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‘सर्दी के दिनों में’ (कविता)

दिन छोटे, रातें लम्बी सूरज की रोशनी का कोई भरोसा नहीं, सर्द हवाओं के बीच कभी दिन में अँधेरा, तो कभी रोशनी। मौसम की इस आँख मिचौली में सर्दी के दिनों में सूरज धुँधले आसमां के किसी कोने से कभी झाँकता है सिर उठाकर, तो कभी छिप जाता है बादलों की आड़ में। ऋतु भी…

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देश के विकास इंजन को पुनर्जीवित करने के लिए नए अवसर पैदा करने होंगे

(वर्तमान स्थिति निवेश को बढ़ावा देने, मौजूदा नौकरियों की रक्षा करने और नई नौकरियां पैदा करने के लिए साहसिक कदम उठाने का अवसर प्रस्तुत करती है।) — डॉo सत्यवान सौरभ, रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस, दिल्ली यूनिवर्सिटी, कवि,स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, आकाशवाणी एवं टीवी पेनालिस्ट, कोविद-19 महामारी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को बदल दिया है और…

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नेता बने अभिनेता

संगीता अग्रवाल (आगरा, उत्तर प्रदेश) नेता बने अभिनेता वोटों के दिन जब हैं आए नेता भी अभिनेता बन जाए झूठे-झूठे सपने दिखाए टूटी हुई सड़कें बनबाएं बिजली पानी वो दिलबाएं झूठे सबको भाषण सुनवाएं बच्चों के स्कूल खुलबाएं सबको लैपटॉप फ्री बँटबाएं अस्पतालों को खुलवाएं बिन पैसे उपचार करवाएं सबको नए रोजगार दिलाएं जनता पर…

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पुलिस जाति -धर्म देखकर कार्य नहीं करती: शाह

दिल्ली पुलिस के 73 वें स्थापना दिवस समारोह पर रविवार 16 फरवरी को आयोजित समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि पुलिस किसी की दुश्मन नहीं है और वह जरुरत पड़ने पर सभी की मदद करती है । इसलिए पुलिस का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे यह भी कहा कि पुलिस का…

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स्वतंत्रता से विकसित भारत की ओर

15 अगस्त भारत के इतिहास का वह स्वर्णिम दिवस है जिसने करोड़ों भारतीयों को स्वतंत्रता का अमूल्य उपहार दिया। यह केवल राष्ट्रीय ध्वज फहराने और देशभक्ति के गीत गाने का अवसर नहीं, बल्कि आत्ममंथन, कर्तव्यबोध और भविष्य के संकल्प का भी दिन है। स्वतंत्रता हमें सहज रूप से प्राप्त नहीं हुई; इसके पीछे असंख्य स्वतंत्रता…

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ब्रिक्स की ‘गूंज’ वाशिंगटन से इस्लामाबाद तक खलबली

अजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार,लखनऊ ( उ. प्र.)नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मंच पर जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक साथ कैमरे के सामने आए, तो वाशिंगटन से लेकर पश्चिमी राजधानियों तक भू-राजनीतिक हलचल तेज होना लाजिमी था।…

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वरिष्ठ नागरिकों की समस्याएं*

राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित” शिक्षक एवम साहित्यकार    परिवार में जिनकी आयु साठ वर्ष हो गए या जिनकी सेवानिवृति हो गई। वे वरिष्ठ नागरिक कहलाते हैं। वरिष्ठ जन ही परिवार की नींव होती है। लेकिन आज की पीढ़ी वरिष्ठ के साथ रहना पसन्द नहीं करते। वे एकल परिवार में स्वतंत्रता के साथ रहना चाहते हैं। किसी…

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

नारी है भारत की शान  बढ़ाती है जग में सम्मान  सनातन ग्रंथ पढेगी  नया इतिहास गढ़ेगी । जानकी है शक्ति का नाम जिनसे बने राम है राम सावित्री के पति सत्यवान छीन के लाई यम से प्राण।  ब्रह्मा और विष्णु महेश परीक्षा लेने गए विशेष अनसूया सी पावन नार बनाकर बालक झूले डार। राधा मीरा…

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हर रूह प्रेम की प्यासी है

कविता मल्होत्रा (संरक्षक एवं स्तंभकार – उत्कर्ष मेल) उधार की मिली सब साँसें,हर धड़कन मुक्ति की अभिलाषी है अपनी संवेदनाओं को साग़र कर दें, हर रूह प्रेम की प्यासी है ✍️ अति हर चीज़ की बुरी होती है, बचपन से सुनते आए हैं।मानव जाति से किस तरह के गुनाहों की अति हुई है जिनके परिणाम…

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लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ा, PM मोदी ने मांगा देशवासियों का साथ

मोदी ने कहा कि सारे राज्यों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए तय किया गया है कि लॉकडाउन को तीन मई तक बढ़ाना पड़ेगा। इस दौरान लोगों को अपने घरों में रहना होगा। नए क्षेत्रों में कोरोना को रोकना होगा। मोदी बोले, “20 अप्रैल तक हर कस्बे, हर थाने और हर राज्य को और…

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