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हमने युद्ध नहीं बुद्ध को चाहा है (सम्पादकीय)

मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (संस्थापक, सम्पादक) सर्वप्रथम आप सभी को चैत्र् नवरात्रि की हार्दिक बधाई एवं माँ भगवती की कृपा आप सभी पर बनी रहे, मेरी यही कामना है ।माँ की कृपा से ज्ञान–भक्ति–वैभव एवं समृद्धि में निरंतर वृद्धि होती रहे, ऐसी मेरी प्रार्थना है ।यदि मैं भारत की बात करूँ तो एक कृपा तो अवश्य…

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रंग गालो पे कत्थई लगाना

अबके सावन में ओ रे पियाभीग जाने दो कोरी चुनरियामीठी मीठी सी बाली उमरियाभीग जाने दो कोरी चुनरिया हम को मिल ना सकेंतेरे रहमो करमसात रंगों में डूबे सातो जन्मरंग गालो पे कत्थई लगानाधीमे धीमें से खोलो किवडियाभीग जाने दो कोरी चुनरिया रंग प्रीत का धानी बहुत हैये नशा भी बहुत ही सुहानाएसे अल्हड से…

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चूनर

धानी सी चूनर पहन धरा इतराये सुंदरता पर अपने। चहुँदिशि ही शोभा है बढ़ी पूरित हों  ज्यों सारे सपने। लहराती सी हैं नदियाँ डोलें मन चंचल है खिला-खिला। जंगल वन सब मुदित लगें जीवन का मानों मंत्र मिला। चहुँदिशि ही शोभा है बढ़ी पूरित हों  ज्यों सारे सपने। नद नदियाँ सब सूख रहे थे जीव…

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आनंद से भरा प्याला पीने को मिलता है

खोजना है तो सिर्फ आनंद की खोज कर, संसार में स्वयं को आडंबर से अलग रख। झूठी प्रतिष्ठा  के पीछे  नहीं  भाग अधिक, बहुत कुछ करना है पास में है थोड़ा वक्त। लोग उलझायेंगे  किन्तु रहना है सावधान, धैर्यऔर विवेक से मंजिल तक पहुंचना है। आदमी के लिए कोई  काम असंभव नहीं, दृढ़-संकल्प  के  साथ…

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अरुणा आसफ अली

16 जुलाई, 1909 – 29 जुलाई, 1996) प्रारंभिक जीवन :- अरुणा आसफ अली का जन्म 16 जुलाई, 1909 को कालका, पंजाब, ब्रिटिश भारत (अब हरियाणा, भारत) में एक बंगाली ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता उपेंद्रनाथ गांगुली पूर्वी बंगाल (अब बांग्लादेश) के बारीसाल जिले से थे, लेकिन संयुक्त प्रांत में बस गए। वह एक…

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‘सबका विश्वास’ की ओर सशक्त कदम तीन तलाक बिल हुआ पास

मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (संपादक) कभी कभी हम देखते,सुनते और पढ़ते हैं कि ज्योतिषीय गणना / आंकलन के अनुसार आज का दिन बहुत पावन है क्योंकि आज ग्रह–नक्षत्रें का एक अद्भुत एवं सुखद संयोग बन रहा है । ज्योतिष को मानने वाले उत्साहित हो जाते हैं, विशेषकर वे जिनकी राशि में वह संयोग लाभकारी सिद्ध होने…

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दिल्ली हिंसा के दोषियों कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए : कांग्रेस

कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि राजधानी दिल्ली में बेहिसाब और अंधाधुंध हिंसा, आगजनी, पत्थरराव और हत्या की घटनाओं ने देश का सीना छलनी कर दिया है। इस वक्त भी दिल्ली के कई हिस्सों में हिंसा का तांडव चल रहा है जो किसी…

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कौन सा अभिप्राय लेकर जिन्दगी जीने लगे

सम्पन्न हो तुम देख लो, वो फटे पट सीने लगे।। बहुत जर्जर हो गई थी , मेरे माँ की लूगरी। और कोई भी नही थी , धौत बस्त्र दूसरी ।। दूसरी होती नये परिधान में, वो खिलखिलाती। लोकलज्जा से विवस , डरकर न यूँ ही सहम जाती ।। लाज आखिर लाज है , चैतन्यता की…

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ट्रंप का तमाशा ना बनाओ साधो (व्यंग्य)

आठ दस रंग रोगन दीवारों को देखते हुए जब आप भारत के चमकते केसरिया तोरणद्वार में प्रवेश करते हैं, आप इसे एक पार्क समझ कर तफरीह करने घुसते हैं।  बगल में किसी खलियर आदमी (अरविंद केजरीवाल ) की कभी दिल्ली भी आइए की रिक्वेस्ट होती है जो आपको चाटुकार किंग जैसे किसी वाहियात खेल में…

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उम्मीद के दीप

माना रात घनी है,घोर तमस से भरी है। उजियारी भौंर के सामने कई चुनौतियाँ धरी हैं। तुम सूरज पर एतबार बनाए रखना। उम्मीदों के दीपक जलाए रखना। मंजिल बहुत दूर हो,दर्द बेहिसाब हो। सबसे मेरा रश़्क हो,उजड़े हुए मेहताब हो। जुगनुओं से इल्तिफात तुम बनाए रखना। उम्मीदों के दीपक जलाए रखना। मंज़र-ए-नदीश में कष्ट इफरात…

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