Latest Updates

Ambulances Crying

ambulances cryingthat corona killerfather of diseasesroot of diseasesself was epidemickilled people in the worldambulances were sadwatched everythingambulances ran randay and night ranfull of painwhat could ambulances dosomeone was illambulances were sadsomeone diedambulances were sadambulances were helpfulambulances were helplessowner of ambulancesneeded big moneylacs instead of hundredsdid not know helpvery pitiablevery very sorrowfulriches arrangedpoor did notso big…

Read More

भारत विकास परिषद सृष्टि शाखा के तत्वाधान में विराट अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित हुआ ‘एक शाम मां के नाम’

पिलखुवा, भारत विकास परिषद सृष्टि शाखा के तत्वधान में एक विराट अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित हुआ कार्यक्रम के संयोजक| वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार अशोक गोयल रहे| कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार| डॉ वागीश दिनकर ने की।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान से सोहन लाल शर्मा प्रेम रहे।आज के कार्यक्रम का…

Read More

रिश्ते

कविता    रिश्ते रिश्तों का रंग आज बदला है, जीने का ढंग आज बदला है। पहचान में कोई नहीं आता। अपनों को समझ नहीं पाता। सारा चाल-चलन बदला है। रिश्ते हाथ से फिसलते है, साथ चलते औ बिछड़ते हैं। आज जीने का ढंग बदला है। पैसों का भी खेल है सारा । आज उससे है…

Read More

दफ्तरों के इर्द-गिर्द खुशियां टटोलते पति-पत्नी

आज एकल परिवार और महिलाओं की नौकरी पर जाने से दांपत्य सुख के साथ-साथ पारिवारिक सुख जो होना चाहिए वह नहीं है। बच्चे किसी और पर आश्रित होने के कारण टीवी मोबाइल में घुसे रहते हैं। कामकाजी पति-पत्नी के मामलों में यह बात सामने आ रही है कि दोनों ऑफिस के बाद घर में मोबाइल…

Read More

यारो मैंने पंगा ले लिया… (सम्पादकीय)

जी हाँ मित्रो!, चीन ने पूरी दुनिया में कोरोना वायरस को फैलाकर कोहराम मचा दिया  जिसके चलते सारा विश्व परेशान है और सबके निशान पर चीन अपने को देख रहा है ।  गलती की है  और यदि मान लेते हो तो इसके अनेक उपाय हैं, बात बन जाएगी । किन्तु चोरी और सीनाजोरी न कभी…

Read More

हिंदी हास्य नाटक : अंगूर तो मीठे थे, का होगा मंचन

पंचानन पाठक हास्य नाटक समारोह में भव्य कल्चरल सोसाइटी पंजीकृत प्रस्तुत हिंदी हास्य नाटक : अंगूर तो मीठे थे लेखक प्रेम भारती,निदेशक संजय अमन पोपली,दिनांक 5 सितंबर,21,शाम 7 बजे अक्षरा प्रेक्षागृह, आरएमएल हॉस्पिटल के साथ,नई दिल्ली। कहानी बच्चूसिंह चौरसिया व सपना पति पत्नी हैं। इनके सामने घर में मुरालीलाल वह नीलम रहते हैं। मुरारीलाल को…

Read More

हो रँग यही अब फागुन का

कविता मल्होत्रा (स्तंभकार-उत्कर्ष मेल) वसँत ऋतु ने अब के बरस ये कैसी दस्तक दी है, चारों तरफ रक्त-रँजित फाग का मँज़र है। कहाँ गया वो मौसम जब हर पखवाड़ा वृँदावन की पावनता से महकता था। आखिर एैसा क्या हो गया कि आज सर्वोत्तम योनि पाकर भी मानव अपनी ही चाल भूल गया है। क्यूँ चाहिए…

Read More

‘भारत जोड़ो यात्रा मेरी राजनीतिक पारी का अंतिम पड़ाव हो सकती है’ : सोनिया गांधी

कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को राजनीति से अपनी सेवानिवृत्ति की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनकी पारी भारत जोड़ो यात्रा के साथ ही समाप्त हो सकती है। छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में कांग्रेस का 85वां पूर्ण अधिवेशन जारी है। शनिवार को अधिवेशन के दूसरे दिन के कांग्रेस नेता सोनिया…

Read More

पावन शिक्षक दिवस पर समर्पित चंद शब्द-पुष्प:

कृष्णजैसा सारथी जब अर्जुन को मिला, युद्धभूमि में तब गीता का उद्घोष हुआ. तब एकआज्ञाकारी शिष्य सा था कुंतीपुत्र, गुरु के रूप में देवकीनंदनको आना पड़ा. अन्याय,अत्याचार और भयंकर भ्रष्टाचार; जब भी समाज में निर्बाधबढ़ने लगता है. गिरिधारी सा गुरु और पार्थ साविद्यार्थी, काल के कोख सेतबतुरंतपैदा होता है. बिगड़ती हुई व्यवस्था को पटरी परलाना,…

Read More

एपस्टीन फाइल्स: लोकतंत्र का आईना या सत्ता का कवर-अप?

– डॉ. सत्यवान सौरभ अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा सार्वजनिक की जा रही एपस्टीन फाइल्स केवल एक आपराधिक कांड का खुलासा नहीं हैं, बल्कि वे आधुनिक लोकतंत्रों की पारदर्शिता, जवाबदेही और सत्ता-संरचना पर गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं। जेफरी एपस्टीन—एक ऐसा नाम, जो वित्तीय वैभव, राजनीतिक पहुँच और यौन शोषण के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्याय बन…

Read More