इतना तो असर हो मेरी दुआओं में घुले प्रेम का रँग सारी फ़िज़ाओं में
कितना अद्भुत सँगम है माँ शारदे की स्तुति के साथ हर रूह की चूनर प्रेम रँग से रँगते बसँत की दस्तक का !! कितना खूबसूरत नज़ारा है !! हर तरफ ज्ञान की देवी माँ सरस्वती की पूजा के पँडाल वीणावादिनी की कर्णप्रिय स्तुति से गुँजित हैं !! बसँत की ख़ुमारी से रँगी ये सारी क़ायनात…
