..पिता….. (कविता-11)
करता है जिसकी खातिर दिन-रात पिता मेहनत। ढोता सिर पर बोझा, देता है मिटा सेहत। आदर्श ,संस्कार ,व्यवहार सिखाता। सच्चाई की हमेशा ही राह दिखाता। तुम समय के साथ बदल जाओगे कभी, लेकिन कभी पिता की बदलती नहीं फितरत,,,,,,, जन्म से ही पाल पोश, जवान कर दिया। शिक्षा हुनर देकर गुणवान कर दिया। पूछा नहीं…
