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जयहिंदी,जयहिंद’ के जयकारा को हम

डॉक्टर सुधीर सिंह जयहिंदी, जयहिंद के जयकारा को हम, मिलकर हिंद  की  सरजमीन पर उतारें। हिंदी थिरकेगी जनजीवन के अधरों पर, प्रत्येक भारतीय इसके लिए प्रयास करें। समाज और समुदाय के बीच राष्ट्रभाषा, मधुर रिश्तों की दृढ़-बुनियाद रखती है। एकजुटता,भाईचारा और राष्ट्रीयता का; अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करती है। व्यक्ति,समाज और राष्ट्र का प्रगति-पथ; समृद्ध राष्ट्रभाषा…

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श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में हिंदी दिवस 2021 का आयोजन

श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स अर्थशास्त्र और वाणिज्य में अध्ययन करने के लिए एशिया के सर्वश्रेष्ठ कॉलेजों में से एक है। इस महाविद्यालय से निकली अनेक विभूतियों ने देश का नाम रोशन किया है। कॉलेज की सबसे पुरानी सभाओं में से एक हिंदी साहित्य सभा एक पंजीकृत एवम् प्रतिष्ठित सभा है, जो कि 1928 से…

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बहुत जल्द होगी रिलीज भोजपुरी फ़िल्म सइयाँ मिलल बा 420

मुम्बई : भोजपुरी फ़िल्म निर्देशक अनिल कमल चौहान के निर्देशन में बनी भोजपुरी फ़िल्म सइयाँ मिलल बा 420 पूर्ण रूप से बनकर तैयार हैं और बहुत जल्द प्रदर्शित भी की जाएगी।फर्स्ट लुक रिलीज के बाद अनिल कमल चौहान ने बताया कि टीज़र और ट्रैलर भी जल्दी ही रिलीज होगी।दर्शकों में फ़िल्म को लेकर काफी समय…

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बाबू के सपने का सफल मंचन

महामारी के इस दौर में जहाँ मनोरंजन के साधन के रूप में केवल टीवी ही रह गया था जब सरकार द्वारा रंगमंच के क्षेत्र में कुछ छूट मिली तो दर्शको ने इसे तुरंत स्वीकार किया. गत 29 अगस्त को दिल्ली के अक्षरा सभागार में पंचानन पाठक हास्य नाटक समारोह के अंतर्गत बाबू के सपने का…

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खुदा से अर्ज ! – डॉक्टर सुधीर सिंह

हम ने खुदा से अर्ज की;ऐ रब ! सबों पर रहम कर| सब को दिखा वह रास्ता, जो हो मुहब्बत की डगर| हम को फरिश्ता मत बना; बंदा बना कुछ काम का, अवसाद और गम कम करें , हमदर्द बन इंसान का| दुनिया में दुख और दर्द है; एहसास हम इसका करें, न रहें कभी…

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“राजनीति के बीज”

इंसान अपना मूल धर्म, इंसानियत खो रहा है। जातिवाद का जहर रगों में सरपट दौड़ रहा है।। खुलम-खुला व्याभिचार और सब कुछ तो हो रहा है। फिर भी, आजकल सुन रहा हूँ के “विकास” हो रहा है।। अब तो राष्ट्रवाद को विचारधारा की गर्म और तेज आंच पर पकाया जा रहा है। मीडिया ट्रायल में…

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पनाह : उज्जवला  साखलकर

ये ठहरी आखिर महानगरी मुम्बई की सड़क , जहाँ दिन हो या रात हर समय गाड़ियों और लोगों का महापुर जमा रहता है I हर कोई अपनी धुन में, बस जल्दी गंतव्य तक पहुँचने की होड़ I आज भी  पूरी की पूरी सड़क कार, टैक्सी, बस और टू-व्हीलर से भरी हुई थी और इसमें सावित्री…

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“आत्मा” : शुभांगी

कितना हल्का हल्का सा लग रहा है शरीर। अहा! जैसे सारे तनावों और विकारों को किसी ने जड़ से उखाड़ फेंका हो! ऐसा लगता है जैसे 30 -40 साल से नहीं सो पाई थी और आज इतनी गहरी नींद पूरी कर के उठी हूँ। सच बहुत फ्रेश लग रहा है। चलो अच्छा है जाने कब…

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रक्षाबंधन….. : रितु गोयल

दीदी, आज मुझे थोडे रूपये दे देना और 2 दिन की छुट्टी भी! कल गांव जा रही हूं, रक्षाबंधन है ना परसों इसलिये।’ कमला ने बर्तन मांजते मांजते रीनू से कहा। ‘तू गांव जा रही है पर तूने तो खुद कहा था कि अब तो मर कर भी गांव नहीं जाऊंगी। पिछले साल रक्षाबंधन की…

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घुटन (कहानी) – डॉक्टर सरला ‘सिनिग्धा’

           मैम मैं भी बहुत लिखती थी । किसी भी घटना को कलमबद्ध कर लिया करती थी । कुछ कहानियाँ व कविताएँ भी लिखी थीं,पर मेरे घर में कुछ भी अपना व्यक्तिगत नहीं है ।             मतलब ?मैं कुछ अनजान सी छेड़ते हुए बीच में बोल पड़़ी ।        मतलब कोई किसी की भी डायरी…

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