बहिष्कार … कोरोना वापिस जाओ
सरताजों का ताज कोरोना फैले छूकर हाथ कोरोना छींक पे भी है इसका ज़ोर खांसी बन गई इसकी दोस्त जिसको ये (कोरोना) छू जाता है घर का वह हो जाता है दूर भागते देखके इसको दूर भगाओ कहते इसको नहीं नज़दीक अब जाना है (किसी भी जन के) नजदीकी चाहे रिश्ता उससे पास – पड़ोस…
