांधी ने अदालती कामकाज में भी हिन्दी के इस्तेमाल की पुरजोर पैरवी की थी। वे कहते थे, देश की उन्नति के लिए राष्ट्रीय व्यवहार में हिन्दी को काम में लाना अत्यंत आवश्यक है। क्योंकि अपनों तक अपनी बात हम अपनी भाषा द्वारा ही पहुंचा सकते हैं। अपनों से अपनी भाषा में बात करने में…

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कभी निष्फल नहीं हो सकता हमारा दूसरों को प्यार सम्मान अथवा महत्त्व देना

कुछ समय पहले की बात है कि एक हिंदी फिल्म देख रहा था। फिल्म और मुख्य पात्र का नाम है मिली। मिली एक मॉल के फूड जंक्शन में काम करती है। एक दिन गलती से मिली रेस्टोरेंट के फ्रीजर रूम में बंद हो जाती है। फ्रीजर रूम की सरदी के कारण उसकी हालत बहुत खराब…

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चूड़ी की आवाजो का संगीत सुनाना देखा है ,

चूड़ी की आवाजो का संगीत सुनाना देखा है , चलने फिरने पर पायल का, वो राग भी गाना देखा है, बड़े बुजुर्गों की बातें ,जब घर मे मानी जाती थीं , हाँ इन आँखों ने साक्षात अदबो का जमाना देखा है ! जब लोग खड़े हो जाते थे, बूढ़ो को आदर देने को , सब…

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पेड़ की व्यथा

दोस्तों नमस्कार, पहचाना मुझे? पहले थोड़ा मुश्किल होता मुझे पहचान पाना लेक़िन इस फोटो के साथ पहचान ही लिया होगा। हाँ कल आपमें से बहुत से आए भी थे, मैं दिखा भी होऊंगा आप सब को लेकिन आपने शायद ध्यान न दिया हो, ओर ध्यान देते भी कैसे, इतना आसान थोड़ी ही था मुझे देख…

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जज़्बे को सलाम

आज कोरोना से पूरा विश्व लड़ रहा है। सरकार अपने स्तर पर लोगों को सुरक्षा प्रदान कर रही है। वहीं कुछ लोग चुपचाप राष्ट्र सेवा में लगे हैं। इन्ही में से एक हैं नरसिंहपुर जिले के चौगान अंचल में छोटे से गांव कल्याणपुर में रहने वाले 65वर्षीय कन्हैया लाल नामदेव। कन्हैया टेलर्स के नाम से चौगान…

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परियों की नन्ही शहजादी

परीलोक से परियों की नन्ही शहजादी आई,नन्हे हाथों के नन्हे पंखों से उड़ कर आई। उससे बातें करते रहना,कितना अच्छा लगता,जी भर कर देखें उसको पर,कभी नहीं जी भरता। इंद्रलोक की सबसे सुंदर सूरत लेकर आई।घर के मधुबन की क्यारी में ज्यों बसंत ऋतु आई।परीलोक से परियों की नन्ही शहजादी आई। सुंदर हीरे मोती सी…

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