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मेरी भाषा, मेरा अभिमान

सुमित को नौकरी मिल गई थी। उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था। आज सुबह ही उसे फोन के माध्यम से सूचना मिली थी। वह एक माह पूर्व इस नौकरी  के साक्षात्कार के लिए गया था, अपने दोस्त अमित के साथ। साक्षात्कार की उसने बहुत तैयारी की थी। अपने विषय की पढ़ाई करने के साथ साथ…

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कोरोना से मुक्ति है पानी, वर्णमाला की ज़ुबानी : अंजू मल्होत्रा

अ …अपना ध्यान ज़रूर ही रखना आ…आपको घर पर ही है रहना इ …इधर उधर बिलकुल मत जाना ई…ईश्वर पर विश्वास जताना उ ..उम्मीद को होगा क़ायम रखना ऊ..ऊटपटाँग की सोच ना लाना ए ..एकांत का महत्व है जाना ऐ ..ऐसी विपदा से पार है पाना ओ..ओझा का चक्कर था पुराना औ..औषधि से जीवन बचाना…

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आओ-आओ गजानन गणेश

आओ-आओ गजानन गणेश,देवा मेरे घर आओघर आओ देवा घर आओ -2आओ-आओ गजानन ———–देवा मेरे घर आओ लाल सिंदूर तुमको है प्यारा -2फूलों से महका दरबार तुम्हाराप्रथम पूजें तुमको सब गणेश -2गजानन मेरे घर आओआओ-आओ गजानन ————+ सुख वैभव के तुम ही स्वामीमहिमा जग ने तेरी जानीमूषक सवारी करके गणेशगजानन मेरे घर आओआओ-आओ गजानन गणेशदेवा मेरे…

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लक्ष्मी बाई प्रशिक्षण संस्थान NGO द्वारा ऑनलाइन डान्स प्रतियोगिता का आयोजन

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष में लक्ष्मी बाई प्रशिक्षण संस्थान NGO द्वारा ऑनलाइन डान्स प्रतियोगिता देशभक्ति गीतों पर बहुत सुंदर नृत्य किया इसमें 100 प्रतियोगियों ने हिस्सा लियाइस कार्यक्रम के मुख्य संयोजक डॉक्टर पवनदीप कौर स्ट्रॉबेरी किड्ज़ प्ले स्कूल की प्रधानाचार्या जी के निर्देश द्वारा चलाया गया हरमीक कौर ,नेहा शर्मा,ईशा शर्मा ,अध्यक्षा सीमा…

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अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था का पंचम वार्षिक समारोह धूमधाम से सम्पन्न हुआ

दिनांक १६ अगस्त 2020 को अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था का पंचम वार्षिक समारोह ऑनलाइन लाइव काव्य प्रसारण के माध्यम से सम्पन्न हुआ। छह दिनों का यह कार्यक्रम अभिव्यक्ति मंच के लाइव पटल आगाज़ (गीत ग़ज़ल) से प्रसारित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता परम आदरणीय आशु कवि राजेश राज जी की उपस्तिथि में सभी कवियों एवं कवयित्रियों ने…

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सम्पादकीय : मनमोहन शर्मा ‘शरण’

आप सभी को 74वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं !हम प्रत्येक वर्ष यह दिवस बड़ी धूमधाम से मनाते आ रहे हैं। इस बार कोरोना काल में बंदिशों तथा सरकार की गाइडलाइन्स का पालन करते हुए मनाया गया। दिवस आता है और बीत जाता है। आज हमें 74ं वर्ष हो गये। प्रधानमंत्री जी ने…

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आंधे की माक्खी राम उड़ावै

हमारी बोलचाल, प्यार, उलाहनों और कहावतों में रचे बसे है श्रीराम    — डॉo सत्यवान सौरभ,   राम-राम जी। हरियाणा में किसी राह चलते अनजान को भी ये ‘देसी नमस्ते’ करने का चलन है। यह दिखाता है कि गीता और महाभारत की धरती माने जाने वाले हरियाणा के जनमानस में श्रीकृष्ण से ज्यादा श्रीराम रचे-बसे हैं।…

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कोरोना काल!कैसा हाल!!

बड़ी अजीब विडम्बना है, जब चार माह पूर्व जब कोरोना शुरुआती चरण में था तो लोग सजग थे,  पूरी सावधानी बरत रहे थे पर अब जब कोरोना ने विकराल रूप धारण कर लिया है,24 लाख से ऊपर केस हो गये, रोज़ पचपन-साठ हज़ार केस आ रहे हैं,यही हाल रहा तो दिसम्बर आते आते यह संख्या…

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करते सिक्के शोर !

क़तर रहे हैं पंख वो, मेरे ही लो आज ! सीखे हमसे थे कभी, भरना जो परवाज़ !! आखिर मंजिल से मिले, कठिन साँच की राह ! ज्यादा पल टिकती नहीं, झूठ गढ़ी अफवाह !! अब तक भँवरा गा रहा, जिसके मीठे राग ! वो तितली तो उड़ चली, कब की दूजे बाग़ !! वक्त-वक्त…

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होइए वहीं जो राम रचि राखा !

” राम ही जाने ,राम की लीला ” यह महज एक सोच ,एक भाव नहीं अपितु पूर्ण सत्यता है । “जाकी रही भावना जैसी प्रभु मूरत देखी तिन्ह तैसी”  का परम भाव भी जागृत हुआ, लोगो ने 5 अगस्त को अयोध्या में जो हलचल ,जो त्योहार देखा उसमें निश्चित ही उन्हे रामराज्य नजर आया होगा…

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