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अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम द्वारा अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन

देश से बँधुआ मजदूर प्रथा को समाप्त करने के लिए 1975 में 24 अक्टूबर को ही एक अध्यादेश लाया गया था एवं 24 अक्टूबर को ही उर्दू की मशहूर लेखिका इस्मत चुगताई एवं कला के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित मन्ना डे की पुण्य तिथि भी है। इस तरह से ऐतिहासिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक…

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सिविल सेवा कविता

हर कोई देखे सिविल का ख्वाब बड़ी शानो-शौकत बड़ा है नाम बेहद चुनौतीभरा इसका सफर बहुत कठिन है इसका एक्जाम। कैसे बने हम आईएएस पीसीएस कैसे बने हम अफसर अधिकारी हर अभ्यर्थी की यही है चिन्ता कैसे करें हम सिविल की तैयारी। माजिद हुसैन की पढ़ो भूगोल लक्ष्मीकान्त की राजव्यवस्था बिपिन चंद्रा का पढ़ो इतिहास…

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आठवाँ सुख

आज अमृता की शादी है। पापा को अपनी लाडली की विदाई का सोचते ही उदासी हो आई।चौबीस वर्ष उसके आँगन में रही बुलबुल फुर्र हो जाएगी। पत्नी सुशीला डायबिटीज से इतनी परेशान रहती थी थकावट व घबराहट से तरबतर उसका ज्यादा समय बिस्तर पर ही गुजरता था,ऐसे में पहले पढ़ाई व बाद में नौकरी में…

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पराया घर पराये बोल

शमिता के ससुराल मैं कोहराम मचा हुआ था। जो कोई आता सहानुभूति के साथ-साथ दो टूक शब्द ऐसे कह जाता जो कलेजे को अंदर तक चीर जाते। शमिता के आँख के आँसू तो अब जैसे सूख गये थे, बस मूर्तिवत आने-जाने वालों को देखती रहती। कोई कहता” अरे पहाड़ सी जिंदगी पड़ी है कैसे कटेगी”…

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यूक्रेन में घुसी रूस की सेना, छह सैनिक भी मारे, अमेरिका ने की एफ-35 की तैनाती

हर बीतते क्षण के साथ यूक्रेन का संकट बढ़ रहा है। अघोषित तौर पर यूक्रेन पर रूस का हमला हो चुका है। रूस के टैंक पूर्वी यूक्रेन के डोनेस्क और लुहांस्क में दाखिल हो चुके हैं और रूसी सैनिक विद्रोहियों के साथ मिलकर यूक्रेन सेना के नियंत्रण वाले इलाके की ओर बढ़ रहे हैं। दोनों…

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जन भागिदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण असंभव  है

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष (5 जून,) जन भागिदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण असंभव  है लाल बिहारी लाल नई दिल्ली । जब इस श्रृष्टि का  निर्माण हुआ तो इसे संचालित करने के लिए जीवों एवं निर्जीवों का एक सामंजस्य  स्थापित करने के लिए जीवों एवं निर्जीवों के बीच एक परस्पर संबंध का रुप प्रकृति ने…

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माँ (कविता-7)

पूरे घर का काम समेट कर थकान से चूर सुस्ताने को लेटी माँ बेटी के आते ही फुर्ती से रसोई में बेसन,सूजी ढूँढ पकौड़ी-हलवा बनाने लगती है! सबके सामने चुप रहने वाली माँ बेटी के आते ही उसके सम्मुख अकेले में मुखर हो उठती है! कुछ दिनों मायके में रहने आई बेटी को जाते समय…

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मैं भी एक इंसान हूँ, बस पुरुष हूँ

माँ,कभी एक पल को ठहरकर सोचना,तेरा बेटा भी एक इंसान है…हाँ, वो बेटा जिसे तूने बचपन में गिरने से पहले पकड़ लिया था,पर अब जब वो टूट रहा है… तो कोई नहीं देखता। आजकल ज़माना बदल गया है,अब हर पुरुष या तो अपराधी है या अपराधी घोषित कर दिया गया है।समाज में एक ऐसा तबका…

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तिरंगा

        रवि और उसका बेटा गुड्डू आज 15 अगस्त की छुट्टी के दिन अपनी कार में बैठकर एंजॉय करते  हुए बाहर घूम रहे थे और गुड्डू जगह जगह रुककर पूरे शहर का मजा ले रहा था।         एक चौराहे पर अचानक एक छोटा सा बच्चा हमारा तिरंगा झंडा बेचता हुआ दिखाई दिया।भारत के तिरंगे को…

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मानव अधिकारों के जागरुकता का दिन

(मानव अधिकार दिवस पर विशेष-10 दिसंबर )लाल बिहारी लालनई दिल्ली। आज मानव के अधिकारों के संरक्षण का संवैधानिक दर्जा पूरी दुनिया प्राप्त है। मानव अधिकारों से अभिप्राय ”मौलिक अधिकारों एवं स्वतंत्रता से है जिसके सभी मानव प्राणी समान रुप से हकदार है। जिसमें स्वतंत्रता, समाजिक ,आर्थिक औऱ राजनैतिक रूप में देना है। जैसे कि जीवन…

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