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भव्य कल्चरल सोसाइटी द्वारा 11वें रंग महोत्सव को सफल आयोजन

पिछले दिनों दिसंबर हर शनिवार और हर रविवार 11वें रंग महोत्सव को सफल आयोजन नई दिल्ली के ओल्ड राजिंदर नगर के भव्य थिएटर स्टूडियो में किया गया। इस भव्य रंग महोत्सव में दर्शकों ने खूब आनंद लिया। इस भव्य रंग महोत्सव में 7 नाटकों का मंचन और एक करोके सिंगिंग प्रोग्राम का सफलतापूर्वक मंचन किया…

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उनका मसाज कराना :  कुशलेन्द्र श्रीवास्तव

सभी की अपनी-अपनी किस्मत होती है, इसमें चिढ़ने की क्या जरूरत है । सत्येन्द्र जैन की किस्मत का ही कमाल है जिस जेल में उन्हें चक्की की रोटयां बनानी चाहिए उस जेल में वे मसाज कराते दिखाई दे रहे हैं । भाजपा वालों को इसमें चिढ़ क्यों हो रही है । अरे वो मंत्री हैं…

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खुशी की तलाश

खुशी शब्द ही खुशी का एहसास कराता है,चेहरे पर मन्द मुस्कान,मन में उमंग सीमहसूस होती है। खुशी की तो हर किसी को तलाश रहती है,खुशी तो हमारे अंदर से ही तो उपजती है बस हर परिस्थिति में अपने आप को सयंम के साथ सब्र रखते हुए मन की गहराइयों से अनुभव करना है,कुछ न कुछ…

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कैसा धर्म ?

सविता चडढा सुबह के 5 और 6 बजे के बीच का समय था । इस समय तक बहुत कम लोग ही उठ पाते हैं । सुगंधा हर रोज देखती है  मंदिर जाने वाले कुछ लोग ही इस समय उसके घर के नीचे से निकलते हैं । उस दिन गली में शोर सुनकर सुगंधा ने दरवाजा…

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न्याय मंदिर से लेकर राम मंदिर तक  : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव

राजनीतिक सफरनामादुनिया में न्याय के मंदिर के रूप् मेें स्थापित न्यायालय न केवल कानून की रक्षा करते हैं, उनके पालन की जिम्मेदारी तय करते हैं बल्कि वे आम आदमी के लिए आषा के केन्द्र बिन्दु भी होते हैं । आम आदमी जब सरकारी व्यवस्थाओं से हार जाता है तब वह न्यायलय की दहलीज पर नया…

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लाल बहादुर शास्त्री

(जन्म 02 अक्टूबर, 1904 एवं निधन 10 जनवरी, 1966) प्रारंभिक जीवन :- लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 02 अक्टूबर, 1904 को उत्तर प्रदेश के मुग़लसराय में हुआ था। उनके पिता शारदा प्रसाद और माँ रामदुलारी देवी थीं। लाल बहादुर का उपनाम श्रीवास्तव था पर उन्होंने इसे बदल दिया क्योंकि वह अपनी जाति को अंकित करना…

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अक्षय तृतीया: समृद्धि, पुण्य और शुभारंभ का पर्व

अक्षय तृतीया, जिसे ‘आखा तीज’ भी कहा जाता है, हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला एक अत्यंत पावन पर्व है। ‘अक्षय’ का अर्थ होता है—जो कभी क्षय (नाश) न हो। यही कारण है कि यह दिन शुभ कार्यों, दान-पुण्य, निवेश और नए आरंभ के लिए…

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नारी

धरती पर अनमोल रत्न और खुशियो का संसार है नारीघर की बढ़ती जिससे रोनक , ऐसा अदभुत श्रंगार है नारी। लहराती फूलों की बगिया और चन्दन सी शीतल है नारीदिखाती है जो सबको रास्ते,ऐसी अदभुत रोशनी है नारी। सह लेती हर कष्ट को हंसकर,सहनशक्ति की देवी है नारीढक लेती हर दुःख की धूप,ऐसी सुख की…

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“रहे उजाला हर दिल में,ना कोई तमस हो बारह महीने हर दिन बसँती प्रेम दिवस हो”

ना रहे किसी भी रूह में, मैं मेरी की हवस उतरे हर दिल में इश्क ए इब़ादत, तो मने समस्त ब्रह्माण्ड में बसँती एक प्रेम दिवस कितने भाग्यशाली होते हैं वो बच्चे जिन्हें उच्च शिक्षा के अवसर अपने देश में भी मिलते हैं और विदेशों में भी।अगर समाज के ये तथाकथित उच्च शिक्षित विद्वान अपनी…

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