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जादुई अवाज की मल्लिका की आवाज खामोश हो गई

लाल बिहारी लाल  स्वर कोकिला लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 ईस्वी को मध्यप्रदेश के इंदौर रियसत में हुआ था।  इन्हें गायकी अपने पिता से विरासत में मिली । इनके पिता हृदयनाथ मंगेशकर एक शास्त्रीय गायक थे।  इनकी पहली फिल्म मंगलागौड़ 1942 में आई थी और इन्होंने  कई फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में…

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Assembly Election 2022: उप्र में 62 व उत्तराखंड में 65 प्रतिशत से अधिक मतदान, गोवा में जमकर बरसे वोट

विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के नौ जिलों की 55 सीटों पर सोमवार को 62.62 प्रतिशत मत पड़े जबकि पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में यह आंकड़ा 65.10 प्रतिशत रहा। वहीं, गोवा 78.94 प्रतिशत के साथ तीनों राज्यों में अव्वल रहा। उप्र में दूसरे चरण के मतदान में कुल 586 प्रत्याशी मैदान में थे जबकि उत्तराखंड में…

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क्या नए वर्ष 2026 की तश्वीर से साफ हो पायेगी 2025 की धूल..!

पंकज सीबी मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी  बीते वर्ष 2025 में कई चीजे रही जो भूलने के बाद भी याद आती रहेंगी जिनमें कुछ सामाजिक और राजनैतिक  अवसाद और संवैधानिक  अपवाद रहें। बिहार चुनाव में विपक्ष की हार हो या सोने चांदी के कीमतों की मार ! स्मृति मंधना की शादी टूटने की…

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बुर्खा और घूँघट प्रथा —-एक सामाजिक बुराई

कभी तो देखे अपनी माँ को, जो बुर्खा मुख पर ओढ़े थी , कभी बोलती बिना जुबां के, माँ कब तू मुख खोलेगी ! क्या मेरी जवानी और बुढ़ापा तेरी तरह ही गुजरेगा , जो तेरे था साथ हुआ, क्या वो सब मुझपर बीतेगा ! कैसे गर्मी धूप में भी तू, सर ढक कर के…

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आज़ादी का अमृत महोत्सव : डॉ नीरू मोहन ’वागीश्वरी’

याद इन्हें भी कर लो ज़रा जिनकी कुर्बानियों ने देश को आज़ादी दिलवाने का मील का पत्थर रचा… रानी गाइदिन्ल्यू भारत की नागा आध्यात्मिक एवं राजनीतिक नेत्री थीं जिन्होने भारत में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध विद्रोह का नेतृत्व किया। भारत की स्वतंत्रता के लिए रानी गाइदिनल्यू ने नागालैण्ड में क्रांतिकारी आन्दोलन चलाया था। झाँसी की…

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आपका दिन

“मैं केक नहीं काटूँगी।” उसने यह शब्द कहे तो थे सहज अंदाज में, लेकिन सुनते ही पूरे घर में झिलमिलाती रोशनी ज्यों गतिहीन सी हो गयी। उसका अठारहवाँ जन्मदिन मना रहे परिवारजनों, दोस्तों, आस-पड़ौसियों और नाते-रिश्तेदारों की आँखें अंगदी पैर की तरह ताज्जुब से उसके चेहरे पर स्थित हो गयीं थी। वह सहज स्वर में…

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बातों से बात नहीं बनने वाली

सम्पादकीय (मनमोहन शर्मा ‘शरण’) सुर्खियां थीं कि अब शिवसेना– एनसीपी–कांग्रेस के तिपहिया रथ पर सरकार बनने जा रही है । और रातों रात समीकरण बदले और अगले दिन भाजपा की सरकार बन चुकी थी, देवेन्द्र फडणवीस मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके थे । ऐसी क्या जल्दी थी कुर्सी/सत्ता की । यहां तक शिव सेना…

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रिटायरमेंट-नये जीवन की नई शुरुआत

सेवानिवृत्ति या रिटायरमेंट जीवन का एक अनमोल क्षण होता है।सर्विस के शुरू में ही रिटायरमेंट की तिथि तो तय ही होती है। पर हम पचास नहीं बल्कि पचपन वर्ष की उम्र के बाद ही थोड़े से सावधान होते हैं कि कैसे समय बिताएंगे,कैसे रहेंगे,क्या करेंगे। कुछ तो रिटायरमेंट के बाद ही सजग होते हैं।चाहे कुछ…

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कोरोना से मुक्ति है पानी, वर्णमाला की ज़ुबानी : अंजू मल्होत्रा

अ …अपना ध्यान ज़रूर ही रखना आ…आपको घर पर ही है रहना इ …इधर उधर बिलकुल मत जाना ई…ईश्वर पर विश्वास जताना उ ..उम्मीद को होगा क़ायम रखना ऊ..ऊटपटाँग की सोच ना लाना ए ..एकांत का महत्व है जाना ऐ ..ऐसी विपदा से पार है पाना ओ..ओझा का चक्कर था पुराना औ..औषधि से जीवन बचाना…

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विजय

        राखी नाम की एक दुबली-पतली बीमार -सी ,साँवले रंग की एक लड़की,उम्र यही तेरह- चौदह की साल रही होगी । वह आठवीं कक्षा में पढ़ती थी । राखी कक्षा में बिलकुल पीछे बैठती थी। वह हमेशा चुपचाप बैठी रहती शायद इसी लिए उसकी कोई  सहेली भी नहीं बनी थी । हाँ अगर शिक्षिका कक्षा…

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