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जीवन में बढ़ता हुआ “विकल्प “ सही या ग़लत ?

आधुनिक युग में जीवन में बढ़ता हुआ विकल्प चुनौतियां लेकर आता है ,चुनौतियों को अस्वीकार करना ही जीवन संघर्ष बन जाता है और तब जीवन में विकल्प की कमी हो तब विकल्प ढूँढो ताकि जीवन में एक नए मौके मिलतेरहे ….क्योंकि नए मौके जीवन को नई उम्मीद के साथ जोड़कर जीवन को सफलता की ओर…

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मेहनत ही प्रकाश है

जब मेहनत से जी चुराता है इंसान,अपने जीवन का उद्देश्य भूल जाता है।फिर वह प्रकाश की राह छोड़,अंधकार की ओर बढ़ जाता है।इसलिए लग जाओ अपने कर्म में,स्वयं का लो तुम संग्यान।मेहनत से बढ़ाओ अपना ज्ञान,भटकने मत दो अपना ध्यान।समय की बर्बादी कर देगी तुम्हें बर्बाद,इसलिए कुछ बनने की ठान।आलस्य को भगाओ अपने से कोसों…

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मोदी सरकार के कुछ अनसुलझे कदम !

हाल ही मे एन आर सी एक ऐसा मुद्दा रहा जिस पर ओवैसी और बदरुद्दीन अजमल जैसे दंगापसन्द  लोगो को बोलने का मौका मिल गया । एन आर सी जैसे कदम वाकई उचित और देशहित मे है । ये हर राज्य मे लागू होना ही चाहिए । किन्तु ऐसे अन्य कई फैसले जो मोदी सरकार…

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साक्षात्कार : आने वाली पीढी के लिए ज्ञान का महासागर भरा पडा है। –रामदेव धुरंधर

मॉरीशस के वरिष्ठ साहित्यकार रामदेव धुरंधर से राजेन्द्र परदेसी की बातचीत । प्रश्न 1 – मित्र रामदेव धुरंधर जी, आपसे एक महत्वपूर्ण प्रश्न करता हूँ। हिन्दी जगत में एक धारणा बनी होती है आप भारत के नागरिक थे जो मॉरिशस में जा कर बस गए हैं। आप इस पर क्या कहेंगे?उत्तर – आपका प्रश्न स्वयं…

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ये कैसी अजब नगरी है

ये कैसी अजब नगरी है जहाॅं कोई राजा  और कोई रंक है कोई आसमान में बैठा कोई ज़मीन की धूल में लेटा है कोई ऐसी के आलिशान कमरों में सोता तो कोई सड़क के किनारे फुटपाथ पर सारी रात जागता है कोई फाईव स्टार होटल में आराम से बढ़िया व्यंजन खाता तो कोई उनकी जूठन…

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केवल चुनावी राज्यों में ही बगरो बसंत है

कुशलेन्द्र श्रीवास्तव कसम से भैया बसंत आ गयो है । अब हमें कहां बसंत नजर आता है बसंत तो अपनी पूरी बयार उत्तरप्रदेश के गलियों मं बिखेर रहा है । कईयों के चेहरे पीले हो गए हैं और कईयों के घरों के पक्के आंगन में वोट मांगने वाले वैसे ही जमा दिखाई दे रहे हैं…

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पंच से पक्षकार

          हरिप्रसाद और रामप्रसाद दोनों सगे भाई थे। उम्र के आखिरी पड़ाव तक दोनों के रिश्ते ठीक-ठाक थे। दोनों ने आपसी सहमति से रामनगर चौराहे वाली अपनी पैतृक जमीन पर दुकान बनाने का सोचा, ताकि उससे जो आय हो उससे उनका जीवन सुचारू रूप से चल सके।       दुकान का काम चल ही रहा था…

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खुदा से अर्ज ! – डॉक्टर सुधीर सिंह

हम ने खुदा से अर्ज की;ऐ रब ! सबों पर रहम कर| सब को दिखा वह रास्ता, जो हो मुहब्बत की डगर| हम को फरिश्ता मत बना; बंदा बना कुछ काम का, अवसाद और गम कम करें , हमदर्द बन इंसान का| दुनिया में दुख और दर्द है; एहसास हम इसका करें, न रहें कभी…

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एक थी सुमन… (स्टबर्न बट काइंड, लविंग बट फ़ेयर)

(राजसभा डाइरेक्टर, अंग्रेज़ी की प्रोफेसर, अप्रैल 4, 1956-जून 27-2020) बिहार भागलपुर के एक छोटे से गाँव कमलपुर में पैदा हुई सुमन माला ठाकुर , मध्यमवर्गीय एक आम परिवार में ४ एप्रिल १९५६ में पैदा हुई जहां नातो पैसा था ना ही लड़कियों के लिए शिक्षा का महत्व। ऐसे में सुमन के दादा बिंदेश्वरी प्रसाद ठाकुर…

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किंडरजॉय प्लेवे स्कूल, ने उत्साह व चाव से लोहरी का त्यौहार मनाया

जनकपुरी, लाजवंती, सागरपुर, नांगल राया तथा आसपास के क्षेत्रवासियों के लिए खुशखबरी है कि अपने क्षेत्र में असीम पब्लिक स्कूल (डी-1 जनकपुरी में) पिछले 35 वर्षों से छोटे बच्चों को सुरक्षित, शिक्षित, एवं संस्कारी अध्यापकों की देखरेख में स्कूल के बच्चों को पनपाकर आगे बढ़ने में मदद करते आ रहा है.  श्रीमती मंजु कत्याल जी…

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