एप्सटिन फ़ाइल्स : शर्म, सन्नाटा और हमारी सामूहिक विफलता
सत्ता-संरक्षित अपराधों के सामने समाज, मीडिया और न्याय की सामूहिक परीक्षा) — डॉ. सत्यवान सौरभ इतिहास के कुछ क्षण ऐसे होते हैं जब सभ्यता अपने ही आईने में झाँकने से डरने लगती है। आज हम ठीक उसी मोड़ पर खड़े हैं। जिन कांडों का खुलासा हो रहा है—जिनके वीडियो, दस्तावेज़ और गवाह सार्वजनिक हो चुके…
