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बनें रब का सेवादार

कविता मल्होत्रा (संरक्षक, स्तंभकार) “माता-पिता केवल शब्द नहीं ये जीवन का हैं सार ईश्वरीय श्रवण कुमार वही जो सृष्टि का सेवादार” शिक्षा के क्षेत्र में अनेक प्रकार की संभावनाएँ होती हैं जो किसी भी व्यक्ति के अस्तित्व को तराश कर एक सुघड़ आकार देतीं हैं।हर व्यक्ति की पसंद अलग होती है।अपनी पसंद के अनुसार हर…

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जीवन पथ

अरे जीवन पथ के पथिक विश्राम कर ले तनिक कहां भागा जा रहा अंधी दौड़ प्रतियोगिता तूने ही तो मारी अपने पांव कुल्हाड़ी मालूम तो था न जीवन है चार दिना ईट पत्थर से बनाए पहाड़ हरी-भरी वसुधा उजाड़ क्यों फैलाया आडंबर वनों को काटकर लुप्त चील गिद्धों के परिवार मृत पशु था उनकाआहार चूस…

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नये साल में सबलोग दृढ़-संकल्प लें

डॉक्टर सुधीर सिंह साल बीत जाते ही नया सालआता है, आइए!उसका हार्दिकअभिनंदन करें। भूल जाएं हम बीते वर्ष का सारा गम, नव वर्ष  में मिलजुलकर जश्न मनाएं। परिवर्तन प्रकृति का  शाश्वत नियम है, समस्त संसार उसकी डोरी से बंधा है। नए साल  में सबलोग  दृढ़-संकल्प लें, ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’, लक्ष्य हमारा है। हर घर में…

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हौसले

अड़चने हों हजारों राह में तेरे साथी हौसलों को कभी कम नहीं होने देना। काटकर गिरि को राहें बनाई हैं तुमने बाँध सागर को जग को दिखाया कभी। चाँद मंगल की सरहद भी लांघा तुमने गहराई पयोधर की भी है नापा सभी। देव दानव सभी करते तेरी ही बड़ाई दुष्करों से आँखें नम तू नहीं…

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लाल बहादुर शास्त्री

(जन्म 02 अक्टूबर, 1904 एवं निधन 10 जनवरी, 1966) प्रारंभिक जीवन :- लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 02 अक्टूबर, 1904 को उत्तर प्रदेश के मुग़लसराय में हुआ था। उनके पिता शारदा प्रसाद और माँ रामदुलारी देवी थीं। लाल बहादुर का उपनाम श्रीवास्तव था पर उन्होंने इसे बदल दिया क्योंकि वह अपनी जाति को अंकित करना…

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‘सर्दी के दिनों में’ (कविता)

दिन छोटे, रातें लम्बी सूरज की रोशनी का कोई भरोसा नहीं, सर्द हवाओं के बीच कभी दिन में अँधेरा, तो कभी रोशनी। मौसम की इस आँख मिचौली में सर्दी के दिनों में सूरज धुँधले आसमां के किसी कोने से कभी झाँकता है सिर उठाकर, तो कभी छिप जाता है बादलों की आड़ में। ऋतु भी…

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“छोटी बेटी”

श्रीमती आहूजा की आंखें बंद होने के साथ ही सुनीता को जीवन में अंधकार नज़र आने लगा था। एक अनाथ लड़की का एकमात्र सहारा उसकी मालकिन भी अब नहीं रही थी। उनके दोनों बच्चे विदेश से वापिस आ गए थे। क्रियाक्रम होने के बाद थोड़ी देर में ही सब लोग अपने अपने घर लौट गए…

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वाराणसी के लोकप्रिय नेता है दयाशंकर मिश्र दयालु , रहते है सर्वसुलभ !

 वाराणसी को भाजपा का गण कहा जाता है क्योंकि  काशी ने ही मुरली मनोहर जोशी जैसा मजबूत संघ विचारक , सांसद  नेता और महेंद्र नाथ पांडेय जैसा जनप्रिय मंत्री दिया है । वर्तमान राजनीति में वाराणसी में विधानसभा चुनावों में एक जो सबसे चर्चित और लोकप्रिय चेहरा नजर आ रहा वो है राज्य सरकार में…

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चीफ ऑफ डिफेंस बिपिन रावत के लिए करोड़ों नतमस्तक !

सीडीएस जनरल बिपिन रावत की हेलिकॉप्टर दुर्घटना ने कई हवाई दुर्घटनाओं की याद दिला दी । ऐसी ही एक हवाई दुर्घटना में हमारे सबसे बड़े परमाणु वैज्ञानिक की मौत हुई थी और उस एक मौत से हमारा परमाणु कार्यक्रम कई वर्ष पीछे चला गया था । हम बात कर रहे हैं डॉ. होमी जहांगीर भाभा…

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तुझे वो किरदार होना पड़ेगा.

बकाया बहुत हैं मेरे सपने तुमपे,तुम्हें बेहिसाब होना पड़ेगा , रहोगे कब तक यूं दायरों में, अब तुम्हें आसमां होना पड़ेगा !! हर्फ-हर्फ लिखते रहे “क़िस्से”, जिसके हम अपनी सांसों पर , सब समेट लो संग अपने कि, अब तुम्हें किताब होना पड़ेगा !! सुनो, सरेआम शर्मसार न कर दें कहीं वो लोग, “हमारे खत”,…

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