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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (८ मार्च ) की हार्दिक बधाई

अनुराधा प्रकाशन परिवार विश्व की सभी महिलाओं को नमन करता है , वंदन और अभिनन्दन करता है , महिलाओं ने अपने अस्तित्व को अपनी योग्यता से स्थापित किया है और सभी क्षेत्रों में पुरुषों के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर कार्य कर रही है अनुराधा प्रकाशन से जुडी सभी महिलाओं का आभार व्यक्त करते हुए…

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अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम द्वारा अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन

देश से बँधुआ मजदूर प्रथा को समाप्त करने के लिए 1975 में 24 अक्टूबर को ही एक अध्यादेश लाया गया था एवं 24 अक्टूबर को ही उर्दू की मशहूर लेखिका इस्मत चुगताई एवं कला के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित मन्ना डे की पुण्य तिथि भी है। इस तरह से ऐतिहासिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक…

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Russia Ukraine War LIVE: रूस और यूक्रेन के बीच चौथे दिन भी जंग जारी, रूसी सेना ने खार्किव में गैस पाइपलाइन को किया तबाह

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध का आज चौथा दिन है। रूस और यूक्रेन के बीच हालात लगातार बिगड़ते ही जा रहे हैं। रूस की सेना ने यूक्रेन की राजधानी कीव तक पहुंच गई है। दोनों देशों के बीच अब आमने सामने की जंग हो रही है। संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि गुरुवार…

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अलौकिक नारी (कविता-8)

नारी की एक अलौकिक कहानी है, उसकी जन्म से मृत्यु तक रवानी हैं। जब वो जन्मती हैं किसी आँगन में, तब वह सभी की प्यारी बन जाती हैं । जब वो छमाछम आँगन में खेलती हैं, तब वो सभी की हँसी बन जाती हैं। जब वो बड़ी होकर  शिक्षा लेती हैं, घर में सभी की…

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इंसानी रिश्ते

बड़ी मालकिन घर के  नौकर चाकरों  से बड़ा कठोर व्यवहार करती। उनको तुच्छ और हीन समझती। उनकी नजर में पैसा होना ही सबसे ज्यादा जरूरी था। पूजा पाठ के नाम पर दिखावा भी बहुत करती अम्मा। घर के नौकर बुरा नहीं मानते थे उनकी बातों का। कभी-कभी तो छूत-अछूत भी कर दिया करती थी। बरसात…

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नही है कोई रक्षक तेरा ऐ भारत की नारी

नही है कोई रक्षक तेरा ऐ भारत की नारी। करनी होगी तुझ को खुद ही अब अपनी रखवारि। वन कालका या बन चंडी कौइ भी रूप अपना। हाथों मे हथिआर लेकर, तू दैत्य संहार कर डाल। कोई नही आयेगा आगे,कभी तुझ को बचाने। पर आ जायेगें कैई राक्षस ,तुमको जिन्दा जलाने । बंद कर दे…

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हद कर दी आपने

“अरे स्वति सुन तेरे लिए बड़ा ही अच्छा लड़का ढूढ़ा है बिटिया हलवाई है हलवाई बड़ा अच्छा कमा लेता है, यह ले फोटो देख।” अम्मा ने बड़ी प्रसन्नता से स्वाति को यह खुशखबरी दी। उत्सुकतावश फोटो को अम्मा से लेकर देखते ही गुस्से से लाल पीली होती स्वाति बोली “अम्मा यह तो बुढढा है कम…

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एलोपैथ का टूटता तिलिस्म, आयुर्वेदिक काढ़ा बना लाईफलाइन !

आयुर्वेदिक संस्था के रूप में पतंजलि आज वर्तमान समय में सर्वाधिक प्रचलित प्रतिष्ठान है जो भारत के एलोपैथ को तगड़ा टक्कर दे रहा । भारत समेत वैश्विक व्यापार और बाजार में पतंजलि आयुर्वेद का  सबसे अग्रणी निर्यातक है । अभी हाल ही में बढ़ते करोना संकट में जहां एक तरफ एलोपैथ से सुसज्जित हाईटेक अस्पतालों…

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सत्याग्रह के सही मायने !

आज के समाज में  राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के विचार निसंदेह प्रासंगिक है । जिस सत्य अहिंसा और सद्भाव की बात राष्ट्रपिता गांधी करते थे वो आज के वर्तमान समय में लालच लाचारी और भ्रष्टाचार की भेट चढ़ चुकी है । प्रत्येक वर्ष हम दो अक्टूबर को महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जी का…

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आर्थिक स्तर पर हो जनगणना , केवल गरीबों को मिले आरक्षण और अवसर ..!

देश का लचीला संविधान कहता है कि सबको जीने का अधिकार है जिसके तहत 1980 से पहले दबे कुचले दलितों और आदिवासियों को आरक्षण देकर उनके उत्थान का काम किया गया ।  अब जब आरक्षण वर्तमान समय में अपना काम 70% पूर्ण कर चुका है तो इसे संशोधित करके आरक्षण का आधार केवल गरीबी रखा…

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