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“भव्य रंग महोत्सव -1 का सफल आयोजन

27 मार्च 2021 -शनिवार ” विश्व रंग मंच दिवस” के अवसर पर शादी पुर – रंजीत नगर,नई दिल्ली के “सफ़दर स्टूडियो” में “भव्य कल्चरल सोसाइटी” के सौजन्य से” भव्य रंग महोत्सव-१” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ हर्षित के मधुर स्वरों में गिटार के साथ गणेश वंदना के साथ किया गया। उसके बाद तीन…

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रंगों में उल्लास (होली पर दोहे)

“रंगों “में सद्भावना“रंगों “में मुस्कान ।रंग; देव लोक कासृष्टि को वरदान ।।*रंगों में उल्लास छिपाऔर गुंथा है प्यार।रंग पिरोय फूल हैंजो फूलों का हार ।।*रंगों में अनुराग भरारंगो में विश्वास।रंग दिलों के पास काएक पावन एहसास ।।*रंगों में इस धरा कीसौंधी-सौंधी गंध।रंग हृदय से देखतेकरके आंखें बंद।।*रंगो में वो मीठा पनमुख में ज्यो मकरंद ।जो…

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पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी ओंकारानंद सरस्वती जी का इन्द्रपार्क पालम में आगमन

आज 26 मार्च , देव मानव सेवा ट्रस्ट इन्द्रा पार्क पालम के प्रांगण को प्रयाग पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी ओंकारानंद सरस्वती जी महाराज ने अपने चरणों से शुद्ध कर दिया बहुत ही सुन्दर प्रवचन सुनने को मिले बहुत ही शिक्षाप्रद विचारों का प्रदान किया, संस्था विशेष रूप से पूर्व पार्षद मेरे बड़े भाई श्री अनिल…

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मैं फिर लौट आऊंगी

मैं फिर लौट आऊंगीधूप के उजास सीकि करूंगी ढेरों मन भर बातेंउस जाती हुई ओस से भीजिसके हिस्से में आती हैं सिर्फ रातें ही !! मैं फिर लौट आऊंगीपहली बारिश सीकि सिमट जाऊंगी मिट्टी मेंऔर होती रहूंगी तृप्तउसकी सोंधी-सोंधी सी महक में !! मैं फिर लौट आऊंगीटूटे हुए तारे सीकि सुन लूंगी हर एक दुआहर…

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होली गीत

रंग जितने हो बेशक लगाया करो।चाहे जितना मुझे तुम सताया करो।।रोज खेलो भले मुझसे होली मगर।सामने सबके रंग न लगाया करो।। इस होली में घर तेरे आऊँ प्रिये।गोरे गालों पे, रंग मैं लगाऊँ प्रिये।।चाहे लहंगा और चुनरी पहिनना पड़े।चाहे तेरी सखी मुझको बनना पड़े।।सब करूँगा सनम मैं तुम्हारे लिए।इस तरह न मुझे आजमाया करो।। भंग…

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नौकरी ही नहीं तो शिक्षक पात्रता परीक्षा के नाम पर ठगी क्यों ?

(   हरियाणा के मुख्यमंत्री का विधान सभा में जवाब कि प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों की अब जरूरत नहीं कितना शातिराना है सोचिये? जब प्रदेश में शिक्षकों की जरूरत ही नहीं तो फिर क्यों पिछले दस सालों से शिक्षक पात्रता के नाम पर बार-बार बेरोजगार युवाओं की जेब काटी जाती रही इनको तो सब पता ही…

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मैं फकीर वो बादशाह

मैं फकीर हूँ सामने तेरेतू जगत का बादशाह है। मैं फकीर वो बादशाह हैसिजदे में सिर झुका मेरा।सबकुछ तो तेरा ही दियाजो भी यहाँ सब कुछ तेरा।सब फकीर हैं तेरे सामनेतू जगत का बादशाह है। तेरी रहमतें बरसें सभी परखुशहाली दिखे हर कहीं।तू दूर कर दे गम सभी केउदासियाँ दिखें कहीं नहीं।तेरी कृपा मिल जाये…

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नारी व्यथा

मेरे हिस्से की धूप तब खिली ना थीमैं भोर बेला से व्यवस्था में उलझी थीहर दिन सुनती एक जुमला जुरूरी सा‘कुछ करती क्यूं नहीं तुम’ कभी सब के लिए फुलके गर्म नरम की वेदी पर कसे जातेशीशु देखभाल को भी वक्त दिये जातेघर परिवार की सुख सुविधा सर्वोपरीहाट बाजार की भी जिम्मेदारी पूरी तंग आ…

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हर्षोल्लास के पावन पर्व होली की अनन्त शुभकामनाएं : मनमोहन शर्मा ‘शरण’

सर्वप्रथम  आप  सभी  को  हर्षोल्लास  के  पावन  पर्व  होली  की  अनन्त  शुभकामनाएं ।  बात  हम  होली  और  जो  ‘हो  +  ली’  (कोराना  महामारी)  उसकी  भी  करेंगे ।           जो  बात  हो़ली,  जिससे  पूरा  विश्व  अचम्भे  में,  सकते  में  आ  गया  था ।    2021  आते–आते  हम    खुशी  मनाने  लगे  कि  चलिए  अब  तो  बहुत  सारी  वैक्सीन …

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अभिव्यक्ति संस्था के कार्यक्रम “होली की बहार, काव्य की बौछार” में रचनाकारों ने खेली काव्य-होली

दिनांक १४ मार्च २०२१ का दिन अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्थाके लिये अत्यन्त महत्वपूर्ण रहा क्योंकि “अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था” की ओर से, होली के उपलक्ष में, “होली की बहार, काव्य की बौछार” कार्यक्रम का भव्य आयोजन, रोहिणी (दिल्ली) में कार्यक्रम आपकीं दोस्त Madhu Madhubala Labana जी के निवास स्थान पर सफ़लतापूर्वक सम्पन्न हुआ। अभिव्यक्ति मंच विगत छः…

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