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भारत के सांस्कृतिक पुनरूत्थान के विश्वकर्मा हैं नरेन्द्र मोदी

यह सुखद संयोग है कि आज देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा जी व राष्ट्रशिल्पी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का जन्मदिन एक साथ है। पिछले वर्ष प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में अपने संबोधन में कहा था कि हुनरमंद ही आज के युग के विश्वकर्मा हैं। प्रधानमंत्री स्वयं भी इसी दायरे में आते हैं। भगवान विश्वकर्मा ने…

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“भव्य रंग महोत्सव -1 का सफल आयोजन

27 मार्च 2021 -शनिवार ” विश्व रंग मंच दिवस” के अवसर पर शादी पुर – रंजीत नगर,नई दिल्ली के “सफ़दर स्टूडियो” में “भव्य कल्चरल सोसाइटी” के सौजन्य से” भव्य रंग महोत्सव-१” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ हर्षित के मधुर स्वरों में गिटार के साथ गणेश वंदना के साथ किया गया। उसके बाद तीन…

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आज अंगूठी ढूंढ रही है

जीवन के आमंत्रित सुख अब,निर्मोही दुष्यंत बन गए। मेरे गीतों में शकुंतला आज अंगूठी ढूंढ रही है । मृगछोंनों सी मृदुल फ़ुहारें, झुलसा देतीं हैं हथेलियां, सांसों की बुझती बाती की, तम ने छीनी हैं सहेलियां। मन के काण्वाश्रम में स्मृति क्षण,विरह होम के मंत्र बन गए, तन की समिधा में शकुंतला आज अंगूठी ढूंढ…

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“पहलगाम में आतंकी हमला: राष्ट्र के साथ खड़े होने का समय”

“पहलगाम में आतंकी हमला: राष्ट्र के साथ खड़े होने का समय” प्रश्न पूछने के अवसर भी आएँगे, अभी राष्ट्र के साथ खड़े होने का समय है। राष्ट्र सर्वोपरि। हाल की पहलगाम घटना में एक हिंदू पर्यटक को आतंकवादियों ने धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाया। यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि भारत की…

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 राष्ट्रीय महापर्व छब्बीस जनवरी।

छब्बीस जनवरी पर्व मनाते, संविधान के मान में।  लागू सन् उन्नीस सौ पचास से, भारत के सम्मान में॥  प्रथम राष्ट्रपति डाॅ राजेन्द्र प्रसाद ने, देश का मान बढ़ाया।  तिरंगा लाल किला पर दिल्ली, प्रातः आठ बजे फहराया॥  मिली सलामी इक्कीस तोपों, वीरों के बलिदान में।  छब्बीस जनवरी पर्व मनाते, संविधान के मान में॥  राष्ट्रपति भाषण…

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कविता– “कोरोना”

हिन्दू है न ये मुसलमान कोरोना, रक्तबीज राक्षस विषाणु कोरोना। जो ग्रास बने हैं उन्हें उपचार चाहिए, सबका इस व्याधि से बचाव चाहिये। साबुन से हाथ धुलें मास्क लगाएं, छींकें मुह ढ़क सामाजिक दूरी बनाये। संक्रमण बचाना ही अचूक है इलाज, जन जागरण से ही बचेगा ये समाज। न हो सामूहिक पूजा न समूह में…

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कोऊ नृप होऊ, हमें का हानि……..

आजकल बड़े बैनर के अखबारों का झुकाव विज्ञापन के लिए काफ़ी हद तक सरकारों के पक्ष में रहती है। शुरुआती  दिनों में मैं ज़ब अखबार में काम नहीं  करता था और दुर्भाग्य से एक बार एक अख़बार खरीद लिया था। उसमें लिखा था सरकारी  छँटनी होनी थी वो हो चुकी थी औऱ हम कुछ ऐसे…

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कोविड-19 टर्मिनॉलजी

(सारिका पंकज ) 1. हर्ड इम्युनिटी क्या है? 2.फिजिकल डिस्टेंसिंग से क्या अभिप्राय हैं? 3.क्या होता है इन्क्यूबेशन पीरियड? 4.पेशेंट 31 का अर्थ 5.आइसोलेशन तथा क्वारंटीन की परिभाषा 6.क्वारंटीन और आइसोलेशन में अंतर 7 आरटी-पीसीआर टेस्ट 8.ऐंटीबॉडी टेस्ट 9. लॉकडाउन की परिभाषा और कानूनी आधार  10. यूपीएससी प्रीलिम्स प्रैक्टिस क्वेश्चन हर्ड इम्युनिटी क्या है?- हर्ड…

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02 जून का दिन वास्तव में गहन चिंतन का दिन है

आज के दिन यानी 02 जून, 1947 को भारत के शीर्ष नेताओं ने भारत के अंतिम वायसराय लॉर्ड लुईस माउंटबेटन के घर पर देश के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण बैठकों में से एक के लिए एकत्र हुए। और वह बैठक थी भारत-पाक विभाजन की योजना के संबंध में। माउंटबेटन, जो सिर्फ़ तीन महीने पहले ही…

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भारत की एकता शांति समृद्धि और विकास का संकल्प हो

कविता मल्होत्रा (संरक्षक , स्तंभकार, उत्कर्ष मेल) भारत की आज़ादी का जश्न मनाने के लिए राष्ट्रीय ध्वज फहरा देने भर से किसी भी भारतवासी का अपने राष्ट्र के प्रति दायित्व पूरा नहीं हो जाता।भारत की एकता, शांति, समृद्धि और विकास का प्रतीक तिरंगा फहराना कोई रस्म नहीं बल्कि अपने देश के प्रति रक्षात्मक प्रवृत्ति का…

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