Latest Updates

हिंदी भाषा की उत्पत्ति एवं विकास एवं अन्य भाषाओँ का प्रभाव (हिंदी दिवस पर विशेष )

डॉ सुशील शर्मा प्रारम्भिक अवस्था में मानव ने अपने भावों-विचारों को अपने अंग संकेतों से प्रषित किया होगा बाद में इसमें जब कठिनाई आने लगी तो सभी मनुष्यों ने सामाजिक समझौते के आधार पर विभिन्न भावों, विचारों और पदार्थों के लिए अनेक ध्वन्यात्मक संकेत निश्चित कर लिए। यह कार्य सभी मनुष्यों ने एकत्र होकर विचार…

Read More

पति – पत्नी

 सुधांशु बहुत खुश था , बिज़नेस में फायदा हुआ था , और अपनी शादी की तीसवीं वर्षगांठ पर, पत्नी आभा को बढ़िया सा उपहार देना चाहता था, उसने ऑफिस से फ़ोन किया , “ सुनो आज शाम को खाना बाहर खाएंगे। ” “ क्यों ? “ “ क्यों क्या , बहुत दिन हो गए हैं…

Read More

मां : राकेश कुमार (बिहार)

माँ अपनी छाया जरूर देना,  कुछ देना या ना देना माँ तू प्यार देना,  चंचल हु नादान हु गले से अपना लगा देना,  माँ मुझे किसी की नज़र ना लगने देना,  लाल हू तेरा माँ विजयी सितारा लगा देना।  प्यार भरा आशीर्वाद रहे हीरा जैसा चमका देना।  आँखों की रोशनी तू मुझे अपना बना देना।…

Read More

चीफ ऑफ डिफेंस बिपिन रावत के लिए करोड़ों नतमस्तक !

सीडीएस जनरल बिपिन रावत की हेलिकॉप्टर दुर्घटना ने कई हवाई दुर्घटनाओं की याद दिला दी । ऐसी ही एक हवाई दुर्घटना में हमारे सबसे बड़े परमाणु वैज्ञानिक की मौत हुई थी और उस एक मौत से हमारा परमाणु कार्यक्रम कई वर्ष पीछे चला गया था । हम बात कर रहे हैं डॉ. होमी जहांगीर भाभा…

Read More

सत्याग्रह के सही मायने !

आज के समाज में  राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के विचार निसंदेह प्रासंगिक है । जिस सत्य अहिंसा और सद्भाव की बात राष्ट्रपिता गांधी करते थे वो आज के वर्तमान समय में लालच लाचारी और भ्रष्टाचार की भेट चढ़ चुकी है । प्रत्येक वर्ष हम दो अक्टूबर को महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जी का…

Read More

व्यंग्य – थप्पड़ खाकर उबरे नेता, मानुष, चून…….

    पंकज सी बी मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर राजनीति में थप्पड़ खाना कभी कभी जरुरी हो जाता है। ये अलग बात है कि कभी थप्पड़ आप खुद आर्गेनाइज करवाते है और कभी कभी यह विपक्ष आर्गेनाइज करा के देता है या फिर कभी कभी देश के होनहार भगत सिंह टाइप के युवा  सधे…

Read More

अप्रेल फूल बनाया…… !

अब अप्रेल फूल कोई नहीं बनाता । पहले तो एक दिन निर्धारित कर दिया गया था कि केवल इसी दिन किसी को भी कोई भी अप्रेल फूल बना सकता है । इसी कारण से ही एक अप्रेल को लोग सतर्क हो जाते थे और कोषिष करते थे कि वे अप्रेल फूल न बन पाएं ।…

Read More

ऐसे करें हिंदी भाषा के पेपर की तैयारी

 डॉ. नीरू मोहन ‘ वागीश्वरी नई दिल्ली : सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं नज़दीक हैं । 10 वीं एवं 12 वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए यह समय बहुत कीमती होता है उन्हें इस समय को बहुत ही सावधानी से खर्च करना चाहिए । 10 वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए यह स्थिति तनावग्रस्त होती है ।…

Read More

धरा को बचाने के लिए जनभागिदारी जरुरी है- लाल बिहारी लाल

देश दुनिया में पर्यावरण का तेजी से क्षति होते देख अमेरिकी सीनेटर जेराल्ट नेल्सन ने 7 सितंबर 1969 को घोषणा की कि 1970 के बसंत में पर्यावरण पर राष्ट्रब्यापी जन साधारण प्रदर्शन किया जायेगा। उनकी मुहिम रंग लायी और इसमें 20 लाख से अधिक लोगो ने भाग लिया। और उनके समर्थन में जानेमाने फिल्म और…

Read More

अगले वर्ष: राजनीति और नीतिगत चुनौतियां : डॉ. विजय गर्ग

जैसे-जैसे वर्ष 2025 समाप्त होता जा रहा है, हम 2019 के कगार पर खड़े हैं और आगे क्या होने वाला है, इसका अनुमान लगा रहे हैं। क्रिस्टल बॉल क्या कहती है? इससे उभरती घटनाओं और राजनीतिक बदलावों की संभावना का पता चलता है जो आने वाले वर्ष में दुनिया को आकार दे सकते हैं। उल्लेखनीय…

Read More