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बंजर आत्मा (लघुकथा)

वह भीतर से चुप था — इतना चुप, कि अब उसकी आत्मा भी किसी आहट से नहीं कांपती थी। सावन की फुहारें बरसतीं तो थीं, पर अब उसकी आँखों में नमी नहीं बची थी। रिश्तों की मिट्टी को सींचते-सींचते वह स्वयं दरक चुका था। भीतर की धरती अब केवल दरारों से भरी थी — वहाँ…

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सोनम-राजा रघुवंशी की कथा ने हिला दिया समाज

राजनीतिक सफरनामा कुशलेन्द्र श्रीवास्तव सोनम और राजा रघुवशी की कहानी ने आम लोगों को चिन्तित कर दिया है । लगातार घट रही ऐसी घटनाओं से समाज का चिन्तित होना जायज भी है । ऐसा भी अनुमान लगाया जा सकता है कि बहुत सारी ऐसी घटनायें भी होतीहोगीं जो समाज के सामने नहीं आ पा रहीं…

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मेरी माँ

पुनीता शुक्ला अगर तुम न होती न होते हम तुम्हारे वजूद से ही बने हैं हम न होती ये सांसे, न होता ये दिल, न दिल कि ये धड़कन न होते हम अगर तुम न होती ——- अपनी दुवाएं और ये आँचल आँचल में लिप्त हुआ ये प्यार न छोड़ देन इसे कभी, विनती करूँ…

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(रिश्तों की हत्या का आधुनिक ट्रेंड) 

नौकरी लगते ही पतियों को छोड़ रही हैं आधुनिक औरतें “रोज़गार मिला, रिश्ते छूटे,जिसने पढ़ाया, वही पराया हो गया” विवाह अब त्याग और समर्पण की बजाय स्वार्थ और स्वतंत्रता की शरण में चला गया है। अनेक मामले सामने आ रहे हैं जहाँ पति ने पत्नी को पढ़ाया, नौकरी लगवाई, पर जैसे ही वह आत्मनिर्भर हुई,…

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जीवन का सार

गृहस्थी का दायित्व, कब अवसान देता है, गाड़ी-सा जीवन जिम्मेदारियों की सड़क पर, सरपट दौड़ता है, अहर्निश अविराम। स्व मनोरथ श्रम-भट्ठी में झोंकता है, स्वजनों के काम्यदान के लिए। तब प्रमोद-सरिता अविरल बहती है, परिजनों को भिगोती है अपने सुखदायी मेघपुष्प से। कर्तव्यों की वृत्ति अंततः जीर्ण बना देती है, पराश्रित बना देती है। बस…

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मेरी आस

मेरी जीत भी तुम हो मेरी  हार  भी तुम हो मेरी प्रीत भी तुम हो मेरी मीत भी तुम हो मेरा एहसास भी तुम हो मेरी  प्यास  भी  तुम  हो मेरा राज भी तुम हो मेरा नाज भी तुम हो मेरे  दिल  का  साज  भी  तुम  हो मेरे अंतर्मन की आवाज भी तुम हो मेरी…

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चुनौती है बढ़ता तापमान, बदलता वायुमंडलीय पैटर्न।

वैश्विक समुद्री बर्फ में खतरनाक गिरावट को रोकने के लिए जलवायु कार्यवाही निर्णायक होनी चाहिए। अनुकूली नीतियों और बेहतर ध्रुवीय निगरानी से जलवायु लचीलापन बढ़ेगा। एक टिकाऊ भविष्य उत्सर्जन को कम करने और ग्रह के नाज़ुक क्रायोस्फीयर की रक्षा करने के लिए सभी के दृढ़ संकल्प पर निर्भर करता है। कई समुदायों में जलवायु परिवर्तन…

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Gold medalist Dr. Manish Sahni will be honored with Pride of Nation Award on 7th December

Dr. Manish Sahni is a renowned laparoscopic and robotic surgical oncologist with over 13 years of experience.He is a Gold Medalist in M.Ch (Surgical Oncology) from prestigious SMS Medical College, Jaipur for his various academic and clinical excellence. He has rich academic background with 25 research oncology publications in indexed journals, won various academic awards…

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उड़ान

जीवन की मुश्किल राहों में थकना न है… सपनों की उड़ान को पंख लगाने है .. हौसले बुलंद करके मंजिल को पाना है … हौंसले बुलंद हो तो पत्थर भी पानी बन जाता …. इरादे मजबूत हो तो पत्थर भी पिघल जाते …. जीवन में कोई भी बाधा आए सभी अपने आप ही हट जाती…

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(21 फरवरी) अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मातृभाषा संवर्धन का दिन

लाल बिहारी लाल +++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++यूनेस्को ने नवंबर 1999 में सभी लोगों, समुदायों, क्षेत्र व देशों की मातृभाषा को संरक्षण प्रदान करने के लिए 21 फरवरी का दिन अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा के लिए समर्पित किया।++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++सामाजिक और वौधिक विकास में भाषा का अहम योगदान होता है। किसी भी राष्ट्र के निर्माण में मातृभाषा को नकारा नहीं जा सकता है।…

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