Latest Updates

तुमने लड़ना क्यों छोड़ दिया? – अम्ब्रीश श्रीवास्तव

माँ अक्सर कहा करती थीं,“जहाँ प्रेम होता है, वहीं लड़ाई भी होती है।” बचपन में मुझे यह बात समझ नहीं आती थी। लगता था कि प्यार और लड़ाई तो एक-दूसरे के दुश्मन हैं। लेकिन तुम्हारे साथ रहते-रहते समझ आया कि माँ कितनी सही थीं। याद है, तुम हर छोटी-छोटी बात पर मुझसे लड़ जाया करती…

Read More

उथल पुथल,

 हम अक्सर कहते हैं… इस दुनिया में इतनी उथल पुथल क्यों है कोई किसी की नहीं सुनता हर कोई अपनी राह चलता है…. कोई सामंजस्य नहीं है.. ज़रा सोचो.. हमारा शरीर भी तो हमारी दुनिया है.. क्या इसमें उथल पुथल नहीं होती हर अव्यय अपनी चाल चलता है.. मन कुछ कहता है , दिल कुछ…

Read More

“राष्ट्रीय ब्राह्मण महासम्मेलन” का आयोजन

सन् १९२३ में स्थापित “अखिल भारतवर्षीय श्री आह्वान ब्राह्मण महासभा(पंजी)” के अहवान पर, भारत की १४ अन्य राष्ट्रीय ब्राहमण संघठनों के प्रतिनिधियों के सानिध्य में, दिंनाक २७ मार्च, २०२२ को “राष्ट्रीय ब्राहमण महासम्मेलन” का आयोजन होने जा रहा है स्थान :  दिल्ली कर्णाटक संघ के ऑडिटोरियम में,  राव तुला राम मार्ग, दिल्ली ११० ०२२ समय…

Read More

वर्ल्ड बुक रिकार्ड टोक्यो जापान द्वारा संजय वर्मा “दृष्टि” को सम्मानित किया जाना प्रस्तावित

हिंदी की गूंज टोक्यो जापान द्वारा आयोजित साहित्यिक प्रतियोगिता में “माँ जैसा कोई नही” वर्ल्ड रिकार्ड बुक के लेखकों में भारत की ओर से मनावर जिला धार मप्र के संजय वर्मा “दृष्टि” को हिंदी जी गूंज अंतरराष्ट्रीय संस्था की ओर से माँ की यादों की माला पिरोने के अथक प्रयास से सम्मानित किया जाना है।…

Read More

लोककला के नाम पर अश्लीलता का तड़का

लोककला के नाम पर अश्लीलता का तड़का अश्लीलता फैलाने वाले कलाकारों पर लगे बैन, ग़लत दृश्य दिखाना, अश्लील नाटकों-गीतों का मंचन समाज से खिलवाड़।  एक ओर जहाँ कई लोग संस्कृति को प्रमोट करने के लिए अपना करियर, अपनी मेहनत और अपना सब कुछ दांव पर लगा रहे हैं तो कोई हमारी संस्कृति को इस तरह…

Read More

Placement Tips for Freshers in India

Rohit Pandey Head- Training & Placement GNIOT Group of Institutions Greater Noida The placement landscape for freshers in India can differ depending on several factors, including your academic background, skills, chosen field, and current economic conditions. However, there are generally good opportunities available for talented and motivated individuals. Here’s an overview: Sectors with high demand…

Read More

माँ (कविता-2)

मार्टिन उमेद नज्मी मैंने जमीं पे चलती फिरती ख़ुदा की अंजा देखी है , मैंने जन्नत नहीं देखी कभी मैंने अपनी माँ देखी है ॥ ———————- बेटी की शादी में गरीबी सह विधवा माँ खर्चे को हिचकिचाती रही , वो ज़बां पर ख़ामोशी के ताले डाल इक इक रस्म-ओ -रिवाज निभाती रही ! ———————- माँ…

Read More

‘चालीस रुपये’

            “सीमा आज स्कू्ल नहीं गयी ?”      “नहीं चाची ,आज काम करते देर हो गयी।”      सीमा ने कुछ सकुचाते हुए बंगालिन चाची को जवाब दिया ।         बंगालिन चाची सारे बच्चों के लिए उनका यही नाम था। वे एक लम्बी सांँवली-सी महिला थीं लेकिन उनका चेहरा अनायास आकर्षित करता हुआ था। धर्म से…

Read More

जीवन के वृक्ष  को जीवन्त रखना है,

जीवन के वृक्ष  को जीवन्त रखना है, प्रेम के पानी से उसे  सींचते रहना है। उसको सुखाता  है नकारात्मक सोच, शुभ सोच  से सदा हराभरा रखना है। अहंकार की ऊष्मा विष के समान है, जो जीवन को  विषाक्त  कर  देता है। जो  सीख लिया है दंभ को दुत्कारना, मजेदार जीवन का वह मजा लेता है।…

Read More

विश्व हिंदी दिवस को समर्पित पंक्तियां

डॉक्टर सुधीर सिंह जी (शेखपुरा, बिहार ) हिंद और हिंदी हिंदुस्तानी की पहचान है,वही हमारी राष्ट्रीय अस्मिता की जान है।हिंदी की श्रेष्ठता को संसार स्वीकार कर,सरेआम कह रहा है हिन्दुस्तान महान है। भाषाअभिलाषा को कार्यान्वित करती है,उससे ही व्यक्तित्व का विकास होता है।हिंदी की भव्यता ही भारत का भविष्य है,इसलिए वह हमारी प्यारी राष्ट्रभाषा है।…

Read More